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Real Estate : देश के रियल एस्टेट का बाजार लगातार बदलता जा रहा है. संपत्ति सलाहकार फर्म जेएलएल ने अपनी हालिया रिपोर्ट में बताया है कि शहरी इलाकों में अपार्टमेंट की डिमांड लगातार बढ़ती जा रही है. रिपोर्ट में कहा गया है कि दिल्ली-एनसीआर और मुंबई से ज्यादा अपार्टमेंट की बिक्री बैंगलुरु में हो रही है.
देश में अपार्टमेंट की सबसे ज्यादा डिमांड बैंगलुरु में है.
नई दिल्ली. देश में अपार्टमेंट और फ्लैट की बिक्री लगातार बढ़ती जा रही है. खासकर शहरी इलाकों में तो अपार्टमेंट ही खरीदारों की पहली पसंद बने हुए हैं. प्रॉपर्टी कंसल्टेंट फर्म जेएलएल ने अपनी हालिया रिपोर्ट में बताया है कि देश के 7 प्रमुख शहरों में साल 2026 की पहली छमाही में अपार्टमेंट बिक्री सालाना आधार पर 3 फीसदी बढ़कर 1,38,382 यूनिट पहुंच गई है. बैंगलुरु में सबसे अधिक 35,017 अपार्टमेंट की बिक्री हुई. मुख्य रूप से बेहतर मांग और नई आपूर्ति में वृद्धि से अपार्टमेंट की बिक्री बढ़ी है. अभी तक दिल्ली-एनसीआर और मुंबई के दबदबे को बैंगलुरु में बखूबी चुनौती दी है.
आंकड़ों के अनुसार, देश के आवासीय बाजार ने इस साल की पहली छमाही (जनवरी-जून) में मजबूती दिखाई. सात प्रमुख शहरों में आवासों की बिक्री सालाना आधार पर 3 फीसदी बढ़कर 1,38,382 यूनिट रही. इन 7 शहरों में मुंबई, दिल्ली-एनसीआर, बेंगलुरु, चेन्नई, पुणे, हैदराबाद और कोलकाता शामिल हैं. मुंबई में मुंबई शहर, मुंबई उपनगर, ठाणे शहर और नवी मुंबई शामिल हैं, जबकि दिल्ली-राष्ट्रीय राजधानी क्षेत्र (एनसीआर) में दिल्ली, गुरुग्राम, नोएडा, ग्रेटर नोएडा, गाजियाबाद, फरीदाबाद और सोहना शामिल हैं.
सिर्फ अपार्टमेंट के आंकड़े शामिल
जेएलएल के इन आंकड़ों में केवल अपार्टमेंट को शामिल किया गया है. रॉ-हाउस, विला और भूखंड आधारित परियोजनाओं को इसमें शामिल नहीं किया गया है. जेएलएल ने कहा कि जनवरी-जून अवधि में बैंगलुरु में अपार्टमेंट की बिक्री सालाना आधार पर 16 फीसदी बढ़कर 35,017 यूनिट पहुंच गई, जो व्यापक चुनौतियों के बावजूद बाजार की मजबूती को दर्शाता है. इस दौरान नए फ्लैट की सप्लाई भी 41 फीसदी बढ़कर 48,748 यूनिट हो गई.
क्यों बढ़ रही अपार्टमेंट की डिमांड
जेएलएल इंडिया में आवासीय सेवाओं के प्रमुख शिवा कृष्णन ने कहा कि लगातार शहरीकरण, बुनियादी ढांचा विकास और बढ़ती डिमांड के कारण हाउसिंग सेग्मेंट के बुनियादी कारक मजबूत बने हुए हैं और यही मकान खरीदने के फैसलों को बढ़ावा दे रहे हैं. ग्राहकों को अपार्टमेंट में ज्यादा बेहतर सुविधाएं मिलती हैं जिसकी वजह से उन्हें जमीन और विला वाले प्रोजेक्ट के मुकाबले इस तरह की हाउसिंग की डिमांड ज्यादा रहने लगी है.
एक करोड़ से ज्यादा कीमत वाले की बढ़ी डिमांड
शिवा कृष्णन ने कहा कि एक से तीन करोड़ रुपये के आवासों की बिक्री में सालाना आधार पर 58 फीसदी की वृद्धि विशेष रूप से उत्साहजनक है. इससे पता चलता है कि खरीदार बेहतर स्थानों पर स्थित प्रीमियम परियोजनाओं में दीर्घकालिक मूल्य को देखते हुए निवेश करने के लिए अधिक तैयार हैं. जेएलएल के अनुसार, जनवरी-जून 2026 के दौरान 7 प्रमुख शहरों में नए आवासों की सप्लाई सालाना आधार पर 9 बढ़कर 1,68,507 इकाई हो गई.
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प्रमोद कुमार तिवारी को शेयर बाजार, इन्वेस्टमेंट टिप्स, टैक्स और पर्सनल फाइनेंस कवर करना पसंद है. जटिल विषयों को बड़ी सहजता से समझाते हैं. अखबारों में पर्सनल फाइनेंस पर दर्जनों कॉलम भी लिख चुके हैं. पत्रकारि…
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