Chronovissor

--:--:-- -- ... | ... |
भारतन्यूज़ - Header

धनबाद में मां मनसा की प्रतिमाओं का सामूहिक विसर्जन केवट परिवारों के लिए मां मनसा कुलदेवी पूजा के बाद मछली पकड़ना होता है…




धनबाद के तोपचांची प्रखंड स्थित कोरकोट्टा पंचायत के केवट टोला में मां मनसा की प्रतिमाओं का सामूहिक विसर्जन किया गया। लगातार बारिश के बावजूद श्रद्धालुओं की आस्था और उत्साह में कोई कमी नहीं दिखी। गांव में स्थापित करीब 30 प्रतिमाओं को श्रद्धालु अपने कंधों पर उठाकर महतो तालाब तक ले गए। विसर्जन यात्रा के दौरान रास्तेभर मां मनसा के जयकारे गूंजते रहे। बड़ी संख्या में ग्रामीण यात्रा में शामिल हुए। बारिश के बीच प्रतिमाओं को लेकर आगे बढ़ते श्रद्धालुओं का उत्साह देखते ही बन रहा था। महिलाओं और बच्चों ने भी विसर्जन यात्रा में बढ़-चढ़कर हिस्सा लिया। विसर्जन की तस्वीरें देखें.. पूजा के बाद ही शुरू होता है मछली पकड़ना कोरकोट्टा गांव में केवट समुदाय मां मनसा को अपनी कुलदेवी के रूप में पूजता है। गांव में करीब 200 केवट परिवार निवास करते हैं। समुदाय के लोगों के लिए मां मनसा की पूजा का विशेष धार्मिक और पारंपरिक महत्व है। ग्रामीणों के अनुसार, मां मनसा की विधिवत पूजा-अर्चना संपन्न होने के बाद ही समुदाय के लोग तालाबों में मछली पकड़ने की शुरुआत करते हैं। इसी मान्यता और परंपरा के कारण हर साल मां मनसा की पूजा पूरे विधि-विधान और श्रद्धा के साथ की जाती है। ग्रामीणों का कहना है कि यह पूजा केवल धार्मिक आयोजन नहीं, बल्कि पीढ़ियों से चली आ रही सामुदायिक परंपरा का हिस्सा है। 30 घरों में स्थापित की गई थीं प्रतिमाएं इस वर्ष केवट टोला में करीब 30 घरों में मां मनसा की प्रतिमाएं स्थापित की गई थीं। पूजा-अर्चना और धार्मिक अनुष्ठान संपन्न होने के बाद सभी प्रतिमाओं को एक साथ विसर्जन के लिए निकाला गया। श्रद्धालु प्रतिमाओं को कंधों पर लेकर महतो तालाब की ओर रवाना हुए। बारिश लगातार होती रही, लेकिन श्रद्धालुओं के कदम नहीं रुके। प्रतिमाओं के साथ चल रहे लोग मां के जयकारे लगाते हुए आगे बढ़ते रहे। विसर्जन यात्रा में गांव के लोगों की सामूहिक भागीदारी ने आयोजन को खास बना दिया। महिलाओं और बच्चों की मौजूदगी ने भी यात्रा में उत्साह बढ़ाया। सुख-शांति की कामना के साथ मां को दी विदाई मां मनसा की विदाई के दौरान श्रद्धालुओं ने जयकारे लगाते हुए परिवार और गांव की सुख-शांति की कामना की। लगातार बारिश के बीच हुआ यह सामूहिक विसर्जन गांव की आस्था, परंपरा और सामाजिक एकजुटता का उदाहरण बना। ग्रामीणों के लिए मां मनसा की पूजा वर्षों पुरानी परंपरा है। जिसे हर पीढ़ी आगे बढ़ा रही है। खराब मौसम भी श्रद्धालुओं की आस्था को डिगा नहीं सका। सामूहिक रूप से प्रतिमाओं का विसर्जन कर ग्रामीणों ने धार्मिक परंपरा को निभाने के साथ आपसी भाईचारे और एकजुटता का भी संदेश दिया।



Source link

Leave a Comment

Your email address will not be published. Required fields are marked *

🏠
Home
🎬
मनोरंजन
💰
धन
🌦️
मौसम
📢
Latest News
×
Scroll to Top