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लखीमपुर में हजार से लेकर लाख में शुरू करें नर्सरी का कारोबार रोजाना होगी बंपर कमाई…


लखीमपुरः अगर आप बेरोजगार हैं और अपना खुद का कारोबार शुरू करने की योजना बना रहे हैं, तो पेड़-पौधों की नर्सरी का व्यवसाय आपके लिए एक अच्छा विकल्प हो सकता है. खास बात यह है कि इस कारोबार को शुरू करने के लिए शुरुआत में बहुत बड़े निवेश की जरूरत नहीं होती उपलब्ध जगह, बजट और बाजार की मांग के अनुसार इसे छोटे स्तर से शुरू किया जा सकता है और कारोबार बढ़ने के साथ निवेश भी बढ़ाया जा सकता है.

पेड़-पौधों की मांग आज सिर्फ किसानों तक सीमित नहीं है. शहरों और कस्बों में घरों की सजावट, बागवानी, पार्क, स्कूल, कार्यालय, होटल और अन्य संस्थानों में भी अलग-अलग तरह के पौधों की जरूरत रहती है. वहीं फलदार और कृषि उपयोगी पौधों की मांग ग्रामीण क्षेत्रों में बनी रहती है. ऐसे में नर्सरी का कारोबार स्थानीय बाजार के हिसाब से पौधों का उत्पादन और बिक्री करने का अवसर देता है.

50 हजार से शुरू हो सकता है कारोबार

बातचीत करते हुई जनार्दन मिश्रा ने बताया कि नर्सरी व्यवसाय को छोटे स्तर पर करीब ₹50 हजार से शुरू किया जा सकता है, जबकि बड़े स्तर पर जमीन, सिंचाई व्यवस्था, शेड, पौधों की संख्या और अन्य सुविधाओं के हिसाब से ₹5 लाख या उससे अधिक का निवेश भी किया जा सकता है. वास्तविक लागत स्थान, जमीन, पानी की उपलब्धता और पौधों के प्रकार पर निर्भर करेगी. यदि आपके पास पहले से खाली जमीन या घर के आसपास पर्याप्त जगह उपलब्ध है, तो शुरुआती लागत कम हो सकती है. वहीं किराये की जमीन लेने पर किराया भी कारोबार की लागत में शामिल होगा. शुरुआत में बहुत अधिक किस्मों के पौधे लगाने के बजाय अपने क्षेत्र में सबसे ज्यादा मांग वाले पौधों से शुरुआत करना बेहतर हो सकता है. बिक्री बढ़ने के बाद धीरे-धीरे पौधों की वैरायटी बढ़ाई जा सकती है.

नर्सरी के लिए कैसी जगह जरूरी?

नर्सरी शुरू करने के लिए ऐसी जगह का चयन करना जरूरी है. जहां पौधों को पर्याप्त रोशनी, हवा और पानी मिल सके बहुत अधिक जलभराव वाली जगह पौधों के लिए नुकसानदायक हो सकती है. जमीन समतल हो और सिंचाई की व्यवस्था आसानी से की जा सके तो काम आसान हो जाता है. नर्सरी के लिए ऐसी जगह भी उपयोगी हो सकती है जो सड़क या बाजार के नजदीक हो इससे ग्राहक आसानी से पहुंच सकते हैं और पौधों को दूसरे स्थानों तक पहुंचाने में भी सुविधा होती है.

कौन-कौन से पौधे तैयार कर सकते हैं?

नर्सरी में कई प्रकार के पौधे तैयार किए जा सकते हैं कारोबार शरू करने से पहले यह पता करना जरूरी है कि आपके इलाके में किन पौधों की मांग ज्यादा है
फलदार पौधों में आम, अमरूद, नींबू, आंवला, जामुन, पपीता और अन्य स्थानीय रूप से लोकप्रिय पौधे रखे जा सकते हैं। इसके अलावा फूलों वाले पौधों में गुलाब, गेंदा, गुड़हल, चमेली और अन्य सजावटी पौधे शामिल किए जा सकते हैं

पौधों की देखभाल सबसे जरूरी

नर्सरी के कारोबार में सिर्फ पौधे तैयार करना ही पर्याप्त नहीं है उनकी नियमित देखभाल भी जरूरी है रोजाना पौधों की स्थिति देखनी चाहिए और सूखे, कमजोर या रोगग्रस्त पौधों को अलग करना चाहिए. गर्मियों में सिंचाई और छाया की जरूरत बढ़ सकती है, जबकि बरसात के मौसम में जल निकासी पर विशेष ध्यान देना पड़ता है. सर्दियों में कुछ पौधों को ठंड से बचाने के लिए अतिरिक्त सुरक्षा की जरूरत हो सकती है. नर्सरी में साफ-सफाई बनाए रखना भी महत्वपूर्ण है। खरपतवार और कचरे को समय-समय पर हटाना चाहिए ताकि कीट और रोगों का खतरा कम किया जा सके.



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