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यूपी में राज्यसभा चुनाव से पहले को लगा ऐसा झटका धरती का कोई चाणक्य नहीं कर पाता ये कैलकुलेशन…


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Chhote Lal Verma BJP MLA Death: UP में 10 राज्यसभा सीटों के लिए 16 अक्टूबर को चुनाव होना है. इससे ठीक पहले BJP विधायक छोटे लाल वर्मा के निधन से विधानसभा का संख्या बल बदल गया है. अब सदन में 396 सदस्य हैं और BJP के 255 विधायक रह गए हैं. राज्यसभा की एक सीट के लिए 37 वोट का आंकड़ा बरकरार है. लेकिन BJP और उसके सहयोगियों के कुल वोटों का हिसाब जरूर बदल गया है. यानी आप कितने भी राजनीतिक चाणक्य क्यों न हो आपका मौत के सामने सारा समीकरण फेल ही हो जाता है.

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राज्यसभा चुनाव से पहले BJP को लगा ऐसा झटका; कोई कल्पना नहीं कर सकता थाZoom

छोटे लाल वर्मा के निधन के बाद यूपी विधानसभा में एक सीट और खाली हो गई है.

BJP Rajya Sabha Election 2026: उत्तर प्रदेश में 10 राज्यसभा सीटों के लिए 16 अक्टूबर को चुनाव होना है. चुनावी प्रक्रिया शुरू होने से पहले ही BJP को तगड़ा झटका लगा  है. आगरा की फतेहाबाद सीट से विधायक छोटे लाल वर्मा का निधन हो गया. इससे विधानसभा में एक सीट और खाली हो गई और BJP का संख्या बल भी एक कम हो गया. चुनाव में वैसे भी महीनों से चुनावी गणित बिठाया जाता है, ऐसे में छोटे लाल वर्मा के निधन का नुकसान बीजेपी के लिए झटका जैसे है. जैसी घटना किसी भी तैयार कैलकुलेशन को दोबारा देखने पर मजबूर कर देती है. इसलिए इस चुनाव में एक-एक विधायक का वोट अहम है. सवाल सिर्फ यह नहीं है कि किसके पास कितने विधायक हैं. असली बात यह भी होगी कि मतदान के दिन कौन किस उम्मीदवार के पक्ष में वोट करता हैअब सवाल है कि इस एक वोट की कमी से राज्यसभा चुनाव के समीकरण पर कितना असर पड़ेगा. समझते हैं पूरा गणित.

एक विधायक के निधन से बदल गया हिसाब

आगरा की फतेहाबाद विधानसभा सीट से BJP विधायक छोटे लाल वर्मा का 24 सितंबर को निधन हो गया. वह 73 साल के थे. बीमारी के बाद उन्हें नोएडा के यथार्थ अस्पताल में भर्ती कराया गया था. इलाज के दौरान उनकी मौत हो गई. उनके निधन के साथ ही फतेहाबाद सीट खाली हो गई.

अब विधानसभा में 396 सदस्य बचे

उत्तर प्रदेश विधानसभा में कुल 403 सीटें हैं. छोटे लाल वर्मा के निधन से पहले छह सीटें खाली थीं. अब सात सीटें रिक्त हो गई हैं. यानी राज्यसभा चुनाव के लिए विधानसभा में 396 सदस्य ही वोट डालने की स्थिति में हैं. इनमें BJP के 255 विधायक हैं. इससे पहले पार्टी के पास 256 विधायक थे.

37 वोट का जादुई आंकड़ा फिर भी वही

विधायक की संख्या घटने के बावजूद राज्यसभा की एक सीट के लिए जरूरी 37 वोट का आंकड़ा नहीं बदला है. 396 सदस्यों के हिसाब से भी एक सीट के लिए 37 प्रथम वरीयता वोट चाहिए. यानी छोटे लाल वर्मा के निधन से कुल वोटों का गणित बदला है, सीट जीतने का कोटा नहीं.

BJP की आठवीं सीट पर नजर

चुनाव से पहले उपलब्ध विधानसभा संख्या के हिसाब से BJP के 255 विधायक हैं. उसके सहयोगी दलों के 33 विधायक हैं. कुछ अन्य विधायक भी सत्ता पक्ष के साथ बताए जा रहे हैं. इससे BJP के नेतृत्व वाले गठबंधन के पास आठ सीटों के लिए जरूरी संख्या जुटाने का गणित बनता है. लेकिन छोटे लाल वर्मा के निधन के बाद पहले से तैयार आंकड़ों को एक वोट घटाकर फिर देखना पड़ेगा.

SP के सामने भी दो सीटों का गणित

विधानसभा में समाजवादी पार्टी के 101 विधायक हैं. कांग्रेस के दो विधायक हैं. दोनों को जोड़ने पर आंकड़ा 103 होता है. एक राज्यसभा सीट के लिए 37 वोट चाहिए. इस हिसाब से SP-कांग्रेस के पास दो सीटों के लिए जरूरी 74 वोट से काफी ज्यादा संख्या है. तीसरी सीट के लिए उसे अतिरिक्त वोटों की जरूरत होगी.

29 सितंबर से शुरू होगी प्रक्रिया

चुनाव आयोग के अनुसार, चुनाव की अधिसूचना 29 सितंबर को जारी की जाएगी. नामांकन भरने की आखिरी तारीख 6 अक्टूबर तक है. 7 अक्टूबर को नामांकन पत्रों की जांच होगी और 9 अक्टूबर शुक्रवार तक उम्मीदवार अपना नाम वापस ले सकेंगे. मतदान 16 अक्टूबर को होगा. वोटिंग का समय सुबह 9 बजे से शाम 4 बजे तक रहेगा. उसी दिन शाम 5 बजे वोटों की गिनती शुरू होगी. चुनाव की पूरी प्रक्रिया 19 अक्टूबर तक पूरी कर ली जाएगी.



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