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Sikar News : सीकर के रामदेव सिंह मील को ‘मन की बात’ में चयन होने और खेलों में बेहतरीन प्रदर्शन के लिए राष्ट्रपति भवन से न्योता मिला है. वे स्वतंत्रता दिवस पर ‘एट होम रिसेप्शन’ में शामिल होंगे. इस कार्यक्रम में देशभर से चुनिंदा अतिथियों को आमंत्रित किया गया है. इसमें भारत की राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू भी शामिल होंगी और आमंत्रित लोगों से मुलाकात करेंगी.
सीकर. सीकर जिले के रहने वाले रामदेव सिंह मील को राष्ट्रपति भवन से न्योता मिला है. प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के रेडियो कार्यक्रम ‘मन की बात’ में चयनित होने और खेलों में बेहतरीन प्रदर्शन के कारण उन्हें राष्ट्रपति भवन बुलाया गया है. रामदेव सिंह स्वतंत्रता दिवस के मौके पर राष्ट्रपति भवन में आयोजित होने वाले ‘एट होम रिसेप्शन’ कार्यक्रम में शामिल होंगे. राष्ट्रपति भवन की ओर से जारी आधिकारिक आमंत्रण पत्र में उनका नाम शामिल है. उन्हें कार्यक्रम की पूरी जानकारी के साथ आमंत्रण पत्र भी मिल चुका है.
रामदेव सिंह ने बताया कि राष्ट्रपति भवन से मिले आमंत्रण पत्र के अनुसार, 15 अगस्त की शाम 6 बजे राष्ट्रपति भवन के सांस्कृतिक केंद्र (आरबीसीसी) में विशेष समारोह आयोजित होगा. इस कार्यक्रम में देशभर से चुनिंदा अतिथियों को आमंत्रित किया गया है. इसमें भारत की राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू भी शामिल होंगी और आमंत्रित लोगों से मुलाकात करेंगी. उन्होंने बताया कि राष्ट्रपति भवन में उन लोगों को बुलाया गया है, जिन्होंने अपने कार्यों और योगदान के जरिए समाज में सकारात्मक पहचान बनाई है.
जानिए क्या होता है ‘एट होम रिसेप्शन’ कार्यक्रम
राष्ट्रपति भवन का ‘एट होम रिसेप्शन’ एक पारंपरिक आधिकारिक स्वागत समारोह है. इसकी मेजबानी भारत के राष्ट्रपति करते हैं. यह समारोह गणतंत्र दिवस (26 जनवरी) और स्वतंत्रता दिवस (15 अगस्त) जैसे राष्ट्रीय अवसरों पर आयोजित किया जाता है. इसमें देश के विशिष्ट अतिथियों, मंत्रियों, विदेशी मेहमानों और विभिन्न क्षेत्रों में उल्लेखनीय योगदान देने वाले लोगों को आमंत्रित किया जाता है. इस आयोजन में देश के अलग-अलग राज्यों की कला, संस्कृति, हस्तशिल्प और संगीत की झलक भी देखने को मिलती है. मेहमानों का स्वागत पारंपरिक अंदाज में किया जाता है.
रामदेव सिंह मील सीकर जिले के कंवरपुरा गांव के रहने वाले हैं और बिजली विभाग में टेक्नीशियन के पद पर कार्यरत हैं. प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने ‘मन की बात’ के 131वें एपिसोड में उनकी जीवन यात्रा का जिक्र प्रेरणादायक उदाहरण के रूप में किया था. वर्ष 2012 में उनकी दोनों किडनी फेल हो गई थीं, जिसके बाद उनकी जिंदगी मुश्किल दौर से गुजरने लगी. उस समय उनकी मां ने अपनी एक किडनी दान कर उन्हें नया जीवन दिया. लंबे इलाज के बाद जब उनकी तबीयत में सुधार हुआ तो उन्होंने सामान्य जीवन जीने के बजाय खेलों में मेहनत करना शुरू किया.
रामदेव सिंह ने मुंबई में आयोजित नेशनल ट्रांसप्लांट गेम्स में दो बार हिस्सा लिया. पहली बार उन्होंने गोल्ड और सिल्वर समेत कई पदक जीतकर अपनी प्रतिभा का परिचय दिया, जबकि दूसरी बार दो सिल्वर मेडल अपने नाम किए. इसके अलावा वर्ष 2025 में जर्मनी के ड्रेसडेन में आयोजित वर्ल्ड ट्रांसप्लांट गेम्स में भी उन्होंने भारत का प्रतिनिधित्व किया. वह आज भी नियमित ट्रेनिंग कर रहे हैं और ट्रांसप्लांट करा चुके लोगों को खेलों और अपनी रुचि के अनुसार आगे बढ़ने के लिए प्रेरित करते हैं.
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आनंद पाण्डेय वर्तमान में News18 हिंदी (राजस्थान डिजिटल) में बतौर कंटेंट प्रोड्यूसर अपनी सेवाएं दे रहे हैं. पिछले 5 वर्षों से सक्रिय पत्रकारिता के क्षेत्र में अ…
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