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Ganesh Visarjan 2026 Today: आज अनंत चतुर्दशी के पावन अवसर पर गणेश विसर्जन किया जाएगा. बप्पा को विदाई देने से पहले उत्तर पूजा विधि का पालन करना शुभ माना जाता है. इस दिन भक्तगण धूमधाम से गणपति बप्पा को विदा करते हैं. विसर्जन के लिए कुछ विशेष मुहूर्त बताए गए हैं, जिनमें यह कार्य करना अत्यंत फलदायी होता है. आइए जानते हैं बप्पा की विदाई की संपूर्ण विधि और उत्तम मुहूर्त.
Ganesh Visarjan 2026 Today: गणेश चतुर्थी से शुरू हुआ 10 दिवसीय गणेश उत्सव का आज यानी अनंत चतुर्दशी पर समापन हो जाएगा. इस दिन भक्त भगवान गणेश की विधि-विधान से पूजा और उत्तर पूजा करने के बाद उन्हें श्रद्धापूर्वक विदाई देते हैं. विसर्जन से पहले भगवान गणेश की पूजा, आरती और उत्तर पूजा की जाती है. भक्त उन्हें मोदक, दूर्वा, फूल और नैवेद्य अर्पित कर परिवार की सुख-समृद्धि, शांति और मंगल की कामना करते हैं. इसके बाद श्रद्धापूर्वक गणपति की प्रतिमा का विसर्जन किया जाता है. मान्यता है कि गणपति बप्पा अपने भक्तों के विघ्न दूर करके उन्हें सुख और समृद्धि का आशीर्वाद देते हैं. विसर्जन के समय भक्त गणपति बप्पा मोरया, अगले बरस तू जल्दी आ के जयकारे लगाते हुए उन्हें विदाई देते हैं. आइए जानते हैं बप्पा की विदाई से पहले कैसे करें पूजा और विसर्जन के लिए उत्तम मुहूर्त…
विसर्जन से पहले ऐसे करें उत्तर पूजा
गणेश विसर्जन से पहले घर या पूजा स्थल पर भगवान गणेश की दोबारा पूजा करें. सबसे पहले गणपति को स्नान या गंगाजल अर्पित करें. इसके बाद उन्हें साफ वस्त्र, फूल, दूर्वा, सिंदूर और अक्षत अर्पित करें. भगवान गणेश को मोदक, लड्डू, फल या अपनी श्रद्धा के अनुसार नैवेद्य चढ़ाएं. इसके बाद धूप और दीप जलाकर गणेशजी की आरती करें. परिवार के सभी सदस्य मिलकर भगवान गणेश से सुख, शांति, समृद्धि और सभी विघ्न दूर करने की प्रार्थना करें. पूजा के दौरान जाने-अनजाने में हुई भूल के लिए गणपति से क्षमा मांगने की परंपरा भी है. उत्तर पूजा के बाद गणेश प्रतिमा को विसर्जन के लिए ले जाने की तैयारी की जाती है. इस दौरान भक्त श्रद्धापूर्वक गणपति बप्पा मोरया, अगले बरस तू जल्दी आ के जयकारे लगाते हुए बप्पा को विदाई देते हैं.
बप्पा की पोटली
बप्पा की विदा करते समय एक छोटी सी लाल या पीले रंग के कपड़े में पोटली बांधकर दी जाती है.
पोटली में क्या-क्या रखें?
मोदक या लड्डू: भगवान को प्रिय भोग के रूप में
दूर्वा: श्रीगणेश को अर्पित हरी घास
हल्दी की गांठ: शुभता और समृद्धि के लिए
सुपारी: अखंडता और पूजन की पूर्णता के लिए
अक्षत (चावल): पूर्णता और अक्षुण्णता का प्रतीक
थोड़े सिक्के या दक्षिणा: श्रद्धा स्वरूप
गणेश विसर्जन उत्तम मुहूर्त 2026
पंचांग के अनुसार, लाभ चौघड़िया – 7:41 से 9:12 बजे
अमृत चौघड़िया – 9:12 से 10:42 बजे
शुभ चौघड़िया – दोपहर 12:13 से 1:43 बजे तक
चर एवं लाभ मुहूर्त – दोपहर 12:15 बजे से दोपहर 03:18 बजे तक
गणेश विसर्जन के लिए उत्तम मुहूर्त – सुबह 06:02 बजे से लेकर दोपहर 02:36 बजे के बीच
प्रातः काल शुभ मुहूर्त – सुबह 06:12 बजे से सुबह 10:42 बजे तक
अभिजीत मुहूर्त – दोपहर 11:48 बजे से दोपहर 12:36 बजे तक
विजय मुहूर्त – 02:14 पी एम से 03:02 पी एम
गोधूलि मुहूर्त – 06:15 पी एम से 06:39 पी एम
रवि योग – 06:12 ए एम से 11:22 ए एम
विसर्जन के समय इन बातों का रखें ध्यान
गणेश प्रतिमा को सम्मानपूर्वक विसर्जन स्थल तक ले जाएं. विसर्जन से पहले एक बार आरती करें और परिवार के सभी सदस्य बप्पा का आशीर्वाद लें. प्रशासन द्वारा निर्धारित विसर्जन स्थल का ही इस्तेमाल करें. पर्यावरण की सुरक्षा के लिए मिट्टी की प्रतिमा और प्राकृतिक सामग्री को प्राथमिकता देना बेहतर है. फूल-माला और पूजा सामग्री को सीधे जल में डालने के बजाय निर्धारित स्थान पर रखें. विसर्जन के दौरान बच्चों और बुजुर्गों की सुरक्षा का भी ध्यान रखें. नदी, तालाब या समुद्र में प्रतिमा विसर्जित करते समय पानी की गहराई और स्थानीय प्रशासन के निर्देशों का पालन करें.
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पराग शर्मा Hindi News18 Digital में Chief Sub Editor के पद पर कार्यरत हैं. वर्तमान में धर्म, ज्योतिष, ग्रह-नक्षत्र, राशि और वास्तु से जुड़ी खबरों पर काम कर रहे हैं. भारतीय धार्मिक परंपराओं, ज्योतिष शास्त्र, मेद…
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