पटना: अगर आपका सपना डॉक्टर बनने का है, तो सिर्फ एम्स ही नहीं, बल्कि राजधानी पटना और उसके आसपास स्थित कई सरकारी मेडिकल कॉलेज भी बेहतरीन ऑप्शन हैं. यहां एमबीबीएस समेत दूसरे मेडिकल पाठ्यक्रमों की पढ़ाई आधुनिक सुविधाओं और अनुभवी फैकल्टी के साथ कराई जाती है. इसलिए एडमिशन के लिए केवल एम्स पटना पर ही निर्भर रहने की बजाय आप दूसरे सरकारी मेडिकल कॉलेजों को भी शॉर्टलिस्ट कर सकते हैं. इस बारे में जानकारी देते हुए नीट जैसी प्रतियोगी परीक्षाओं की तैयारी कराने वाले मेंटर डॉ. अखिलेश कुमार ने बताया कि अगर आप बिहार में रहकर ही मेडिकल की उच्च गुणवत्ता वाली पढ़ाई करना चाहते हैं, तो एम्स पटना के अलावा भी आपके पास कई अच्छे सरकारी मेडिकल कॉलेजों के ऑप्शन उपलब्ध हैं.
एम्स के बाद पटना में इस कॉलेज की है खूब डिमांड
उन्होंने आगे बताया कि एम्स की व्यवस्था और उसकी प्रतिष्ठा वर्ल्ड क्लास है. इसकी तुलना भारत के किसी भी दूसरे मेडिकल कॉलेज से करना उचित नहीं होगा. यही वजह है कि यहां एडमिशन पाना आसान नहीं होता. हालांकि, अगर आपकी रैंक एम्स में दाखिले के लिए पर्याप्त नहीं है, तो निराश होने की जरूरत नहीं है.
उन्होंने बताया कि अगर आप बिहार में रहकर मेडिकल की पढ़ाई करना चाहते हैं, तो एम्स पटना के बाद स्टूडेंट्स की पहली पसंद पटना मेडिकल कॉलेज एवं अस्पताल यानी पीएमसीएच होता है. यह बिहार का सबसे पुराना और प्रतिष्ठित सरकारी मेडिकल कॉलेज है. यहां देश के अलग अलग हिस्सों से स्टूडेंट्स पढ़ाई के लिए आते हैं. यहां थ्योरी के साथ-साथ प्रैक्टिकल ट्रेनिंग की भी शानदार व्यवस्था है. साथ ही, इसका अस्पताल बिहार का सबसे बड़ा सरकारी अस्पताल माना जाता है. यहां से पढ़े स्टूडेंट्स आज पूरी दुनिया में अपना नाम रौशन कर रहे हैं.
आपको बता दें कि शैक्षणिक सत्र 2026-27 से यहां एमबीबीएस सीटों की संख्या में भी बढ़ोतरी की गई है. इस बार 50 नई सीटें जोड़ी गई हैं. इसके बाद अब यहां कुल 250 सीटों पर नामांकन होगा, जबकि पहले केवल 200 सीटों पर ही प्रवेश दिया जाता था.
बिहार में मेडिकल कॉलेजों की कमी नहीं
उन्होंने आगे बताया कि अगर आपका एडमिशन पीएमसीएच में भी नहीं हुआ तो भी निराश होने की जरुरत नहीं है. इसके अलावा, राजधानी पटना का आईजीआईएमएस, एनएमसीएच, डीएमसीएच (दरभंगा), भागलपुर मेडिकल कॉलेज, मुजफ्फरपुर मेडिकल कॉलेज, गया मेडिकल कॉलेज जैसे कॉलेजों को भी अपना ऑप्शन बना सकते हैं. इसके अलावा, आजकल कई नए मेडिकल कॉलेज खुले हुए हैं. जैसे, बेतिया, पावापुरी, मधेपुरा, पूर्णिया जैसे जगहों पर मौजूद मेडिकल कॉलेजों को भी अपनी लिस्ट में शामिल कर सकते हैं.
इतने रैंक पर आराम से मिल जाएगा सरकारी कॉलेज
उन्होंने आगे बताया कि कट ऑफ नीट एग्जाम में पूछे गए सवालों के लेवल पर निर्भर करता है. इस बार किसी को भी 720 में 720 मार्क्स नहीं आया है. यानी, कटऑफ कम रहा है. ऐसे में 630-640 के आस पास मार्क्स वाले को भी आसानी से सरकारी मेडिकल कॉलेज मिल सकता है. पिछली बार तो 675 मार्क्स पर भी अच्छे कॉलेज नहीं मिल पाए थे. इसीलिए इस बार स्थिति बेहतर है.