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Airline Rule : सरकार ने साफ कर दिया है कि हवाईअड्डे का संचालन करने वाली कंपनियों को भी अपनी एयरलाइंस खोलने का अधिकार है. केंद्रीय मंत्री ने कहा है कि देश को 5 बड़ी एयलाइंस की जरूरत है, जिनमें से हर एक के पास कम से कम 100 विमान हों.
सरकार ने देश को 5 बड़ी एयरलाइंस की जरूरत बताई है.
नई दिल्ली. सरकार ने उन सभी दलीलों को खारिज कर दिया है, जिसमें कहा गया था कि एयरपोर्ट का संचालन करने वाली कंपनियां अगर खुद की एयरलाइंस खोलती हैं तो इससे हितों का टकराव होगा. अब सरकार ने कहा है कि ऐसा कोई कानून नहीं है जो एयरपोर्ट संभालने वाली कंपनियों को अपनी एयरलाइंस बनाने से रोकता हो. इसका मतलब है कि अब अडानी समूह के लिए भी विमानन कंपनी खोलने का रास्ता साफ हो गया है.
अडानी समूह मुंबई-दिल्ली सहित देशभर में करीब एक दर्जन एयरपोर्ट का संचालन करता है. मुंबई एयरपोर्ट संचालन से जुड़ा नियम कहता है कि इससे जुड़ी कंपनी का किसी भी एयरलाइंस में 10 फीसदी से ज्यादा हिस्सा नहीं होना चाहिए. अडानी समूह ने इस नियम में बदलाव की मांग की थी. अब सरकार ने भी साफ कर दिया है कि वह एयरलाइन में हिस्सेदारी लेने के हवाईअड्डा संचालकों के प्रस्ताव से जुड़े फायदे एवं नुकसान का आकलन करेगी और संतुलित रुख अपनाते हुए फैसला करेगी.
देश को 5 एयरलाइंस की जरूरत
नागर विमानन मंत्री के. राममोहन नायडू ने कहा है कि हवाई यात्रा की मजबूत मांग का पूरा लाभ उठाने के लिए भारतीय विमानन क्षेत्र में कम-से-कम 5 एयरलाइन होनी चाहिए, जिनमें से हरेक के पास 100 विमान हों. नायडू ने छोटे शहरों को हवाई संपर्क से जोड़ने की ‘उड़ान’ योजना के अगले चरण के लिए समझौतों पर हस्ताक्षर किए जाने के मौके पर कहा कि देश के आकार और बढ़ते हवाईअड्डा नेटवर्क को देखते हुए मंत्रालय इस दिशा में सक्रिय रूप से सहयोग कर रहा है.
350 हवाईअड्डे बनाए जाएंगे
उन्होंने कहा कि छोटे शहरों में भी लोग अपने आसपास हवाईअड्डा चाहते हैं. लिहाजा सरकार को मौजूदा जरूरतों के साथ-साथ साल 2047 के विकसित भारत के लक्ष्य को ध्यान में रखते हुए योजना बनानी होगी. उन्होंने कहा कि भारत में आदर्श रूप से 350 से अधिक हवाई अड्डे होने चाहिए. किसी एयरलाइन में हिस्सेदारी लेने की अडानी समूह की इच्छा के बारे में पूछे जाने पर नायडू ने कहा कि सरकार के लिए यह स्पष्ट है कि देश में और एयरलाइन होनी चाहिए.
उन्होंने कहा, हवाईअड्डों और एयरलाइन का एक साथ संचालन करने के मुद्दे पर विचार-विमर्श की जरूरत है. हम इसके फायदे और नुकसान देखेंगे.
यात्रियों को ज्यादा विकल्प की जरूरत
नायडू ने कहा कि सरकार का पहला उद्देश्य यात्रियों को अधिक एयरलाइन के विकल्प उपलब्ध कराना है. यदि कोई इस क्षेत्र में निवेश करना चाहता है तो सरकार इस विचार का समर्थन करती है. फिलहाल दिल्ली और मुंबई के लिए लागू ओएमडीए समझौतों को छोड़कर ऐसा कोई नियम नहीं है जो हवाईअड्डा संचालकों को एयरलाइन में हिस्सेदारी रखने से रोकता हो. इस मामले में संतुलित रुख अपनाने की जरूरत है. हालांकि, इस बारे में अभी कोई निर्णय नहीं लिया गया है.
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प्रमोद कुमार तिवारी को शेयर बाजार, इन्वेस्टमेंट टिप्स, टैक्स और पर्सनल फाइनेंस कवर करना पसंद है. जटिल विषयों को बड़ी सहजता से समझाते हैं. अखबारों में पर्सनल फाइनेंस पर दर्जनों कॉलम भी लिख चुके हैं. पत्रकारि…
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