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यह सिर्फ आंकड़े नहीं किसी का बच्चा था परीक्षा के तनाव पर लोकसभा में बोले शशि थरूर…


Parliament Monsoon session Live: संसद में एंटी-पेपर लीक बिल और देश की शिक्षा व्यवस्था को लेकर सरकार और विपक्ष के बीच तीखी बहस देखने को मिली. कांग्रेस सांसद शशि थरूर ने बेहद भावुक अपील करते हुए कहा कि परीक्षाओं के नतीजे और आंकड़े महज संख्याएं नहीं हैं बल्कि इनके पीछे किसी युवा के सपने और जीवन की कहानी छिपी होती है. उन्होंने जोर दिया कि किसी एक परीक्षा की असफलता को जिंदगी की हार नहीं माना जाना चाहिए. इसी बहस को आगे बढ़ाते हुए AIMIM प्रमुख असदुद्दीन ओवैसी ने एक बड़ा तकनीकी सुझाव दिया. उन्होंने इंसानी दखल को पूरी तरह खत्म करने के लिए 1 लाख प्रश्नों का AI-आधारित क्वेश्चन बैंक बनाने की वकालत की. ओवैसी ने चेतावनी भी दी कि अगर देश का युवा विरोध-प्रदर्शनों के जरिए नतीजे हासिल करने की आदत बना लेगा तो लोकतंत्र और संसद पर से उसका भरोसा उठ जाएगा.

1 लाख सवालों का बने AI बैंक… पेपर लीक पर ओवैसी के संसद में अहम सुझाव

लोकसभा में एंटी-पेपर लीक बिल पर बोलते हुए AIMIM प्रमुख असदुद्दीन ओवैसी ने केंद्र सरकार को अहम सुझाव दिया. उन्होंने कहा कि मानव हस्तक्षेप को खत्म करने के लिए 1 लाख प्रश्नों का AI आधारित क्वेश्चन बैंक बनाया जाना चाहिए. ओवैसी ने चेतावनी दी कि यदि युवा विरोध-प्रदर्शनों के जरिए ही नतीजे हासिल करने पर विश्वास करने लगेंगे तो वे संसद पर भरोसा करना बंद कर देंगे जिससे देश में अराजकता फैलेगी. सजा और जुर्माने के कड़े प्रावधानों पर सवाल उठाते हुए उन्होंने कहा कि केवल सजा बढ़ाने से कुछ नहीं होगा. सरकार ने जवाबदेही खत्म कर दी है और जांच एजेंसियों को मजबूत करने व दोषियों को सजा देने के पर्याप्त अधिकार नहीं दिए हैं.

‘यह सिर्फ आंकड़े नहीं, किसी का बच्चा था…’: परीक्षा के तनाव पर लोकसभा में बोले शशि थरूर

संसद में प्रतियोगी परीक्षाओं के बढ़ते दबाव पर बोलते हुए कांग्रेस सांसद शशि थरूर ने बेहद भावुक और गंभीर मुद्दा उठाया. उन्होंने कहा, “यह समझना बेहद जरूरी है कि यह सिर्फ आंकड़े नहीं हैं. वह किसी का बच्चा था, किसी की किताबें टेबल पर रखी रह गईं, और कोई यह मान बैठा कि परीक्षा में असफल होने का मतलब जिंदगी में हार जाना है. हम उनके माता-पिता और देशवासियों को क्या जवाब देंगे?” थरूर ने देश में गुणवत्तापूर्ण संस्थानों और सीटों को बढ़ाने की मांग करते हुए कहा कि एक अकेली परीक्षा किसी युवा के जीवन का अंतिम फैसला नहीं बननी चाहिए.

चरित्र हनन की कोशिश कर रही थीं प्रियंका गांधी… जगदंबिका पाल ने बयान पर उठाए सवाल

लोकसभा में पेपर लीक रोकने से जुड़े विधेयक पर चर्चा के दौरान भाजपा सांसद जगदंबिका पाल ने कांग्रेस सांसद प्रियंका गांधी वाड्रा के भाषण पर कड़ी आपत्ति जताई. उन्होंने कहा कि केंद्र सरकार परीक्षाओं में पेपर लीक और नकल माफिया पर लगाम लगाने के लिए सख्त कानून लेकर आई है. इस विधेयक में फास्ट ट्रैक कोर्ट और मामलों की त्वरित सुनवाई जैसे प्रावधान किए गए हैं. पाल ने आरोप लगाया कि विधेयक के प्रावधानों पर चर्चा करने के बजाय प्रियंका गांधी ने केंद्रीय मंत्री प्रह्लाद जोशी पर आरोप लगाए. उन्होंने कहा कि लोकसभा के नियम 353 के तहत किसी मंत्री या सदस्य पर आरोप लगाने से पहले स्पीकर को लिखित सूचना देना और उनकी अनुमति लेना अनिवार्य है. जगदंबिका पाल ने कहा कि इस प्रक्रिया का पालन नहीं किया गया और नए शिक्षा मंत्री की छवि खराब करने का प्रयास किया गया.

‘गांधी परिवार को ट्यूशन की जरूरत’: प्रियंका-राहुल पर निशिकांत दुबे का तंज, बोले- तानाशाही मानसिकता आई सामने

कांग्रेस पर बड़ा हमला बोलते हुए भाजपा सांसद निशिकांत दुबे ने प्रियंका गांधी और राहुल गांधी की भाषा शैली पर कड़ा एतराज जताया है. दुबे ने कहा कि मीडिया को पालतू कहना आपातकाल वाली मानसिकता को दर्शाता है और लोकतंत्र के चौथे स्तंभ पर ऐसा हमला केवल गांधी परिवार ही कर सकता है. उन्होंने आगे कहा कि संसद और संविधान की अपनी गरिमा व नियम होते हैं लेकिन प्रियंका जी ने सदन के भीतर और राहुल जी ने बाहर जिस तरह की भाषा का प्रयोग किया, उससे साफ है कि इन्हें बातचीत का सलीका सीखने के लिए ट्यूशन की सख्त आवश्यकता है.

प्रियंका गांधी का प्रह्लाद जोशी पर विवादित बयान लोकसभा की कार्यवाही से हटाया गया

लोकसभा में एंटी-पेपर लीक बिल पर चर्चा के दौरान उस समय भारी हंगामा देखने को मिला जब कांग्रेस सांसद प्रियंका गांधी ने केंद्रीय शिक्षा मंत्री प्रह्लाद जोशी पर गंभीर टिप्पणी कर दी. प्रियंका गांधी के इस बयान पर तुरंत पलटवार करते हुए संसदीय कार्य मंत्री किरेन रिजिजू ने इसे चरित्र हनन करने वाला बयान करार दिया और कड़ी आपत्ति जताते हुए इस टिप्पणी को हटाने की मांग की. सत्तापक्ष के कड़े विरोध और आपत्ति के बाद पीठासीन अधिकारी ने मामले को गंभीरता से लेते हुए प्रियंका गांधी द्वारा प्रह्लाद जोशी पर की गई उस पूरी टिप्पणी को सदन की कार्यवाही से हटा (Expunge) दिया.

संसद में गृह मंत्री के कमरे में पहुंचे पीयूष गोयल, रिजिजू और प्रल्हाद जोशी; अहम बैठक शुरू

संसद सत्र के दौरान राजनीतिक हलचल तेज हो गई है. इसी बीच केंद्रीय गृह मंत्री से मुलाकात करने के लिए प्रल्हाद जोशी, पीयूष गोयल और किरेन रिजिजू पहुंचे हैं. संसद भवन स्थित कार्यालय में नेताओं के बीच यह अहम बैठक चल रही है. दूसरी तरफ लोकसभा की कार्यवाही सुचारू रूप से जारी है, जहां पेपर लीक रोकथाम से संबंधित संशोधित विधेयक 2026 पर गंभीर चर्चा की जा रही है.

‘RSS से जुड़ें, देश के बारे में सोचना सीखें…’ प्रियंका गांधी पर बरसे अनुराग ठाकुर

दिल्ली में संसद परिसर में भाजपा सांसद अनुराग ठाकुर ने कांग्रेस सांसद प्रियंका गांधी के गौमूत्र एक्सपर्ट वाले बयान पर तीखी प्रतिक्रिया दी. उन्होंने कहा कि वह प्रियंका गांधी को सदन में जवाब देंगे. अनुराग ठाकुर ने आरोप लगाया कि प्रियंका गांधी गंभीर मुद्दों पर भी मासूम चेहरा बनाकर लोगों को गुमराह करने की कोशिश करती हैं और अपनी सरकार की पिछली विफलताओं को छिपाती हैं. उन्होंने कहा कि प्रियंका गांधी ने आईआईटी मद्रास के प्रोफेसर वी. कामकोटी पर की गई टिप्पणी से देश के एक प्रतिष्ठित वैज्ञानिक का अपमान किया है. ठाकुर ने कहा कि अगर कोई राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ (आरएसएस) से जुड़ा है तो इसमें कुछ भी गलत नहीं है. उन्होंने प्रियंका गांधी को भी आरएसएस से जुड़ने की सलाह दी. आगे उन्होंने कहा कि उन्हें लगा था कि प्रियंका गांधी राहुल गांधी से अलग होंगी, लेकिन आज की टिप्पणी के बाद उन्हें लगा कि दोनों की सोच एक जैसी है. साथ ही उन्होंने गौमूत्र को लेकर भी विवादित टिप्पणी की.

रिजिजू ने जताई आपत्ति, तो प्रियंका ने स्पीकर को सौंपे सबूत; संसद में पेपर लीक पर गजब बवाल

संसद में एंटी-पेपर लीक बिल पर जारी बहस के दौरान जोरदार हंगामा देखने को मिला. कांग्रेस सांसद प्रियंका गांधी वाड्रा द्वारा केंद्रीय शिक्षा मंत्री को लेकर दिए गए बयानों पर संसदीय कार्य मंत्री किरेन रिजिजू ने कड़ी आपत्ति जताई और उनसे प्रमाणिकता (ऑथेंटिकेशन) की मांग की थी. रिजिजू की आपत्ति के जवाब में प्रियंका गांधी ने आक्रामक रुख अपनाते हुए अपने बयानों के समर्थन में दस्तावेज और वीडियो सबूत लोकसभा स्पीकर कार्यालय को ऑथेंटिकेशन के लिए सौंप दिए हैं. एक तरफ जहां संसद में पेपर लीक मुद्दे पर सरकार और विपक्ष आमने-सामने हैं, वहीं इस गहमागहमी के बीच गृहमंत्री अमित शाह और केंद्रीय मंत्री प्रहलाद जोशी की बैठक भी चर्चा में आ गई है.

‘संसदीय बिल पर ध्यान दे विपक्ष, बिना किसी ठोस आधार के आरोप न लगाए’: प्रियंका गांधी के बयान पर केंद्रीय मंत्री अर्जुन राम मेघवाल का पलटवार

प्रियंका गांधी द्वारा केंद्रीय मंत्री प्रहलाद जोशी पर दिए गए बयान को लेकर विवाद गर्मा गया है. इस पर तीखी प्रतिक्रिया देते हुए केंद्रीय कानून मंत्री अर्जुन राम मेघवाल ने विपक्ष को नसीहत दी है. उन्होंने साफ कहा कि विपक्ष को संसद में आ रहे विधेयकों (बिल) पर अपना ध्यान केंद्रित करना चाहिए. उन्होंने जोर देकर कहा कि बिना किसी ठोस आधार और प्रमाण के किसी पर भी बेबुनियाद आरोप लगाने से बचा जाना चाहिए.

सुप्रिया सुले तीन दिनों तक व्हाट्सएप का इस्तेमाल नहीं कर सकीं… पेपर लीक पर चर्चा के बीच दयानिधि मारन ने ऐसा क्‍यों कहा?

लोकसभा में एंटी-पेपर लीक बिल पर चर्चा के दौरान डीएमके (DMK) सांसद दयानिधि मारन ने केंद्र सरकार और पुलिस प्रशासन पर तीखे हमले बोले. मारन ने कहा कि पीएम का वीडियो हटाए जाने के मामले में तो मेटा (Meta) प्रमुख को जवाब देने के लिए बुला लिया गया, लेकिन पुलिस द्वारा मेटा ग्लासेज (Meta Glasses) के जरिए प्रदर्शनकारी छात्रों की निगरानी करने के मुद्दे पर जनता को जवाब कौन देगा? उन्होंने कहा, “हमने उन छात्रों से मुलाकात की है. जब डॉक्टर से बात की तो उन्होंने लाचारी जताते हुए कहा कि वे कुछ नहीं बोल सकते और हमें स्वास्थ्य मंत्री से मिलने को कहा.” मारन ने आगे तंज कसते हुए कहा कि सुप्रिया सुले मैसेज फॉरवर्ड करने की सीमा (Forward Limit) के कारण तीन दिनों तक व्हाट्सएप का इस्तेमाल ही नहीं कर सकीं.

छात्र शांतिपूर्ण आंदोलन कर रहे थे लेकिन उन पर लाठियां बरसाई गईं… पेपर लीक पर संसद में क्‍या बोलीं डिंपल यादव?

लोकसभा में बोलते हुए सपा सांसद डिंपल यादव ने पेपर लीक मुद्दे पर सरकार को घेरा. उन्होंने सवाल उठाया कि क्या पेपर लीक सरकार का कोई षड्यंत्र तो नहीं है? पेपर रद्द होने और निराशा के कारण कई छात्रों ने आत्महत्या कर ली, जिससे हमारे बच्चों ने अपनी जान गंवाई. उन्होंने कहा कि छात्र शांतिपूर्ण आंदोलन कर रहे थे लेकिन उन पर लाठियां बरसाई गईं और सिर फोड़े गए. समाजवादी पार्टी पूरी तरह छात्रों के साथ खड़ी है.

जब नौकरी ही एजेंडे में नहीं, तो आरक्षण कैसे बचेगा? NEET मुद्दे पर BJP पर बरसे अखिलेश यादव

NEET और शिक्षा व्यवस्था के मुद्दे पर समाजवादी पार्टी के अध्यक्ष अखिलेश यादव ने केंद्र और उत्तर प्रदेश सरकार पर तीखा हमला बोला. उन्होंने दावा किया कि देशभर में प्राथमिक विद्यालय बंद किए जा रहे हैं और सबसे अधिक 22,000 स्कूल उत्तर प्रदेश में बंद हुए हैं. उन्होंने कहा कि मुख्यमंत्री के संसदीय क्षेत्र गोरखपुर में ही 500 प्राथमिक विद्यालय बंद कर दिए गए हैं. अखिलेश यादव ने आरोप लगाया कि इंटरमीडिएट स्कूलों, पॉलिटेक्निक और आईटीआई में भी प्रवेश प्रभावित हो रहे हैं. उन्होंने कहा कि उच्च शिक्षा संस्थानों में एकतरफा सोच वाले लोगों की नियुक्तियां की जा रही हैं. उनका आरोप था कि जब भाजपा के एजेंडे में रोजगार नहीं है, तो आरक्षण भी सुरक्षित नहीं रह सकता. उन्होंने कहा कि प्राथमिक शिक्षा से लेकर उच्च शिक्षा तक दलितों और अल्पसंख्यकों के साथ आरक्षण के मुद्दे पर बड़ा धोखा हो रहा है.

संसद में रिजिजू की आपत्ति के बाद बाहर मीडियावालों को मोबाइल में क्‍या दिखाने लगी प्रियंका गांधी?

संसद में भारी हंगामे के बाद बाहर आते ही कांग्रेस सांसद प्रियंका गांधी के तेवर और सख्त नजर आए. जब पत्रकारों ने संसद में दिए उनके बयानों के ऑथेंटिकेशन (प्रमाणिकता) पर सवाल पूछा, तो प्रियंका ने अचानक अपना मोबाइल निकालकर मीडियाकर्मियों को एक वीडियो दिखाना शुरू कर दिया. प्रियंका ने तीखे लहजे में कहा, “महिलाओं को आगे रखकर यह किस तरह का तरीका है? मैं अभी इसका ऑथेंटिकेशन कर रही हूं. मैंने इसे भेज दिया है और मेरे पास पूरा वीडियो मौजूद है. मैं तय प्रक्रिया के तहत सभी दस्तावेज संसद को मुहैया कराऊंगी.” मोबाइल पर सबूत दिखाते हुए उनका यह अंदाज चर्चा का केंद्र बन गया.

‘भाजपा को सच सुनने की आदत डालनी चाहिए’, प्रियंका गांधी के समर्थन में वर्षा गायकवाड़ का हमला

प्रियंका गांधी के बयान के बाद कांग्रेस सांसद वर्षा गायकवाड़ ने सरकार पर निशाना साधा. उन्होंने कहा कि प्रियंका गांधी ने सदन में सच कहा और सत्ता पक्ष के सदस्यों के आपत्ति जताने पर अपने बयान का प्रमाणीकरण भी किया. गायकवाड़ ने आरोप लगाया कि केंद्रीय मंत्री किरेन रिजिजू और सांसद निशिकांत दुबे के भाषण के दौरान अलग रवैया अपनाया गया. उन्होंने कहा कि भाजपा को सच सुनने की आदत डालनी चाहिए और याद रखना चाहिए कि सच, अहंकार से बड़ा होता है.

प्रियंका ने नाम लिए बिना नए शिक्षा मंत्री पर क्‍या कहा? किरन रिजिजू ने तुरंत दिया जवाब

लोकसभा में एंटी-पेपर लीक बिल की चर्चा अचानक सियासी संग्राम में बदल गई. कांग्रेस सांसद प्रियंका गांधी ने जब एक केंद्रीय मंत्री पर रेप के आरोपियों की रिहाई का स्वागत करने का तीखा आरोप जड़ा, तो सदन का तापमान एकाएक बढ़ गया. सत्ता पक्ष के जोरदार हंगामे के बीच संसद टीवी का लाइव प्रसारण रोक प्रियंका का माइक बंद कर दिया गया. वहीं, संसदीय कार्य मंत्री किरेन रिजिजू ने इसे गंभीर चरित्र हनन करार देते हुए सीधे माफी की मांग कर दी.

व्यवस्था की नाकामी के चलते प्रतिभा और मेहनत के बजाय अब पैसों और रसूख को तरजीह: प्रियंका गांधी

प्रियंका गांधी ने कहा कहा कि आज छात्र सिर्फ पेपर लीक रोकने और परीक्षा माफिया को खत्म करने की जायज मांग कर रहे हैं. देश का हर गरीब माता-पिता अपनी जमीन और गहने बेचकर बच्चों को पढ़ाता है, लेकिन व्यवस्था की नाकामी के चलते प्रतिभा और मेहनत के बजाय अब पैसों और रसूख को तरजीह दी जा रही है.

आंसू गैस के गोले और पलेट गन चलाने का आदेश आखिर किसने जारी किया था? प्रियंका का सवाल

प्रियंका गांधी ने प्रधानमंत्री और गृह मंत्री पर सीधा हमला करते हुए पूछा कि अहिंसक तरीके से प्रदर्शन कर रहे छात्रों पर इतनी बर्बरता की क्या जरूरत थी? उन्होंने सवाल उठाया कि हक की आवाज उठा रहे युवाओं पर लाठीचार्ज, आंसू गैस के गोले और पलेट गन चलाने का आदेश आखिर किसने जारी किया था?

जब घायल छात्र की मां से मैं मिली तो छलका उसका दर्द: प्रिंयका गांधी

लोकसभा में बोलते हुए आरएमएल अस्पताल में भर्ती घायल लड़की की मां से मुलाकात पर प्रियंका गांधी ने गहरा दुख जताया. उन्होंने कहा कि पीड़ित मां ने उनसे सवाल किया कि जब बेटी को इस हाल में पहुंचाया गया है तो वे मिलने क्यों आई हैं? इस सवाल ने उन्हें काफी शर्मिंदा किया और वे पीड़ित परिवार का दर्द समझ सकती हैं.

‘छात्रों पर आंसू गैस की क्या जरूरत थी?’ प्रियंका गांधी के सवाल से लोकसभा में बवाल

लोकसभा में पेपर लीक के खिलाफ कड़े कानून पर चर्चा के दौरान कांग्रेस सांसद प्रियंका गांधी ने छात्रों पर आंसू गैस छोड़े जाने पर सवाल उठाया. उन्होंने कहा कि छात्रों के साथ ऐसा व्यवहार उचित नहीं था और किसी के दर्द का मजाक नहीं बनाना चाहिए. प्रियंका गांधी के इस बयान के बाद सदन में जोरदार हंगामा शुरू हो गया. सत्ता पक्ष के सांसदों ने उनके बयान का विरोध किया, जिसके चलते कुछ समय के लिए सदन का माहौल गरमा गया.

लोकसभा में एंटी-पेपर लीक बिल पर घमासान: अभिषेक बनर्जी के भाषण के बीच महुआ मोइत्रा को गुस्‍सा क्‍यों आया?

लोकसभा में ‘पब्लिक एग्जामिनेशन अमेंडमेंट बिल 2026’ पर चर्चा के दौरान उस समय माहौल काफी गरमा गया जब तृणमूल कांग्रेस (TMC) सांसद महुआ मोइत्रा और स्पीकर के बीच तीखी बहस देखने को मिली. जब TMC सांसद अभिषेक बनर्जी परीक्षा प्रणाली में खामियों और छात्रों पर हुए बल प्रयोग को लेकर केंद्र सरकार को घेर रहे थे, तभी सदन में भारी हलचल बढ़ गई. इस दौरान लोकसभा स्पीकर ओम बिरला ने महुआ मोइत्रा को अपनी सीट पर बैठने का निर्देश दिया, लेकिन उन्होंने बैठने से साफ इनकार कर दिया. महुआ मोइत्रा के इस कड़े रुख और विरोध के बाद सदन में विपक्ष का हंगामा और तेज हो गया.





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