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भोजपुर में एकड़ में बनेगा अमरूद का क्लस्टर मिलेगी लाख तक सब्सिडी।


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भोजपुर में 25 एकड़ में बनेगा अमरूद का क्लस्टर, मिलेगी ₹1 लाख तक सब्सिडी

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Bhojpur Guava Cluster Scheme: भोजपुर जिले में कृषि विभाग की पहल पर 25 एकड़ क्षेत्र में अमरूद का क्लस्टर विकसित किया जा रहा है। इस योजना के तहत किसानों को प्रति एकड़ 1 लाख रुपये तक का अनुदान दिए जाने का प्रावधान है।

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Bihar Guava Cluster Scheme: जिले में अमरूद की खेती को बड़े पैमाने पर व्यावसायिक रूप देने के लिए कृषि विभाग ने एक बड़ी पहल शुरू की है. ‘गांव की बागवानी, हमारे गौरव की कहानी’ योजना के तहत भोजपुर में पहली बार 25 एकड़ क्षेत्र में अमरूद का समेकित क्लस्टर विकसित किया जाएगा. इसके लिए जगदीशपुर और कोईलवर प्रखंड के राजस्व गांवों को चिह्नित किया गया है. योजना के अंतर्गत शामिल होने वाले किसानों को प्रति एकड़ 1 लाख रुपये तक की सब्सिडी दी जाएगी. जानें पूरी योजना और डिटेल्स.

कृषि विभाग ने स्वीकृत किए 16.25 लाख रुपये
इस महत्वाकांक्षी परियोजना के लिए कृषि विभाग की ओर से 16.25 लाख रुपये की राशि स्वीकृत की जा चुकी हैय प्रावधानों के अनुसार 25 एकड़ के क्लस्टर में किसानों को कुल 25 लाख रुपये तक की सब्सिडी का लाभ मिलना संभव है. अनुदान की राशि का उपयोग पौध सामग्री, खेत की तैयारी, खाद, कीटनाशी, सिंचाई और खरपतवार नियंत्रण जैसी शुरुआती और आवश्यक लागतों को पूरा करने में किया जाएगा.

बिखरी खेती के मुकाबले क्लस्टर मॉडल के लाभ
अलग-अलग छोटी जोत पर बिखरी खेती के बजाय एक ही क्षेत्र में अमरूद का क्लस्टर बनने से किसानों की लागत घटेगी और दक्षता बढ़ेगी. सामूहिक संसाधन में पौधरोपण, सिंचाई, खाद और आधुनिक कृषि तकनीकों का सामूहिक उपयोग आसान हो जाएगा. सीधा बाज़ार संपर्क से एक ही स्थान पर बड़े पैमाने पर गुणवत्तापूर्ण उत्पादन होने से व्यापारी और बड़े खरीदार सीधे क्लस्टर तक पहुंचेंगे. मंडी के चक्करों से मुक्ति मिलेगी. किसानों को अपनी उपज बेचने के लिए दूर-दराज के बाजारों और बिचौलियों पर निर्भर नहीं रहना पड़ेगा.

पारंपरिक फसलों के साथ आमदनी बढ़ाने का नया जरिया
अमरूद की व्यावसायिक खेती भोजपुर के किसानों के लिए पारंपरिक फसलों (गेहूं-धान) के अलावा आय का एक मजबूत और स्थायी विकल्प बनेगी. क्लस्टर मॉडल के माध्यम से किसानों को आधुनिक तकनीक अपनाने, प्रति हेक्टेयर पैदावार बढ़ाने और सीधे बाजार से जुड़कर अपनी आय दोगुनी करने में मदद मिलेगी.

About the Author

Amit Ranjan

अमित रंजन वर्तमान में News18 में बिहार, झारखंड और दिल्ली से जुड़ी खबरों के समन्वय और संपादन का कार्य देख रहे हैं. खोजी पत्रकारिता उनकी विशेष रुचि का क्षेत्र है. राजनीति, शिक्षा, खेल, क्राईम और मौसम जैसे विषयों …

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