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अक्टूबर को मोबाइल दुकान पर नहीं चलेगा यूपीआई आपका भी है प्लान तो कार्ड कैश लेकर जाएं…


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No UPI Day : देशभर के खुदरा मोबाइल दुकानदारों ने 2 अक्टूबर को यूपीआई से पेमेंट नहीं लेने का फैसला किया है. संगठन ने यूपीआई पर एमडीआर लगाए जाने का विरोध करते हुए देशभर में नो यूपीआई डे मनाने का फैसला किया है.

2 अक्टूबर को मोबाइल दुकान पर नहीं चलेगा यूपीआई, कैश-कार्ड लेकर जाएंZoom

मोबाइल दुकानदारों ने एमडीआर का विरोध किया है.

नई दिल्ली. यूपीआई अब सिर्फ एक तकनीक नहीं रह गई है, बल्कि यह लेनदेन का सबसे बड़ा जरिया बन चुका है. छोटे दुकानदार से लेकर शॉपिंग और कॉम्पलेक्स तक इसी पेमेंट सर्विस का बोलबाला है. लेकिन, सरकार ने जब से एमडीआर का ऐलान किया है, हर तरफ विरोध हो रहा है. यूपीआई पर एमडीआर के विरोध में ऑल इंडिया मोबाइल रिटेलर्स एसोसिएशन ने 2 अक्टूबर को यूपीआई से भुगतान नहीं लेने का फैसला किया है. संगठन ने इस विरोध को ‘नो यूपीआई डे’ नाम दिया है.

ऑल इंडिया मोबाइल रिटेलर्स एसोसिएशन का कहना है कि 2 हजार रुपये से ज्यादा के भुगतान पर 0.4 फीसदी एमडीआर का सारा बोझ कारोबार पर पड़ेगा. कॉस्ट बढ़ने से इसका असर ग्राहकों पर भी जा सकता है. एमडीआर के विरोध में ही संगठन ने 2 अक्टूबर को यूपीआई से भुगतान नहीं लेने का फैसला किया है. उनका कहना है कि क्यूआर को काले कपड़े से ढंककर विरोध भी जताया जाएगा.

कहां-कहां बंद रहेगा यूपीआई
ऐसा नहीं है कि यूपीआई सर्विस को पूरे देश में बंद रखा जाएगा, बल्कि आल इंडिया मोबाइल रिटेलर्स एसोसिएशन के सदस्य जिन भी राज्य या जिलों में हैं, वहां 2 अक्टूबर को यूपीआई का विरोध किया जाएगा. इसमें बिना सदस्य वाले दुकानदार भी शामिल होंगे, जिसका असर देश के छोटे और बड़े हर शहर में पड़ने की आशंका है. दुकानदारों का कहना है कि एमडीआर की सबसे ज्यादा मार मोबाइल उद्योग पर पड़नी है. यहां कोई भी सामान 2000 से कम का नहीं होता है. लिहाजा हमें तो अपने सभी बिक्री पर एमडीआर चुकाना पड़ेगा.

कितना लगेगा मोबाइल पर एमडीआर
दुकानदारों का कहना है कि अगर किसी ने 30 हजार रुपये का मोबाइल खरीदा है और उसका भुगतान यूपीआई से किया है तो 0.4 फीसदी एमडीआर के हिसाब से 120 रुपये का चार्ज देना पड़ेगा. अब इस कॉस्ट को ग्राहक पर नहीं डालेंगे तो खुद वहन करना पड़ेगा. चूंकि, हमारा हर सौदा 10 या 20 हजार से ज्यादा का ही रहता है तो हमें अपने हर ट्रांजेक्शन पर रोजाना हजारों रुपये के देने होंगे.

About the Author

Pramod Kumar Tiwari

प्रमोद कुमार तिवारी को शेयर बाजार, इन्‍वेस्‍टमेंट टिप्‍स, टैक्‍स और पर्सनल फाइनेंस कवर करना पसंद है. जटिल विषयों को बड़ी सहजता से समझाते हैं. अखबारों में पर्सनल फाइनेंस पर दर्जनों कॉलम भी लिख चुके हैं. पत्रकारि…

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