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Sonia Gandhi Italian Blood Row: वंदे मातरम विवाद को लेकर केंद्रीय मंत्री एचडी कुमारस्वामी और कांग्रेस आमने-सामने हैं. कुमारस्वामी ने सोनिया गांधी पर राष्ट्रीय गीत का विरोध करने और इटली मूल की होने का आरोप लगाते हुए संकीर्ण मानसिकता का प्रदर्शन करने की बात कही. जवाब में कांग्रेस नेता रिजवान अरशद ने कुमारस्वामी को हताश बताते हुए सोनिया गांधी को देश के लिए समर्पित बताया.
इस मुद्दे पर राजनीति गर्म हो गई है.
वंदे मातरम विवाद को लेकर केंद्रीय भारी उद्योग एवं इस्पात मंत्री जेडीएस नेता एचडी कुमारस्वामी और कांग्रेस के बीच राजनीतिक जुबानी जंग तेज हो गई है. कुमारस्वामी ने कांग्रेस की वरिष्ठ नेता सोनिया गांधी पर राष्ट्रीय गीत वंदे मातरम के विरोध का आरोप लगाते हुए उनकी विदेशी मूल को लेकर तीखा हमला बोला है. कुमारस्वामी ने कहा कि सोनिया गांधी की रगों में इटली का खून दौड़ रहा है. इसके जवाब में कांग्रेस ने पलटवार करते हुए कुमारस्वामी को हताश नेता करार दिया है और सोनिया गांधी के योगदान का बचाव किया है.
इटली का खून और संकीर्ण मानसिकता का आरोप
सोमवार को मीडिया से बात करते हुए केंद्रीय मंत्री एचडी कुमारस्वामी ने कहा कि सोनिया गांधी से और क्या उम्मीद की जा सकती है. उन्होंने सवाल उठाया, “क्या सोनिया गांधी हमारे देश की हैं? वह शादी के बाद भारत आईं. उनकी नसों में बहने वाला खून इटली का है.” कुमारस्वामी ने आगे कहा कि कांग्रेस को वंदे मातरम पसंद नहीं है और नेताओं को राष्ट्रगान व राष्ट्रीय गीत से जुड़े मुद्दों पर संकीर्ण मानसिकता का प्रदर्शन करने की कोई जरूरत नहीं है.
कांग्रेस का तीखा पलटवार
कुमारस्वामी के इस बयान पर कर्नाटक सरकार में मंत्री रिजवान अरशद ने कड़ा ऐतराज जताया. उन्होंने कहा कि कुमारस्वामी एक हताश व्यक्ति हैं और सोनिया गांधी कई भारतीयों से भी ज्यादा भारतीय हैं. अरशद ने कहा, “उनके पति राजीव गांधी ने देश के लिए अपने प्राणों की आहुति दी. सोनिया गांधी एक एकजुट और न्यायप्रिय भारत के लिए लगातार संघर्ष कर रही हैं.”
कुमारस्वामी का अपने बयान पर कायम
कांग्रेस के पलटवार के बावजूद कुमारस्वामी मंगलवार को भी अपने बयान पर अड़े रहे. उन्होंने पूछा, “राजीव गांधी ने बलिदान दिया लेकिन सोनिया गांधी का क्या त्याग है?” उन्होंने दोहराया कि वह इटली की रहने वाली हैं और इसीलिए भारतीय भावनाओं के खिलाफ काम कर रही हैं. उन्होंने याद दिलाया कि महात्मा गांधी और रवींद्रनाथ टैगोर के समय से कांग्रेस के अधिवेशनों में वंदे मातरम गाया जाता रहा है.
क्या है पूरा विवाद?
इस पूरे विवाद की शुरुआत स्वतंत्रता दिवस पर कांग्रेस मुख्यालय में आयोजित कार्यक्रम से हुई. भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) ने आरोप लगाया कि सोनिया गांधी ने कार्यक्रम के दौरान वंदे मातरम का पूरा संस्करण गाए जाने पर आपत्ति जताई थी. भाजपा नेता बीएल संतोष ने सोशल मीडिया पर वीडियो साझा करते हुए कांग्रेस नेतृत्व पर तंज कसा था. वहीं, कांग्रेस ने इन आरोपों का खंडन करते हुए कहा कि सोनिया गांधी ने गाना रोकने की कोशिश नहीं की थी बल्कि वह पार्टी अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खरगे के लिए कुर्सी मांग रही थीं क्योंकि वे काफी देर से खड़े थे.
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पत्रकारिता में 16 वर्षों से अधिक का सुदीर्घ अनुभव रखने वाले संदीप गुप्ता वर्तमान में News18 इंडिया में बतौर चीफ सब-एडिटर होम पेज पर जिम्मेदारी संभाल रहे हैं. जटिल और सामरिक विषयों को बेहद सरल भाषा में पाठकों त…
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