भारतीय जनता पार्टी में प्रवक्ता रह चुके शहजाद पूनवाला ने पार्टी से इस्तीफा स्वीकार करने की अपील की है. पूनावाला ने हाल ही में पार्टी के सभी पदों से इस्तीफा दिया था.लेकिन बीजेपी ने उनका इस्तीफा स्वीकार नहीं किया. लिहाजा उन्होंने एक बार फिर भाजपा से उनका इस्तीफा मंजूर करने का अनुरोध किया है. साथ ही बीजेपी को भरोसा भी दिलाया है.
बता दें कि शहजाद पूनवाला ने 30 जुलाई को पार्टी के सभी पदों और प्राथमिक सदस्यता से बिना शर्त इस्तीफा देने की पेशकश की थी. सोमवार को एक्स (ट्विटर) पर एक पोस्ट में उन्होंने 17 अगस्त को नितिन नबीन को लिखे अपने इस्तीफे की तस्वीर पोस्ट करते हुए लिखा, “बहुत विनम्रता, स्नेह और आभार के साथ मैंने फिर से अपना इस्तीफा पत्र @BJP4India और माननीय श्री @NitinNabin जी को सौंप दिया है और अनुरोध किया है कि इसे स्वीकार कर लिया जाए.”
बता दें कि यह पत्र उनके 30 जुलाई के पहले इस्तीफा पत्र के बाद आया है. उसमें उन्होंने भाजपा के सभी पदों और प्राथमिक सदस्यता से बिना शर्त इस्तीफा देने की बात कही थी. पूनवाला ने कहा कि पार्टी ने उनका पहले का इस्तीफा तुरंत स्वीकार नहीं किया था और उनसे अपना फैसला दोबारा सोचने को कहा था लेकिन “लंबे और गहरे विचार” के बाद उन्होंने अंतिम फैसला लिया है कि वे राष्ट्रीय प्रवक्ता के पद और भाजपा की सक्रिय प्राथमिक सदस्यता से राहत चाहते हैं.
पत्र में उन्होंने लिखा – “पिछले कुछ दिनों की घटनाओं ने, जिनके बारे में मैंने आपको विस्तार से बताया था, मुझे अपने पहले के फैसले पर अड़े रहने के लिए मजबूर कर दिया है.”
पूनवाला ने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी, भाजपा अध्यक्ष नितिन नबीन, गृह मंत्री अमित शाह, रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह और संगठन महासचिव बीएल संतोष का आभार जताया.
उन्होंने लिखा – “बिना किसी दुख के और सिर्फ आभार, प्यार, स्नेह और सबसे ऊंचे सम्मान के साथ, मैं प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी जी, पार्टी अध्यक्ष नितिन नबीन जी, गृह मंत्री अमित शाह जी, रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह जी और संगठन महासचिव श्री बीएल संतोष जी के प्रति अपनी कृतज्ञता दोबारा व्यक्त करता हूं. पिछले पांच साल में पार्टी ने मुझे जो मंच और मौके दिए, उनके लिए मैं दिल से धन्यवाद देता हूं.”
पूनवाला ने इस्तीफा क्यों दिया?
उन्होंने इस्तीफे का कारण आर्थिक और निजी मजबूरियां बताई हैं. उन्होंने कहा कि वे आर्थिक वजहों से प्राइवेट सेक्टर में जाएंगे. लेकिन जहां भी संभव होगा, वे भाजपा और प्रधानमंत्री के विजन का समर्थन करते रहेंगे.
उन्होंने कहा – “जैसा कि मैंने पहले भी कहा था, आर्थिक और निजी मजबूरी की वजह से मैं प्राइवेट सेक्टर में जा रहा हूं. लेकिन जहां भी और जिस भी रूप में संभव होगा, मैं प्रधानमंत्री मोदी और भाजपा के विजन और काम का समर्थन करता रहूंगा.”
क्या भाजपा की विचारधारा से दूर जा रहे पूनावाला?
पूनावाला ने साफ किया कि उनका इस्तीफा भाजपा की विचारधारा से दूर जाने का मतलब नहीं है.उन्होंने लिखा – “जैसा कि मैंने कहा, मैं सिर्फ व्यवस्था छोड़ रहा हूं, व्यक्ति या विचार नहीं.” ‘हमेशा आभारी’
सभी का जताया आभार
अपने एक्स पोस्ट में पूनवाला ने भाजपा और उसके वरिष्ठ नेतृत्व द्वारा दिए गए मार्गदर्शन, स्नेह, सम्मान और मंच के लिए हमेशा आभारी रहने की बात कही है. उन्होंने कहा – “किसी और देश और किसी और पार्टी में मेरी जैसी कहानी संभव नहीं होती. एक युवा, पसमांदा मुस्लिम, गैर-राजनीतिक परिवार का व्यक्ति.”
पार्टी और राष्ट्रीय प्रवक्ता पद छोड़ते हुए पूनवाला ने कहा कि भाजपा के मिशन के प्रति उनकी प्रतिबद्धता बनी रहेगी.उन्होंने लिखा – “हमारा मिशन और विजन – विकसित भारत और मेक इंडिया ग्रेट अगेन – भारत के सबसे महान नेता @narendramodi जी के नेतृत्व में और ज्यादा जोश और जुनून के साथ जारी रहेगा.”