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Loan Moratorium in Asam : असम सरकार ने बाढ़ प्रभावित लोगों को लोन की किस्त देने से छूट दिला दी है. राज्य के मुख्यमंत्री ने कहा है कि बाढ़ प्रभावित इलाकों में लोगों का धंधा चौपट हो गया है. उन्हें अलग से मदद भी दी जाएगी और सभी प्रकार के कर्ज पर किस्त भुगतान से 6 महीने की राहत देने का फैसला किया गया है.
असम में बाढ़ पीड़ितों को 6 महीने तक किस्त से छूट मिल गई है.
नई दिल्ली. कोरोनाकाल का वह समय आपको याद ही होगा, जब रिजर्व बैंक ने 6 महीने के लिए देश में सभी प्रकार के कर्ज पर ब्याज लगाने से इनकार कर दिया था. साथ ही कुछ सेक्टर को तो किस्तें चुकाने से भी छूट दे दी थी. एक बार फिर देश में ऐसा ही कुछ नियम लागू हुआ है. इस बार यह नियम बाढ़ प्रभावित राज्य असम में लागू किया गया है. असम के मुख्यमंत्री हिमंत विश्व शर्मा ने बाढ़ प्रभावित क्षेत्रों में कर्ज लेने वाले लोगों को राहत दी है. उन्होंने घोषणा की कि राज्य के चार जिलों में बाढ़ प्रभावित लोगों के सभी प्रकार के कर्ज की किस्तों के भुगतान पर छह महीने की रोक लगाई जाती है.
शर्मा ने ‘फेसबुक लाइव’ के माध्यम से बताया कि उन्होंने राज्य स्तरीय बैंकर्स समिति (एसएलबीसी) की विशेष बैठक में इसका ऐलान किया है. बैठक में भारतीय रिजर्व बैंक (आरबीआई), नाबार्ड, भारतीय स्टेट बैंक और अन्य सभी वाणिज्यिक बैंकों के प्रतिनिधि शामिल हुए. उन्होंने कहा कि बैठक में शिवसागर, चराईदेव, जोरहाट और गोलाघाट जिलों में कर्ज लेने वाले ग्राहकों के लिए राहत योजना पर फैसला लिया गया. एसएलबीसी ने इन जिलों के सभी बाढ़ प्रभावित लोगों को छह महीने की मोहलत देने का निर्णय किया है.
सिर्फ बाढ़ प्रभावित को ही मिलेगी राहत
मुख्यमंत्री ने कहा कि बैंक कर्ज लेने वाले ग्राहकों की स्थिति का आकलन करेंगे और यह लाभ केवल बाढ़ प्रभावित लोगों को ही मिलेगा. उन्होंने अन्य लोगों से अपील की कि यदि वे इन चार जिलों में बाढ़ से प्रभावित नहीं हुए हैं तो वे अपनी ईएमआई का भुगतान जारी रखें. उन्होंने यह भी कहा कि बाढ़ प्रभावित लोगों द्वारा लिए गए कर्ज की अवधि को ऋण के प्रकार के आधार पर एक वर्ष से बढ़ाकर 7 वर्ष तक किया जा सकता है.
छोटे दुकानदारों को भी राहत
शर्मा ने कहा कि कई छोटे खुदरा दुकानदारों ने कर्ज लिया था. अब उनकी दुकानें पूरी तरह क्षतिग्रस्त हो चुकी हैं और कुछ भी नहीं बचा है. ऐसे दुकानदारों के कर्ज खातों में बैंक बिना किसी गारंटी के अतिरिक्त 10,000 रुपये की राशि उपलब्ध कराएंगे. मुख्यमंत्री ने कहा कि राज्य सरकार बाढ़ से प्रभावित शिवसागर और चराईदेव जिलों में प्रत्येक नामघर (वैष्णव अनुयायियों का पूजा स्थल) के पुनर्निर्माण के लिए एकमुश्त 1.5 लाख रुपये की सहायता देगी.
क्या होता है मोरेटोरियम
लोन मोरेटोरियम के नियम को आपात स्थिति में ही लागू किया जाता है. इसमें कुछ समय के लिए ब्याज से छूट दी जा सकती या फिर किस्त भरने से भी छूट मिल जाती है. कोरोनाकाल में भी ऐसा ही फैसला किया गया था, जब लॉकडाउन की वजह से लोगों की कमाई बंद हो गई थी और कारोबार पर ताला लग गया था. तब वित्तमंत्री ने देशभर के कर्जधारकों को 6 महीने के लिए ब्याज से छूट दिलाई थी. इसमें भी सभी तरह के कर्ज को शामिल किया गया था.
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प्रमोद कुमार तिवारी को शेयर बाजार, इन्वेस्टमेंट टिप्स, टैक्स और पर्सनल फाइनेंस कवर करना पसंद है. जटिल विषयों को बड़ी सहजता से समझाते हैं. अखबारों में पर्सनल फाइनेंस पर दर्जनों कॉलम भी लिख चुके हैं. पत्रकारि…
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