Chronovissor

--:--:-- -- ... | ... |
भारतन्यूज़ - Header

आरएसएस स्वयंसेवकों ने खरगे परिवार को रजाकारों से बचाया बीएल संतोष के दावे पर प्रियांक खरगे ने दिया जवाब…


‘हैदराबाद रियासत के भारत में विलय के समय आरएसएस स्वयंसेवकों ने मल्लिकार्जुन खरगे के परिवार को रजाकारों से बचाया था…’ भाजपा नेता बीएल संतोष के इस दावे से कर्नाटक में नया सियासी विवाद खड़ा हो गया. कर्नाटक के गृह मंत्री प्रियांक खरगे ने संतोष के इस दावे को सिरे से खारिज कर दिया है. खरगे ने पलटवार करते हुए कहा कि उनके परिवार और इलाके के लोगों की रक्षा आरएसएस ने नहीं, बल्कि तत्कालीन प्रधानमंत्री जवाहरलाल नेहरू, गृह मंत्री सरदार वल्लभभाई पटेल और भारतीय सेना ने की थी. उन्होंने सवाल उठाया कि अगर आरएसएस ने लोगों की रक्षा की थी तो हैदराबाद में भारत का सैन्य अभियान ‘ऑपरेशन पोलो’ किसने चलाया था?

बीएल संतोष ने क्या कहा था?

दरअसल, यह पूरा विवाद ‘अखंड भारत संकल्प दिवस’ कार्यक्रम के दौरान वरिष्ठ भाजपा नेता बीएल संतोष के बयान के बाद शुरू हुआ. हिंदू जागरण वेदिके की ओर से आयोजित कार्यक्रम में संतोष ने हैदराबाद रियासत के भारत में विलय के समय आरएसएस स्वयंसेवकों की भूमिका का जिक्र किया. उन्होंने कहा कि विभाजन के दौर में आरएसएस कार्यकर्ताओं ने रजाकारों का सामना किया और हिंदुओं की रक्षा की. संतोष ने मल्लिकार्जुन खरगे के परिवार का उदाहरण देते हुए कहा कि उस समय उनके परिवार को भी रजाकारों के हमलों का सामना करना पड़ा था और उन्हें अपना गांव छोड़कर गुलबर्गा जाना पड़ा था. गुलबर्गा को अब कलबुर्गी कहा जाता है.

बीएल संतोष ने प्रियांक खरगे का जिक्र करते हुए कहा कि उनके परिवार को गांव छोड़कर भागना पड़ा था और उनके पिता को केवल पहने हुए कपड़ों के साथ वहां से निकलना पड़ा था. उनका दावा था कि उस दौर में आरएसएस स्वयंसेवक लोगों के साथ खड़े थे और रजाकारों का मुकाबला कर रहे थे.

‘हमारी रक्षा RSS ने नहीं की’

बीएल संतोष के दावे पर कलबुर्गी में पत्रकारों से बात करते हुए प्रियांक खरगे ने तीखा जवाब दिया. उन्होंने कहा कि उनके परिवार की रक्षा आरएसएस ने नहीं की थी. प्रियांक ने कहा, ‘आरएसएस हमारी रक्षा करने नहीं आया था. हमारे क्षेत्र के लोगों की रक्षा पंडित जवाहरलाल नेहरू, सरदार पटेल और भारतीय सेना ने की थी. भारतीय सेना आई और उसने हमारी रक्षा की.’

उन्होंने कहा कि उनका परिवार उस समय सांप्रदायिक हिंसा का शिकार हुआ था और उन्हें मजबूरी में अपना इलाका छोड़ना पड़ा था. प्रियांक ने सवाल किया कि अगर आरएसएस उस समय लोगों की रक्षा कर रहा था तो जब सांप्रदायिक हिंसा हुई, तब संगठन के लोग कहां थे? उन्होंने संतोष से सवाल किया कि उस समय लोगों की मदद करने के लिए वे या उनका संगठन कहां मौजूद था.

‘ऑपरेशन पोलो’ को लेकर भी साधा निशाना

प्रियांक खरगे ने हैदराबाद के भारत में विलय को लेकर आरएसएस की भूमिका के दावे पर सबसे बड़ा सवाल ‘ऑपरेशन पोलो’ को लेकर उठाया. उन्होंने पूछा, ‘किसने ऑपरेशन पोलो चलाया था? क्या यह आरएसएस ने किया था?’ इसके बाद उन्होंने कहा कि हैदराबाद को भारत में मिलाने का अभियान सरदार पटेल, जवाहरलाल नेहरू और भारतीय सेना ने चलाया था, आरएसएस ने नहीं.

‘ऑपरेशन पोलो’ सितंबर 1948 में भारतीय सेना द्वारा हैदराबाद रियासत के खिलाफ चलाया गया सैन्य अभियान था. अभियान के बाद हैदराबाद का भारत में विलय हुआ. प्रियांक ने यह भी आरोप लगाया कि सांप्रदायिक हिंसा के दौरान लोगों की रक्षा करने के बजाय आरएसएस ने कई मौकों पर सांप्रदायिक तनाव बढ़ाने का काम किया.

गोडसे और RSS की विचारधारा का भी जिक्र

प्रियांक खरगे ने अपने हमले को आगे बढ़ाते हुए महात्मा गांधी की हत्या और नाथूराम गोडसे का भी जिक्र किया. उन्होंने आरोप लगाया कि गोडसे सावरकर का अनुयायी था और आरएसएस की विचारधारा से प्रभावित था. उन्होंने कहा कि महात्मा गांधी की हत्या के बाद कोलकाता और दिल्ली में सांप्रदायिक दंगे हुए. प्रियांक ने आरएसएस पर निशाना साधते हुए कहा कि संगठन खुद को सांप्रदायिक दंगों के दौरान लोगों की रक्षा करने वाला बताता है, जबकि उनके अनुसार उसकी भूमिका इसके विपरीत रही है.

सावरकर और सुभाष चंद्र बोस को लेकर भी तकरार

प्रियांक खरगे ने बीएल संतोष द्वारा वीडी सावरकर और नेताजी सुभाष चंद्र बोस की आजाद हिंद फौज का जिक्र किए जाने पर भी सवाल उठाया. उन्होंने दावा किया कि जब सुभाष चंद्र बोस आजाद हिंद फौज के लिए सैनिकों की भर्ती कर रहे थे, तब सावरकर ने लोगों से आजाद हिंद फौज में शामिल होने के बजाय ब्रिटिश सेना में शामिल होने की अपील की थी.

प्रियांक ने कहा कि आज का अखंड भारत सरदार पटेल के प्रयासों का परिणाम है. उनके मुताबिक, करीब 560 रियासतों और राज्यों को एक साथ लाने और भारत को एक राष्ट्र के रूप में मजबूत करने में पटेल की महत्वपूर्ण भूमिका थी. उन्होंने कहा कि यह आरएसएस की वजह से नहीं हुआ.

बीएल संतोष ने किया RSS का बचाव

संतोष ने आरएसएस के रजिस्ट्रेशन को लेकर प्रियांक खरगे की मांग का विरोध करते हुए संगठन का बचाव किया. संतोष ने कहा, ‘उस समय भी आरएसएस रजिस्टर्ड नहीं था और आज भी रजिस्टर्ड नहीं है. रजिस्ट्रेशन किसी संगठन के अस्तित्व को तय नहीं करता. यह लाखों लोगों के विश्वास के आधार पर काम करने वाला संगठन है.’

उन्होंने कहा कि विभाजन के समय आरएसएस हिंदुओं के साथ खड़ा था और बिना किसी औपचारिक रजिस्ट्रेशन के आज भी काम कर रहा है. संतोष ने यह भी कहा कि देश की आजादी केवल नमक सत्याग्रह या चरखा चलाने से नहीं मिली, बल्कि हजारों क्रांतिकारियों और स्वतंत्रता सेनानियों के बलिदान से हासिल हुई. उन्होंने कहा, ‘हमें आजादी इसलिए मिली क्योंकि लाखों देशभक्त युवक-युवतियों और लाखों सैनिकों ने अपनी जान जोखिम में डालकर संघर्ष किया.’



Source link

Leave a Comment

Your email address will not be published. Required fields are marked *

🏠
Home
🎬
मनोरंजन
💰
धन
🌦️
मौसम
📢
Latest News
×
Scroll to Top