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Business Idea: झांसी का कान्हा गौशाला इन दिनों लोगों के बीच खास चर्चा में है. यहां देसी गायों की देखभाल के साथ एक अलग तरह का काम किया जा रहा है. इस काम को शुरू किया है तान्या बंसल ने. गौशाला में करीब 90 देसी गायें हैं. इनमें गिर नस्ल की दो गायें भी शामिल हैं. इन गायों के दूध से खास देसी घी तैयार किया जाता है. यह घी साधारण घी से अलग माना जाता है. इसकी शुद्धता और तरीके की वजह से इसकी कीमत भी काफी ज्यादा है और हजारों रुपये लीटर तक पहुंच जाती है.
झांसीः ग्वालियर रोड पर बनी कान्हा गौशाला इन दिनों लोगों के बीच खास चर्चा में है. यहां देसी गायों की देखभाल के साथ एक अलग तरह का काम किया जा रहा है. इस काम को शुरू किया है तान्या बंसल ने. गौशाला में करीब 90 देसी गायें हैं. इनमें गिर नस्ल की दो गायें भी शामिल हैं. इन गायों के दूध से खास देसी घी तैयार किया जाता है. यह घी साधारण घी से अलग माना जाता है. इसकी शुद्धता और तरीके की वजह से इसकी कीमत भी काफी ज्यादा है और हजारों रुपये लीटर तक पहुंच जाती है.
तान्या बताती हैं कि उनका मकसद सिर्फ कमाई करना नहीं है बल्कि देसी गायों को बचाना और बढ़ावा देना भी है. गौशाला में गायों के खाने पीने का पूरा ध्यान रखा जाता है. उन्हें हरा चारा दिया जाता है. साथ में दाना और प्राकृतिक चीजें भी दी जाती हैं. साफ सफाई का भी पूरा ध्यान रखा जाता है. दूध निकालने से लेकर घी बनाने तक हर काम पारंपरिक तरीके से किया जाता है. इसमें किसी तरह की मिलावट नहीं की जाती. यही वजह है कि यह घी लोगों को भरोसेमंद लगता है और इसकी मांग लगातार बढ़ रही है.
रोजगार का जरिया बन चुकी है गौशाला
तान्या बंसल बताती हैं कि उन्होंने इस काम की शुरुआत छोटे स्तर से की थी. धीरे धीरे लोगों का भरोसा बढ़ा और काम भी आगे बढ़ता गया. आज यह गौशाला कई लोगों के लिए रोजगार का जरिया बन चुकी है. यहां काम करने वाले लोग गायों की देखभाल करते हैं. दूध निकालते हैं. घी बनाते हैं और पैकिंग का काम भी संभालते हैं. इसके अलावा यहां दूध और दही जैसे दूसरे उत्पाद भी तैयार किए जाते हैं. आसपास के लोग इन चीजों को खरीदने के लिए आते हैं. तान्या का कहना है कि देसी गायों से मिलने वाले उत्पाद सेहत के लिए अच्छे होते हैं और लोग अब इसे समझने लगे हैं. वह आगे इस काम को और बढ़ाना चाहती हैं.
उनकी कोशिश है कि ज्यादा से ज्यादा लोगों तक शुद्ध देसी उत्पाद पहुंच सकें. इस पहल से यह साफ दिखता है कि अगर सही तरीके से काम किया जाए तो पशुपालन भी अच्छा कारोबार बन सकता है. झांसी की यह गौशाला अब दूसरे लोगों के लिए मिसाल बन रही है और लोग इससे सीख लेकर आगे बढ़ने की बात कर रहे हैं.
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Rajnish Kumar Yadav is a digital journalist and content publisher with over seven years of experience in print and digital media. He is currently working with News18 Digital (Local18) as a Content Publisher, wh…
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