Last Updated:
Kulgam Terror Attack Update: जम्मू-कश्मीर के कुलगाम आतंकी हमले को लेकर नई बात सामने आई है. कुलगाम में दो लोगों की टारगेट किलिंग मामले में जांच एजेंसियों को स्थानीय लश्कर आतंकी लतीफ पर शक है. खुफिया सूत्रों के मुताबिक, लतीफ ने इस हमले में अपनी पुरानी रणनीति बदलते हुए छोटे हथियार का इस्तेमाल किया. एजेंसियां इस बदलाव की वजह और उसके मूवमेंट की जांच कर रही हैं. रिपोर्ट में यह भी दावा किया गया है कि दक्षिण कश्मीर में अब केवल पांच स्थानीय आतंकी सक्रिय या छिपे हुए हैं.
कुलगाम हमले में लश्कर के लतीफ की नई चाल! जांच में सामने आए अहम सुराग
Jammu-Kashmir Kulgam Terror Attack: जम्मू-कश्मीर के कुलगाम आतंकी हमले को लेकर नया खुलासा हुआ है. दक्षिण कश्मीर के कुलगाम में हुए टारगेटेड हमले के पीछे किसका हाथ है, उस आतंकी का नाम सामने आया है. खुफिया एजेंसियों को शक है कि कुलगाम आतंकी हमले को स्थानीय लश्कर-ए-तैयबा (LeT) के आतंकी लतीफ ने अंजाम दिया है. इस हमले में दो लोगों की पहले धार्मिक पहचान की गई. हिंदू होने पर फिर उनकी गोली मारकर हत्या कर दी गई. उस समय वहां करीब 250 लोग मौजूद थे. आतंकियों ने लोगों को रोका, उनके नाम पूछे और पहचान की. हिंदू होने की पुष्टि होने पर दो लोगों को निशाना बनाकर गोली मार दी. CNN-News18 ने सबसे पहले इस हमले के पीछे लश्कर-ए-तैयबा का हाथ होने की जानकारी दी थी. जिसकी बाद में आधिकारिक बयान के जरिए भी पुष्टि हुई.
जांच एजेंसियां अब इस टारगेटेड आतंकी हमले के तरीके की गहराई से जांच कर रही हैं. जांच एजेंसी आतंकी लतीफ की गतिविधियों और ऑपरेशन के तरीकों को समझने के लिए हमले की रणनीति का बारीकी से विश्लेषण कर रही है. वे यह पता लगाने की कोशिश कर रही हैं कि आतंकी लतीफ ने हमला कैसे किया और उसने अपनी रणनीति क्यों बदली. सूत्रों के मुताबिक, लश्कर आतंकी लतीफ आमतौर पर AK-47 का इस्तेमाल करता है. उसने अनंतनाग में पहले हुए टारगेटेड हमलों में भी इसी हथियार का इस्तेमाल किया था. लेकिन इस बार उसने एक छोटा और आसानी से छिपाया जा सकने वाला हथियार इस्तेमाल किया. जांच एजेंसियां यह पता लगा रही हैं कि उसने ऐसा क्यों किया. आखिर यह नया पैटर्न क्यों?
आतंकी लतीफ कौन, क्यों किया अटैक?
आतंकी लतीफ लश्कर-ए-तैयबा के टॉप A++ कैटेगरी के कमांडर जाकिर गनई का मुख्य फील्ड साथी है. आतंकी लतीफ ने कुलगाम, शोपियां और अनंतनाग में फील्ड ऑपरेशन को अंजाम दिया था. हाल ही में शोपियां में हुए एक जॉइंट ‘कॉर्डन एंड सर्च ऑपरेशन’ के दौरान गनई मारा गया, लेकिन लतीफ सुरक्षा घेरा तोड़कर भागने में कामयाब रहा. एनकाउंटर के दो दिन बाद आतंकी गनई का शव बरामद हुआ था. खुफिया एजेंसियों को शक है कि अपने मुख्य साथी के मारे जाने के बावजूद अपनी ऑपरेशनल क्षमता दिखाने के लिए लतीफ ने बाद में अनंतनाग और कुलगाम में टारगेटेड हमले किए.
कुलगाम हमले के पीछे लश्कर का लतीफ? जांच एजेंसियां जोड़ रही हैं सबूतों की कड़ियां
खुफिया सूत्रों के अनुसार, दक्षिण कश्मीर में हाल के दिनों में बढ़े छोटे और टारगेटेड हमलों के पीछे दो बड़ी वजहें हैं.
पहली वजह: पाकिस्तान की इंटर-सर्विसेज इंटेलिजेंस (ISI) कश्मीर घाटी में ऑपरेशनल हलचल बनाए रखने की कोशिश कर रही है ताकि बलूचिस्तान और पाकिस्तान के कब्जे वाले कश्मीर (PoK) में हो रही घटनाओं के कारण घरेलू सुरक्षा पर बढ़ रहे दबाव को कम किया जा सके.
दूसरी वजह: आतंकी संगठन जानबूझकर छोटे पैमाने पर कम तीव्रता वाले हमले कर रहे हैं ताकि वे इलाके में सक्रिय बने रहें और बड़े पैमाने पर ऐसे ऑपरेशन से बचें जिनसे ‘ऑपरेशन सिंदूर’ जैसी बड़ी जवाबी कार्रवाई हो सकती है. अगर हमलावरों का मकसद बड़े पैमाने पर लोगों को नुकसान पहुंचाने वाला हमला करना होता, तो वहां मौजूद 250 लोगों को वो मार सकते थे, लेकिन उन्होंने जान-बूझकर हमले को सिर्फ चुनिंदा लोगों की हत्या तक ही सीमित रखा.
साउथ कश्मीर में अब कितने आतंकी?
बहरहाल, ताजा खुफिया रिपोर्ट के मुताबिक, दक्षिण कश्मीर में अब स्थानीय आतंकियों की संख्या घटकर पांच रह गई है. जाकिर गनई के मारे जाने के बाद लतीफ सबसे सक्रिय स्थानीय आतंकी है, जो अब भी सुरक्षा बलों की पकड़ से बाहर है. इसके अलावा दो आतंकी फिलहाल छिपकर रह रहे हैं ताकि सुरक्षा एजेंसियों की नजर से बच सकें, जबकि एक अन्य सक्रिय आतंकी पर सुरक्षा एजेंसियां लगातार नजर बनाए हुए हैं.
About the Author
Shankar Pandit has more than 10 years of experience in journalism. Before News18 (Network18 Group), he had worked with Hindustan times (Live Hindustan), NDTV, India News Aand Scoop Whoop. Currently he handle ho…
और पढ़ें