Agency:एजेंसियां
Last Updated:
अरुणाचल प्रदेश के चांगलांग में भारत-म्यांमार बॉर्डर पर उग्रवादियों ने घात लगाकर हमला किया. इस गोलीबारी में असम राइफल्स के हवलदार जांगखोकाई कुकी शहीद हो गए और चार जवान घायल हुए. यह हमला नामपोंग सर्कल में पेट्रोलिंग के दौरान हुआ, जहां फेंसिंग का काम चल रहा था. घटना के बाद सुरक्षा बलों ने पूरे इलाके की घेराबंदी कर दी है. फरार उग्रवादियों को पकड़ने के लिए जंगलों में बड़ा सर्च ऑपरेशन शुरू है.
असम राइफल्स (फाइल फोटो : PTI)
अरुणाचल प्रदेश के चांगलांग जिले में भारत-म्यांमार सीमा पर उग्रवादियों ने सुरक्षा बलों को निशाना बनाया है. अंतरराष्ट्रीय बॉर्डर पर गश्त कर रही 21 असम राइफल्स की टीम पर अचानक भारी हथियारों से अंधाधुंध फायरिंग की गई. इस कायराना हमले में असम राइफल्स के बहादुर हवलदार जांगखोकाई कुकी देश के लिए शहीद हो गए. हमले के दौरान चार अन्य जवान गंभीर रूप से घायल हो गए हैं. सभी घायलों को तुरंत नजदीकी अस्पताल में भर्ती कराया गया है. यह सनसनीखेज वारदात नामपोंग सर्कल के नामपोंग नाला के पास हुई. उस समय जवान सीमा पर चल रहे फेंसिंग काम की सुरक्षा में पेट्रोलिंग कर रहे थे. बिना बाड़ वाली इस खुली सीमा का फायदा उठाकर उग्रवादियों ने घात लगाकर हमला किया. इस खूनी हमले के बाद पूरे पूर्वोत्तर में सुरक्षा एजेंसियां अलर्ट मोड पर आ गई हैं. अतिरिक्त सुरक्षा बलों ने पूरे इलाके को सील करके हमलावरों के खिलाफ बड़ा सर्च अभियान छेड़ दिया है.
नामपोंग नाला के पास जवानों को उग्रवादियों ने कैसे घेरा?
ईटानगर पुलिस के मुताबिक यह पूरी घटना चांगलांग के नामपोंग नाला इलाके में हुई. 21 असम राइफल्स के जवान सीमावर्ती क्षेत्र में रूटीन पेट्रोलिंग पर निकले थे. इस सेक्टर में भारत और म्यांमार की सीमा बिल्कुल खुली हुई है. वहां पर किसी भी तरह की कोई बाड़ नहीं लगी है. इसी संवेदनशील बॉर्डर पर सरकार की तरफ से फेंसिंग लगाने की प्रक्रिया चल रही थी. जंगल की आड़ में छिपे संदिग्ध उग्रवादियों ने जवानों को देखते ही अंधाधुंध गोलियां चला दीं. इस अचानक हुए हमले में 42 वर्षीय हवलदार जांगखोकाई कुकी मौके पर ही शहीद हो गए. उनके चार साथी जवान गंभीर रूप से जख्मी हो गए. पुलिस अधिकारी ने बताया कि घायल जवानों को तुरंत मेडिकल मदद के लिए अस्पताल पहुंचाया गया.
हमले के पीछे किस उग्रवादी संगठन का हाथ माना जा रहा है?
चांगलांग जिले की सीमा म्यांमार के दुर्गम इलाकों से सटी हुई है. सुरक्षा सूत्रों के अनुसार इस हमले में एनएससीएन-के-वाईए गिरोह के उग्रवादी शामिल हो सकते हैं. हालांकि सुरक्षा बलों या पुलिस ने अभी तक इसकी आधिकारिक पुष्टि नहीं की है. चांगलांग के पुलिस अधीक्षक किर्ली पाडु ने स्थिति पर नजर बनाई हुई है. उन्होंने स्थानीय पुलिस थाने के इंचार्ज को घटनास्थल से जरूरी इनपुट जुटाने का निर्देश दिया है. इस इलाके में कई प्रतिबंधित संगठन सक्रिय रहते हैं. वे म्यांमार की खुली सीमा का इस्तेमाल छिपने के लिए करते हैं. वारदात को अंजाम देकर उग्रवादी घने जंगलों के रास्ते अंतरराष्ट्रीय सीमा पार भागने की फिराक में रहते हैं.
शहीद हवलदार को श्रद्धांजलि देते हुए असम राइफल्स ने क्या कहा?
असम राइफल्स के महानिदेशक लेफ्टिनेंट जनरल विकास लखेरा ने इस कायरतापूर्ण हमले की कड़ी निंदा की है. उन्होंने शहीद हवलदार के सर्वोच्च बलिदान पर गहरा दुख व्यक्त किया. असम राइफल्स ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म एक्स पर जारी अपने बयान में कहा, ‘असम राइफल्स के डायरेक्टर जनरल लेफ्टिनेंट जनरल विकास लखेरा और सभी रैंक के जवान हवलदार जांगखोकाई कुकी को श्रद्धांजलि देते हैं.’ पोस्ट में आगे लिखा गया, ‘उन्होंने 29 सितंबर 2026 को अरुणाचल प्रदेश के चांगलांग में ड्यूटी के दौरान अपना सर्वोच्च बलिदान दिया.’ अर्धसैनिक बल ने कहा कि पूरी फोर्स शहीद के परिवार के साथ मजबूती से खड़ी है.
भारत-म्यांमार बॉर्डर पर फेंसिंग का काम क्यों बन रहा है उग्रवादियों का सिरदर्द?
भारत और म्यांमार के बीच 1643 किलोमीटर लंबी अंतरराष्ट्रीय सीमा खुली और दुर्गम है. पूर्वोत्तर के कई उग्रवादी गुट म्यांमार में अपने सुरक्षित ठिकाने बनाकर सीमा पार घुसपैठ करते हैं. केंद्र सरकार ने हाल के समय में इस खुली सीमा पर फेंसिंग करने और फ्री मूवमेंट रिजीम को खत्म करने का कड़ा फैसला लिया है. चांगलांग जिले में फेंसिंग का काम तेजी से चल रहा है. इस बाड़ के बनने से उग्रवादियों के सुरक्षित रास्ते बंद हो जाएंगे. यही वजह है कि उग्रवादी संगठन निर्माण कार्य में बाधा डालने के लिए सुरक्षा बलों को निशाना बना रहे हैं. सेना और असम राइफल्स ने अब पूरे इलाके में अतिरिक्त जवानों को उतार दिया है ताकि उग्रवादियों का पूरी तरह सफाया किया जा सके.
About the Author
दीपक वर्मा की गिनती डिजिटल मीडिया के सबसे तेज और उभरते हुए चेहरों में होती है. वह न्यूज18 हिंदी के साथ डिप्टी न्यूज एडिटर के तौर पर जुड़े हैं. दीपक ने अपने करियर में कई बड़े मुकाम हासिल किए हैं…
और पढ़ें