किसान प्रसन्न सिंह ने लोकल 18 को जानकारी देते हुए बताया कि यूरिया में लगभग 46 प्रतिशत नाइट्रोजन होती है, जो धान के पौधों के विकास के लिए सबसे जरूरी पोषक तत्व है. खेत में डालने के बाद यूरिया मिट्टी की नमी और सूक्ष्मजीवों की मदद से अमोनियम और नाइट्रेट में बदल जाती है, जिसे धान की जड़ें आसानी से अवशोषित कर लेती हैं. जलमग्न खेतों में धान का पौधा अमोनियम रूप में नाइट्रोजन को तेजी से ग्रहण करता है, जिससे शुरुआती वृद्धि बेहतर होती है.
