Gujarat Flood Alert: दक्षिण और मध्य गुजरात के कई हिस्सों में शनिवार को हुई मूसलाधार बारिश से बाढ़ जैसे हालात बन गए हैं. विशेष रूप से सूरत और नवसारी जिलों के प्रभावित इलाकों से 27,000 लोगों को सुरक्षित स्थानों पर पहुंचाया गया है तथा 53 अन्य लोगों को बचाया गया है. कई गांवों का संपर्क पूरी तरह टूट गया है. अधिकारियों ने यह जानकारी दी.
सूरत जिले की अंबिका तहसील में शनिवार सुबह छह बजे समाप्त हुए 24 घंटों के दौरान 611 मिमी तक बारिश दर्ज की गई. विभिन्न जिलों के लिए मौसम विभाग के ‘रेड’ और ‘ऑरेंज’ अलर्ट को देखते हुए प्रशासन ने पहले से ही तैयारियां कर ली थीं. इसके तहत स्कूलों और कॉलेजों को बंद कर दिया गया तथा प्रभावित क्षेत्रों में राष्ट्रीय आपदा प्रबंधन बल (एनडीआरएफ), (एसडीआरएफ) तथा सेना के जवानों को तैनात कर दिया गया.
भारत मौसम विज्ञान विभाग (आईएमडी) ने रविवार सुबह तक अहमदाबाद, सुरेंद्रनगर, राजकोट, भावनगर, मोरबी और बोटाद जिलों में अलग-अलग स्थानों पर अत्यधिक भारी बारिश की चेतावनी देते हुए ‘रेड अलर्ट’ जारी किया है. बारिश का यह नया दौर ऐसे समय में आया है, जब महज एक सप्ताह पहले ही दक्षिण गुजरात के नवसारी और वलसाड जिलों में बारिश ने भारी तबाही मचाई थी.
राज्य आपातकालीन अभियान केंद्र (एसईओसी) के अनुसार, दक्षिण गुजरात के सूरत, नवसारी, भरूच और तापी के साथ-साथ मध्य गुजरात के खेड़ा और आणंद उन जिलों में शामिल हैं, जहां 400 मिमी से अधिक बारिश दर्ज की गई. सूरत जिले की अंबिका तहसील में शनिवार सुबह छह बजे समाप्त हुए 24 घंटों में 611 मिमी तक बारिश हुई.
शनिवार सुबह से मोरबी, सुरेंद्रनगर और नर्मदा जिलों के हिस्सों में भी भारी बारिश हुई, जहां मोरबी में सुबह छह बजे से शाम चार बजे के बीच 211 मिमी बारिश रिकॉर्ड की गई. भारी बारिश से प्रभावित होने की संभावना वाले जिलों में राहत और बचाव कार्य चलाने के लिए अधिकारियों ने राष्ट्रीय आपदा राहत बल की 17 टीमों और एसडीआरएफ की 33 टीमों के साथ सेना को भी तैनात किया है.
एनडीआरएफ की दो टीम वडोदरा में और एक-एक टीम अहमदाबाद, अमरेली, आणंद, नवसारी और वलसाड में तैनात की गई हैं, जबकि सेना की छह टुकड़ियों में से दो-दो टुकड़ियां अहमदाबाद, सूरत और नवसारी में तैनात की गई हैं. नवसारी में 11,500 और सूरत में 11,176 लोगों सहित कुल 27,856 लोगों को सुरक्षित स्थानों पर स्थानांतरित किया गया है.
सूरत के जिलाधिकारी तेजस परमार ने कहा, “सूरत जिले के प्रभावित ग्रामीण इलाकों से 4,000 से अधिक लोगों को सुरक्षित बाहर निकाला गया है.” उन्होंने किम नदी के तट पर रहने वाले लोगों से समय रहते सुरक्षित स्थानों पर जाने की अपील की. परमार ने कहा, “किम नदी के उफान पर होने के कारण ओलपाड और मांगरोल तहसील के निचले गांव जलमग्न हो गए, जिसके बाद प्रशासन ने शुक्रवार से ही नागरिकों को सुरक्षित स्थानों पर पहुंचाना शुरू कर दिया था. निकासी का काम अब भी जारी है.” उन्होंने बताया कि मांडवी में पहले से ही एक एसडीआरएफ टीम तैनात है, जबकि सहायता के लिए शनिवार सुबह ओलपाड में एक अतिरिक्त एसडीआरएफ टीम भेजी गई है.
एक सप्ताह के भीतर अतिवृष्टि के दूसरे दौर का सामना कर रहे नवसारी जिले में एनडीआरएफ की टीम ने शुक्रवार रात बिलीमोरा में बाढ़ प्रभावित एक आवासीय सोसाइटी से 114 लोगों को सुरक्षित निकाला. भारी बारिश के बीच, राज्य के 206 बांधों में से 22 बांधों में जलस्तर बढ़ने के कारण उन्हें हाई अलर्ट पर रखा गया है.
भारी बारिश के पूर्वानुमान को देखते हुए राज्य सरकार ने रविवार को पूरे गुजरात में आयोजित होने वाले साप्ताहिक जन-स्वच्छता कार्यक्रम को स्थगित कर दिया. रेड अलर्ट और मूसलाधार बारिश के बीच नर्मदा जिले के स्थानीय स्वास्थ्य विभाग ने एक बड़ा एहतियाती बचाव अभियान चलाया, जिसके तहत पिछले 72 घंटों के दौरान 25 बच्चों का सुरक्षित जन्म सुनिश्चित कराया गया.
मानसून तेज होने पर संकट की आशंका को देखते हुए अधिकारियों ने 142 गर्भवती महिलाओं की पहचान की थी, जिनकी प्रसव की संभावित तिथि (ईडीडी) 15 अगस्त या उससे पहले की थी. आदिवासी बहुल नर्मदा जिले में लगभग 101 महिलाओं को अस्पतालों में स्थानांतरित किए जाने के बाद प्रसव पीड़ा शुरू होने पर 25 महिलाओं का सुरक्षित प्रसव कराया गया.
गुजरात में चालू मानसून सत्र के दौरान अब तक वार्षिक औसत की 64.76 प्रतिशत बारिश हो चुकी है, जिसमें से 35 तहसीलों में 1,000 मिमी से अधिक बारिश दर्ज की गई है. एसईओसी के आंकड़ों के अनुसार, जहां कई इलाकों में अब भी बारिश की कमी है, वहीं दक्षिण गुजरात में कुल बारिश का 91 प्रतिशत से अधिक हिस्सा दर्ज किया जा चुका है.