माउंट कमेट उत्तराखंड के चमोली जिले में स्थित है. यह माउंट कंचनजंगा और माउंट नंदा देवी के बाद भारत की तीसरी सबसे ऊंची चोटी है.
35 सदस्यीय दल ने किया अभियान
इस संयुक्त अभियान में कुल 35 सदस्य शामिल थे. इसका नेतृत्व लेफ्टिनेंट कर्नल चिराग चटर्जी ने किया. दल में भारतीय सेना के 25 और अर्जेंटीना की सेना के 10 जवान शामिल थे.
General Dhiraj Seth, Chief of the Army Staff (COAS), flagged in members of the Joint Indo-Argentine Army Mountaineering Expedition in New Delhi
इस अभियान को 21 अगस्त 2026 को नई दिल्ली के मानेकशॉ सेंटर से रवाना किया गया था. हिमालय की बेहद कठिन परिस्थितियों में पर्वतारोहियों ने अभियान को पूरा किया. उन्हें अत्यधिक ठंड, तेज हवाओं, बर्फीले मैदानों, खड़ी चट्टानी हिस्सों, दरारों और ऊंचाई वाले कठिन इलाकों जैसी चुनौतियों का सामना करना पड़ा.
दोनों चोटियों पर सफल चढ़ाई इस दल की शारीरिक क्षमता, तकनीकी दक्षता, मानसिक मजबूती और आपसी तालमेल को दर्शाती है.
दोनों सेनाओं का तीसरा संयुक्त पर्वतारोहण अभियान
भारत और अर्जेंटीना की सेनाओं के बीच यह तीसरा संयुक्त पर्वतारोहण अभियान था. इससे पहले दोनों सेनाएं दो संयुक्त अभियानों में हिस्सा ले चुकी हैं. पहला संयुक्त अभियान जनवरी 2025 में अर्जेंटीना के मेंडोजा में 6,962 मीटर ऊंची माउंट एकॉनकागुआ पर हुआ था. इसके बाद अगस्त 2025 में लद्दाख की सुरू घाटी में 7,077 मीटर ऊंची माउंट कुन पर संयुक्त अभियान चलाया गया था.
लगातार हुए इन अभियानों से भारतीय और अर्जेंटीना की सेनाओं के बीच पेशेवर सहयोग, साथ मिलकर काम करने की क्षमता, आपसी सौहार्द और विश्वास मजबूत हुआ है. साथ ही, इन अभियानों ने दोनों सेनाओं को बेहद कठिन ऊंचाई वाले इलाकों में एक साथ काम करने का महत्वपूर्ण अनुभव भी दिया है.