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Weekly Weather: IMD ने देश के कई हिस्सों में 6 से 11 अगस्त तक भारी बारिश का अलर्ट जारी किया है. अलग-अलग क्षेत्रों में सात साइक्लोनिक सर्कुलेशन सक्रिय हैं, जिनके असर से दिल्ली-NCR, उत्तर प्रदेश, हिमाचल प्रदेश, उत्तराखंड, बिहार, झारखंड, मध्य प्रदेश, महाराष्ट्र और पूर्वोत्तर राज्यों में बारिश का दौर जारी रह सकता है. उत्तर भारत में तेज बारिश के साथ बिजली गिरने की आशंका है. मध्य भारत में भी कई दिनों तक बारिश की संभावना है. कोंकण और गोवा में तेज बारिश का अलर्ट है. पूर्वोत्तर राज्यों में भी व्यापक बारिश हो सकती है. मौसम विभाग ने कई इलाकों में गरज-चमक और बिजली गिरने को लेकर सावधानी बरतने की सलाह दी है. (सभी फोटो AP)
बारिश से राहत मिली लेकिन अब आफत का अलर्ट भी समझ लीजिए. देश के कई हिस्सों में मानसून अगले सात दिनों तक आराम देने के मूड में नहीं है. IMD ने 6 से 11 अगस्त तक अलग-अलग राज्यों में भारी बारिश की चेतावनी जारी की है. सबसे दिलचस्प बात यह है कि इसके पीछे एक नहीं, बल्कि अलग-अलग हिस्सों में बने 7 साइक्लोनिक सर्कुलेशन सक्रिय हैं. यानी आसमान में बादल बनेंगे, सिस्टम बदलेंगे और कई इलाकों में बारिश का दौर चलता रहेगा. दिल्ली-NCR और यूपी से लेकर हिमाचल, बिहार, मध्य प्रदेश, महाराष्ट्र और पूर्वोत्तर तक मौसम का मिजाज बिगड़ सकता है. कहीं मूसलाधार बारिश होगी, तो कहीं गरज-चमक और बिजली गिरने का खतरा रहेगा.
उत्तर भारत में मानसून की चाल अगले कुछ दिनों तक तेज रहने वाली है. हिमाचल प्रदेश, जम्मू-कश्मीर-लद्दाख और उत्तराखंड में 6 से 11 अगस्त के बीच कई जगह बारिश हो सकती है. पूर्वी और पश्चिमी यूपी के साथ हरियाणा, चंडीगढ़ और दिल्ली-NCR में 6 और 6 अगस्त को व्यापक बारिश की संभावना है. उत्तराखंड में तेज बिजली गिरने की आशंका भी जताई गई है. यानी पहाड़ों में बारिश के साथ भूस्खलन और मैदानी इलाकों में जलभराव जैसी परेशानियां बढ़ सकती हैं. दिल्ली और आसपास के लोगों के लिए फिलहाल छाता संभालकर रखना ही बेहतर है, क्योंकि मानसून की यह करवट जल्दी खत्म होती नहीं दिख रही.
राजस्थान और मध्य प्रदेश भी इस बारिश वाले दौर से बचने वाले नहीं हैं. पूर्वी राजस्थान में 7 और 8 अगस्त को बारिश की संभावना है, जबकि पश्चिमी राजस्थान में 8 और 9 अगस्त को मौसम बदल सकता है. पश्चिमी मध्य प्रदेश में 6 अगस्त और फिर 10-11 अगस्त के दौरान छिटपुट से मध्यम बारिश हो सकती है. वहीं छत्तीसगढ़ और पूर्वी मध्य प्रदेश में 6 से 8 अगस्त तक बारिश का दौर जारी रह सकता है. छत्तीसगढ़ में 6 से 9 अगस्त के बीच गरज-चमक के साथ बिजली गिरने की आशंका भी है. यानी मध्य भारत में भी मानसून की सक्रियता लगातार बनी रहेगी.
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बिहार और झारखंड में भी अगले एक हफ्ते मौसम बार-बार करवट लेगा. बिहार में 6 से 7 अगस्त तक बारिश की संभावना है. इसके बाद 8 से 11 अगस्त के बीच कुछ इलाकों में छिटपुट बारिश हो सकती है. झारखंड में 6 से 8 अगस्त और फिर 10-11 अगस्त तक बारिश का अनुमान है, जबकि 9 अगस्त को भी कुछ जगह बारिश हो सकती है. उधर ओडिशा में 7-8 अगस्त और फिर 10-11 अगस्त को भारी बारिश की चेतावनी है. अंडमान और निकोबार द्वीप समूह में 6 से 8 अगस्त तक भारी बारिश हो सकती है. ऐसे में पूर्वी भारत में भी मानसून का असर लगातार बना रहेगा.
बिहार और झारखंड में भी अगले एक हफ्ते मौसम बार-बार करवट लेगा. बिहार में 6 से 7 अगस्त तक बारिश की संभावना है. इसके बाद 8 से 11 अगस्त के बीच कुछ इलाकों में छिटपुट बारिश हो सकती है. झारखंड में 6 से 8 अगस्त और फिर 10-11 अगस्त तक बारिश का अनुमान है, जबकि 9 अगस्त को भी कुछ जगह बारिश हो सकती है. उधर ओडिशा में 7-8 अगस्त और फिर 10-11 अगस्त को भारी बारिश की चेतावनी है. अंडमान और निकोबार द्वीप समूह में 6 से 8 अगस्त तक भारी बारिश हो सकती है. ऐसे में पूर्वी भारत में भी मानसून का असर लगातार बना रहेगा.
महाराष्ट्र और पश्चिमी भारत में भी अगले सात दिनों तक मानसून सक्रिय रहने का अनुमान है. कोंकण और गोवा में 6 से 11 अगस्त तक तेज बारिश की चेतावनी जारी की गई है. मध्य महाराष्ट्र में 6 अगस्त को व्यापक बारिश हो सकती है, जबकि 6 से 11 अगस्त तक छिटपुट बारिश का दौर जारी रह सकता है. विदर्भ में 6 अगस्त और फिर 6 से 11 अगस्त तक बारिश की संभावना है. मराठवाड़ा और सौराष्ट्र-कच्छ में भी 6 से 11 अगस्त तक बारिश हो सकती है. गुजरात क्षेत्र में 8 से 10 अगस्त के बीच बारिश का अनुमान है. यानी महाराष्ट्र से गुजरात तक भी मानसून का असर कम होने वाला नहीं है.
IMD के मुताबिक बारिश के इस लंबे दौर की बड़ी वजह अलग-अलग हिस्सों में सक्रिय साइक्लोनिक सर्कुलेशन हैं. उत्तर-पश्चिम यूपी, दक्षिण तमिलनाडु-पुडुचेरी, दक्षिण-पश्चिम यूपी, उत्तर-पूर्व बिहार से सटे पश्चिम बंगाल-सिक्किम, मध्य असम, उत्तर-पूर्व बांग्लादेश और आसपास के इलाके तथा दक्षिण आंतरिक कर्नाटक के ऊपर चक्रवाती परिसंचरण बने हुए हैं. इन सिस्टमों की वजह से नमी और बादलों की गतिविधियां कई हिस्सों में बढ़ रही हैं. यही कारण है कि अगले सात दिनों में एक राज्य से दूसरे राज्य तक बारिश का सिलसिला चलता रह सकता है. फिलहाल मानसून की रफ्तार देखकर इतना तय है कि देश के कई हिस्सों में अगले कुछ दिन छाता और मौसम अलर्ट दोनों जरूरी रहने वाले हैं.