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ब्रह्मोस मिसाइल के नाम पर केंद्र सरकार के साथ कांग्रेस भी आ खड़ी हुई है. कांग्रेस के नेतृत्व वाली केरल सरकार ने ब्रह्मोस प्रोडक्शन से जुड़ी फाइल को हरी झंडी दे दी है. केरल सरकार के इस फैसले के बाद इस मिसाइल प्रोग्राम से जुड़ी सभी स्वीकृतियां डीआरडीओ को आसानी से मिल सकेंगी. साथ ही, प्रोग्राम को नई रफ्तार दी जा सकेगी. क्या है पूरा मामला, जानने के लिए पढ़ें आगे..
ब्रह्मोस मिसाइल के प्रोडक्शन को लेकर केरल सरकार ने बड़ा फैसला लिया है. (एआई इमेज)
BrahMos Missile Program: भारत की सुपरसोनिक क्रूज मिसाइल ब्रह्मोस की ताकत बढ़ाने की बात पर कांग्रेस ने भी केंद्र सरकार का साथ देने का मन बना लिया है. जी हां, ब्रह्मोस से जुड़े एक बड़े डिफेंस प्रोजेक्ट को केरल की कांग्रेस सरकार की तरफ से बड़ा तोहफा दिया है. राज्य मंत्रिमंडल ने डीआरडीओ की ब्रह्मोस प्रोजेक्ट के लिए 90 एकड़ अतिरिक्त जमीन देने को मंजूरी दे दी है.
इस मंजूरी के साथ प्रोजेक्ट के लिए जरूरी 180 एकड़ जमीन डीआरडीओ को मिल जाएगी. आपको बता दें कि इस प्रोजेक्ट के लिए पहले केरल सरकार की तरफ से सिर्फ 90 एकड़ जमीन ही आवंटित की गई थी, जबकि डीआरडीओ को कुल 180 एकड़ भूमि की जरूरत थी. जमीन की कमी की वजह से प्रोजेक्ट की कुछ जरूरी मंजूरियां अटकी हुई थीं. केरल सरकार के नए फैसले के बाद यह अड़चन अब दूर हो गई है.
इस पूरे मामले से जुड़ी तीन दिलचस्प बातें
- दो मार्च को तत्कालीन पिनराई विजयन सरकार ने ब्रह्मोस एयरोस्पेस तिरुवनंतपुरम लिमिटेड को कुल 180 एकड़ जमीन नि:शुल्क देने का फैसला किया था. हालांकि वास्तविकता में इस प्रोजेक्ट के लिए केवल 90 एकड़ भूमि का ही आवंटन हुआ था. पूरी जमीन ना मिल पाने की वजह से ब्रह्मोस मिसाइल से जुड़ा यह प्रोजेक्ट की कई स्वीकृतियां अटक गईं थीं.
- मुख्यमंत्री वीडी सतीशन के नेतृत्व वाली मौजूदा सरकार से बाकी 90 एकड़ भी मंजूर मिलने के बाद इस प्रोजेक्ट को पूरी जमीन मिल गई है. आपको बता दें कि चाकाई स्थित ब्रह्मोस एयरोस्पेस तिरुवनंतपुरम लिमिटेड देश की अहम डिफेंस प्रोडेक्शन यूनिट्स इकाइयों में गिनी जाती है. यहां ब्रह्मोस मिसाइल प्रोग्राम से जुड़े कई अहम इक्यूपमेंट और सिस्टम डेवलप किए जाते हैं.
- ब्रह्मोस प्रोजेक्ट के लिए जमीन देने के अलावा केरल सरकार ने एक और बड़ा फैसला लिया है. इस फैसले के तहत, केरल स्टेट इलेक्ट्रॉनिक्स डेवलपमेंट कॉरपोरेशन (केल्ट्रॉन) की अधिकृत शेयर कैपिटल 35 करोड़ रुपये से बढ़ाकर 60 करोड़ रुपये करने की मंजूरी दी गई है. सरकार का मानना है कि इससे राज्य में इलेक्ट्रॉनिक्स और डिफेंस क्षेत्र के प्रोजेक्ट्स को नई रफ्तार मिलेगी.
कैबिनेट ने शेष 90 एकड़ जमीन डीआरडीओ को देने का फैसला किया है. अतिरिक्त भूमि मिलने से ब्रह्मोस प्रोजेक्ट को आगे बढ़ाने के लिए जरूरी बाकी स्वीकृतियां हासिल करने में आसानी होगी. यह प्रोजेक्ट तिरुवनंतपुरम जिले के कट्टक्कडा तालुक के कल्लिक्कड़ गांव में विकसित की जा रही है. यहां सुपरसोनिक क्रूज मिसाइल ब्रह्मोस के साथ अन्य बेहतरीन मिसाइलों और सिस्टम का प्रोडक्शन किया जाएगा. यह प्रोजेक्ट भारत के डिफेंस प्रोडेक्शन को मजबूत करेगा.- वीडी सतीशन, मुख्यमंत्री, केरल
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Anoop Kumar Mishra is currently serving as Assistant Editor at News18 Hindi Digital, where he leads coverage of strategic domains including aviation, defence, paramilitary forces, international…
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