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ई-20 पेट्रोल के खिलाफ अरविंद केजरीवाल के टाउनहॉल ने इंटरनेट पर तहलका मचा दिया है. दिल्ली में हुए इस इवेंट को यूट्यूब पर एक साथ 7 लाख से ज्यादा लोगों ने लाइव देखा. इसी समय पीएम मोदी के लाइव इवेंट में सिर्फ 3 हजार लोग जुड़े थे. आम आदमी पार्टी इसे दुनिया की सबसे बड़ी डिजिटल रैली बता रही है. लोग अब अपने वाहनों के इंजन और माइलेज को लेकर काफी अलर्ट हैं.
7 लाख लाइव व्यूअर्स के साथ केजरीवाल का नया रिकॉर्ड, ई-20 पेट्रोल पर सरकार को घेरा.
नई दिल्ली: दिल्ली के कांस्टीट्यूशन क्लब में आम आदमी पार्टी (AAP) नेता अरविंद केजरीवाल ने ई-20 के खिलाफ एक नेशनल टाउनहॉल का आयोजन किया था. इस इवेंट ने सोशल मीडिया पर सारे रिकॉर्ड तोड़ दिए हैं. आम आदमी पार्टी के यूट्यूब चैनल पर एक साथ करीब 7 लाख लोग लाइव जुड़े. यह आंकड़ा 7,00,262 के पार पहुंच गया था. सबसे हैरानी की बात यह रही कि इसी समय पीएम मोदी का भी एक लाइव प्रोग्राम चल रहा था. पीएम के ऑफिशियल चैनल पर सिर्फ 3,324 लोग ही लाइव दिख रहे थे. इन आंकड़ों का स्क्रीनशॉट सोशल मीडिया पर काफी वायरल हो रहा है. यूजर्स कह रहे हैं कि जनता अब मन की बात की जगह अपने मतलब की बात सुन रही है.
क्या 7 लाख लोगों का लाइव जुड़ना सरकार के लिए खतरे की घंटी है?
आम आदमी पार्टी इसे सिर्फ एक डिजिटल डाटा नहीं मान रही है. पार्टी का कहना है कि यह ई-20 पेट्रोल के खिलाफ देशभर के लोगों का गुस्सा है. टाउनहॉल में आम लोगों से लेकर मैकेनिक और डिलीवरी राइडर्स तक को अपनी बात रखने का मौका मिला. लोगों ने माइलेज घटने और इंजन खराब होने जैसी बड़ी समस्याएं उठाईं. पुरानी गाड़ियों पर ई-20 के असर को लेकर भी लोग काफी परेशान दिखे. सर्विसिंग का खर्च बढ़ना भी एक बड़ा मुद्दा बनकर उभरा है.
केजरीवाल ने ई-20 को लेकर सरकार के सामने कौन सी 3 बड़ी मांगें रखीं?
इस टाउनहॉल में अरविंद केजरीवाल ने मोदी सरकार से तीन अहम मांगें की हैं. उन्होंने कहा कि हर पेट्रोल पंप पर शुद्ध पेट्रोल और ई-20 दोनों का ऑप्शन होना चाहिए. दूसरी मांग यह है कि ई-20 को शुद्ध पेट्रोल के मुकाबले काफी सस्ता किया जाए. तीसरी मांग पेट्रोल की कीमत को 84 रुपये प्रति लीटर से कम करने की है. केजरीवाल ने सरकार पर गंभीर आरोप भी लगाए हैं. अरविंद केजरीवाल ने कहा, ‘सरकार बिना किसी पब्लिक साइंटिफिक रिपोर्ट के ई-20 देश पर थोप रही है’. कंज्यूमर की टेंशन को लगातार इग्नोर किया जा रहा है.
क्या केजरीवाल की डिजिटल रैली ने सेट कर दिया है नया पॉलिटिकल ट्रेंड?
सोशल मीडिया पर कई यूजर्स सरकार की नीतियों पर सवाल उठा रहे हैं. लोगों का पूछना है कि अगर ई-20 इतना ही फायदेमंद है तो फिर आम जनता को ऑप्शन क्यों नहीं मिल रहा. आम आदमी पार्टी इसे दुनिया की सबसे बड़ी डिजिटल रैली बता रही है. पार्टी का मानना है कि केजरीवाल अब सीधे जनता के रोजमर्रा के मुद्दे उठा रहे हैं.
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दीपक वर्मा की गिनती डिजिटल मीडिया के सबसे तेज और उभरते हुए चेहरों में होती है. वह न्यूज18 हिंदी के साथ डिप्टी न्यूज एडिटर के तौर पर जुड़े हैं. दीपक ने अपने करियर में कई बड़े मुकाम हासिल किए हैं…
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