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मिड डे मील का बदलेगा स्वाद अब स्कूली बच्चों की थाली में परोसी जाएगी ताजी मछली…


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Fish in Puducherry School Midday Meal: पुडुचेरी सरकार स्कूली बच्चों के मिड-डे मील में मछली और उससे बने प्रोडक्ट्स शामिल करने जा रही है. यानम क्षेत्र के स्कूलों से इस पायलट प्रोजेक्ट की शुरुआत होगी. इसमें बच्चों को फिश फिंगर्स और फिश बॉल परोसे जाएंगे और स्कूल स्टाफ को इसकी ट्रेनिंग दी जाएगी.

मिड-डे मील का बदलेगा स्वाद, अब स्कूली बच्चों की थाली में परोसी जाएगी ताजी मछलीZoom

Fish in Midday Meal: पुडुचेरी के सरकारी स्कूलों का मिड-डे मील मेन्यू बदला जाएगा

नई दिल्ली (Fish in Puducherry School Midday Meal). स्कूल के दिनों की याद आते ही सबसे पहले टिफिन बॉक्स की खुशबू जेहन में उतर आती है. सरकारी स्कूल में बच्चे टिफिन नहीं लाते हैं. उन्हें स्कूल में ही मिड-डे मील परोसा जाता है. मिड-डे मील में बच्चों को अक्सर दाल-चावल, रोटी या कभी-कभी अंडा और दूध दिया जाता है. लेकिन क्या बच्चों की थाली में मछली के स्वादिष्ट व्यंजन भी परोसे जा सकते हैं? बच्चों की सेहत और पोषण स्तर को बेहतर बनाने के लिए पुडुचेरी सरकार ने बेहद अनूठी पहल की है.

पुडुचेरी सरकार अब स्कूली बच्चों के मिड-डे मील में मछली और उससे बने हेल्दी प्रोडक्ट्स को शामिल करने की योजना पर काम कर रही है. पुडुचेरी प्रशासन वाणिज्य और उद्योग मंत्रालय के अधीन आने वाले संस्थान ‘मरीन प्रोडक्ट्स एक्सपोर्ट डेवलपमेंट अथॉरिटी’ (MPEDA) के साथ मिलकर काम कर रहा है. शुरुआत में इस योजना को पायलट प्रोजेक्ट के रूप में केंद्र शासित प्रदेश के यानम क्षेत्र में शुरू किया जाएगा. इसके जरिए बच्चों को लोकल स्तर पर मिलने वाली ताजी मछलियों से तैयार लजीज और पौष्टिक चीजें मिलेंगी.

मिड-डे मील में मछली: बच्चों की थाली में बढ़ेगा न्यूट्रिशन

पुडुचेरी सरकार स्कूली बच्चों के पोषण में सुधार लाने के लिए नए और दिलचस्प रास्ते पर चल पड़ी है. योजना के मुताबिक, सरकारी स्कूलों में पढ़ने वाले बच्चों को मिड-डे मील के साथ वैकल्पिक दिनों (Alternative Days) में मछली से बने स्वादिष्ट प्रोडक्ट परोसे जाएंगे. इसके लिए स्थानीय स्तर पर मिलने वाली मछलियों का इस्तेमाल किया जाएगा. बच्चों को खाने में बोरियत न हो और वे चाव से खाएं, इसके लिए फिश फिंगर्स और फिश बॉल जैसे वैल्यू-ऐडेड प्रोडक्ट्स तैयार किए जाने की योजना है.

यानम क्षेत्र से होगी पायलट प्रोजेक्ट की शुरुआत

किसी भी नई योजना की सफलता के लिए उसकी शुरुआत छोटे स्तर पर करनी जरूरी होती है. इसी बात को ध्यान में रखते हुए पुडुचेरी प्रशासन इस प्रोजेक्ट को सबसे पहले यानम क्षेत्र के चुनिंदा तटीय सरकारी स्कूलों में पायलट प्रोजेक्ट के तौर पर लॉन्च करने जा रहा है. इस संबंध में लोक निर्माण और मत्स्य मंत्री मल्लादी कृष्ण राव ने MPEDA के चेयरमैन पी. जवाहर के साथ अहम बैठक भी की है. इस प्रोजेक्ट को आगे बढ़ाने से पहले स्कूल शिक्षा विभाग क्षेत्र की स्कूल मैनेजमेंट कमेटियों के साथ विस्तृत चर्चा करेगा.

महिला स्टाफ को मिलेगी खास ट्रेनिंग और फिश प्रोसेसिंग के गुर

बच्चों की थाली तक सुरक्षित और hygienic तरीके से मछली पहुंचाने के लिए कुकिंग स्टाफ को ट्रेनिंग दी जाएगी. MPEDA के चेयरमैन पी. जवाहर ने जानकारी दी है कि सरकारी स्कूलों में जो महिला कर्मचारी पहले से ही बच्चों के लिए दूध उबालने और अंडे तैयार करने का काम संभालती हैं, उन्हें खास ट्रेनिंग दी जाएगी. इन महिलाओं को फिश फिलेट (fish fillet) की प्रोसेसिंग और स्वादिष्ट व्यंजन बनाने के गुर सिखाए जाएंगे. इससे स्कूल स्तर पर ही साफ-सुथरे तरीके से ये पौष्टिक व्यंजन तैयार किए जा सकेंगे.

मछुआरों की आजीविका और मरीन इकोनॉमी को मिलेगा बढ़ावा

यह योजना सिर्फ बच्चों की सेहत तक ही सीमित नहीं है, बल्कि इससे तटीय इलाकों के आर्थिक विकास को भी पंख लगेंगे. पुडुचेरी के उपराज्यपाल के. कैलाशनाथन और मुख्यमंत्री एन. रंगासामी के साथ हुई बैठकों में इस बात पर जोर दिया गया है कि कैसे MPEDA और प्रदेश सरकार मिलकर मत्स्य पालन क्षेत्र को मजबूत कर सकते हैं. स्थानीय मछुआरों को बढ़ावा मिलने से उनकी आजीविका बेहतर होगी और पुडुचेरी की समुद्री अर्थव्यवस्था (marine economy) को भी मजबूती मिलेगी.

About the Author

दीपाली पोरवालSenior Sub Editor

Deepali Porwal is a seasoned bilingual journalist with 11 years of experience in the media industry. She currently works with News18 Hindi, focusing on the Education and Career desk. She is kno…

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