Last Updated:
पंजाब के VHP नेता विकास प्रभाकर की हत्या के मामले में एनआईए ने यूएई में रह रहे आरोपी हरविंदर कुमार उर्फ सोनू को गिरफ्तार किया है. कूटनीतिक प्रयासों के बाद 1 अक्टूबर 2026 को उसे यूएई से भारत डिपोर्ट किया गया. भारत पहुंचने के बाद एनआईए ने आईजीआई एयरपोर्ट से उसे गिरफ्तार किया है. जांच एजेंसी के अनुसार, हरविंदर पर हत्या की साजिश में शामिल लोगों को लॉजिस्टिक मदद, हथियार और टेरर फंडिंग उपलब्ध कराने का आरोप है.
वीएचपी नेता के हत्याकांड की साजिश रचने वाले आरोपी को एनआईए ने दिल्ली एयरपोर्ट से अरेस्ट किया है. (Image Source: NIA)
Vikas Prabhakar Murder Case: पंजाब के विश्व हिंदू परिसद (वीएचपी) के नेता विकास प्रभाकर की हत्या के मामले में एनआईए ने बड़ी कार्रवाई की है. एजेंसी ने यूएई में रह रहे आरोपी हरविंदर कुमार उर्फ सोनू को गिरफ्तार किया है. एनआईए के अनुसार, हरविंदर इस हत्या की साजिश में शामिल लोगों को लॉजिस्टिक मदद और टेरर फंडिंग मुहैया करा रहा था. हरविंदर कुमार को कूटनीतिक कोशिशों के बाद 1 अक्टूबर 2026 को यूएई से भारत डिपोर्ट किया गया है. भारत पहुंचते ही एनआईए ने उसे इंदिरा गांधी इंटरनेशनल एयरपोर्ट से गिरफ्तार कर लिया है. उल्लेखनीय है कि 13 अप्रैल 2024 को पंजाब के रूपनगर (रोपड़) जिले के नांगल में वीएचपी नेता विकास प्रभाकर की हत्या की गई थी. हत्या के समय वह अपनी दुकान में बैठे हुए थे.
- 2024 में दर्ज हुआ था मामला: विकास प्रभाकर की हत्या का यह मामला साल 2024 का है. एनआईए ने 9 मई 2024 को केस दर्ज किया था. एनआईए के अनुसार, प्रतिबंधित आतंकी संगठन बब्बर खालसा इंटरनेशनल (बीकेआई) से जुड़े लोगों ने विकास प्रभाकर की हत्या की थी. इस मामले में एनआईए अब तक तीन चार्जशीट दाखिल कर चुकी है.
- विदेश से रची थी हत्या की साजिश: एनआईए ने अपनी जांच में खुलासा किया है कि हत्या की साजिश जर्मनी में मौजूद बीकेआई ऑपरेटिव हरजीत सिंह उर्फ लड्डी और कुलबीर सिंह उर्फ सिद्धू ने रची थी. हरविंदर कुमार यूएई से विदेश में बैठे बीकेआई ऑपरेटिव्स के लिए काम कर रहा था. उसका काम लॉजिस्टिक मदद पहुंचाना और फंडिंग का इंतजाम करना था.
- रिक्रूटर और हैंडलर की निभाई भूमिका: एनआईए के अनुसार इस हत्याकांड में आरोपी हरविंदर ने रिक्रूटर और हैंडलर की भूमिका भी निभाई थी. उसने हथियारों की व्यवस्था की और हत्या को अंजाम देने वाले शूटरों तक हथियार पहुंचाने में मदद की. आरोप है कि हरविंदर ने इस साजिश से जुड़े टेरर फंड को हासिल करने और उसे आगे ट्रांसफर करने का काम भी किया. यह सब हरजीत सिंह और कुलबीर सिंह के निर्देश पर किए जाने का आरोप है.
About the Author
Anoop Kumar Mishra is currently serving as Assistant Editor at News18 Hindi Digital, where he leads coverage of strategic domains including aviation, defence, paramilitary forces, international…
और पढ़ें