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गड्ढे की खुदाई से लेकर पौधों पर छिड़काव को लेकर जानें अमरूद की बागवानी का सही तरीका कृषि वैज्ञानिक नें दिया टिप्स…


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Guava Farming Tips: किसानों के लिए अमरूद की खेती, विशेषकर रेड डायमंड और ताइवानी पिंक जैसी उन्नत किस्मों से, अच्छी कमाई का जरिया बन रही है. ये किस्में न केवल जल्दी फल देती हैं, बल्कि बाजार में इनकी मांग और कीमत दोनों ही काफी अधिक रहता है. रेड डायमंड अमरूद, जिसे जापानी रेड डायमंड भी कहते हैं, महज 6 महीने में फल देना शुरू कर देता है और साल में दो बार फसल देता है.

बलिया: उत्तर प्रदेश के किसानों के लिए अमरूद की खेती, विशेषकर रेड डायमंड और ताइवानी पिंक जैसी उन्नत किस्मों से, अच्छी कमाई का जरिया बन रही है. ये किस्में न केवल जल्दी फल देती हैं, बल्कि बाजार में इनकी मांग और कीमत दोनों ही काफी अधिक रहता है. रेड डायमंड अमरूद, जिसे जापानी रेड डायमंड भी कहते हैं, महज 6 महीने में फल देना शुरू कर देता है और साल में दो बार फसल देता है.

इसी तरह, ताइवानी पिंक किस्म भी अपने बड़े आकार, आकर्षक रंग और मीठे स्वाद के लिए जानी जाती है, जिसकी बाजार में कीमत 100 रुपये प्रति किलोग्राम तक होती है. इलाहाबादी सफेदा और लखनऊ-49 (सरदार अमरूद) भी किसानों के बीच लोकप्रिय हैं, जो अपने मीठे और रसीले स्वाद के लिए पसंद किए जाते हैं.

ये है अमरूद की खेती का सही तरीका

श्री मुरली मनोहर टाउन स्नातकोत्तर महाविद्यालय बलिया के पादप विज्ञान विभाग के एसोसिएट प्रोफेसर डॉ. जेपी सिंह ने अमरूद की खेती के लिए महत्वपूर्ण सुझाव दिए हैं. उन्होंने बताया कि पौधे लगाने के लिए 1 से 2 फीट गहरे, चौड़े और लंबे गड्ढे खोदने चाहिए. इन गड्ढों में सड़ी हुई गोबर की खाद, कीटनाशक ब्यूवेरिया बैसियाना और कवकनासी ट्राइकोडर्मा का प्रयोग करना बेहद जरूरी है. डॉ. सिंह ने अमरूद में लगने वाले रोगों और उनके बचाव पर भी प्रकाश डाला. उन्होंने बताया कि फल आने के बाद फल मक्खी का प्रकोप एक बड़ी समस्या है, जो फल में छेद करके अंदर प्रवेश करती है. इसके अलावा, फल पर चकत्ते बनने की बीमारी भी लगती है. फल छेदक सुंडियों को नियंत्रित करने के लिए मैलाथियान 50 प्रतिशत ईसी और इमामेक्टिन बेंजोएट 5 प्रतिशत एसजी जैसे रसायनों का प्रयोग किया जा सकता है. हालांकि, रसायनों के प्रयोग से फल के स्वाद पर नकारात्मक प्रभाव पड़ सकता है.

नीम का तेल, लहसुन और मिर्च का करें प्रयोग

डॉ. सिंह ने घरेलू नुस्खों को अपनाने की सलाह दी है. इनमें मिथाइल यूजीनॉल ट्रैप, नीम का तेल, लहसुन और मिर्च का स्प्रे, और गिरे हुए फलों को नष्ट करना शामिल है. उन्होंने यह भी बताया कि बाजार में चिकने फल बैंकिंग की वजह से होते हैं. फलों के शुरुआती अवस्था में ही उन्हें बैग से ढक देने से वे कीटों से सुरक्षित रहते हैं और अच्छी बाजार कीमत मिलती है. किसी भी समस्या के समाधान के लिए कृषि विशेषज्ञों से तुरंत राय लेना महत्वपूर्ण है.

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Rajneesh Kumar Yadav

Rajnish Kumar Yadav is a digital journalist and content publisher with over seven years of experience in print and digital media. He is currently working with News18 Digital (Local18) as a Content Publisher, wh…

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