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Gardening Tips: घर में जरूरत से ज्यादा प्याज आ जाने पर कई बार वह लंबे समय तक पड़े रहने से खराब होने लगते हैं. ऐसे प्याज को फेंकने की बजाय एक आसान देसी तरीके से जैविक खाद तैयार की जा सकती है. प्याज के खराब हिस्सों और जैविक कचरे का सही तरीके से इस्तेमाल करके खाद बनाई जा सकती है. यह खाद बागवानी और खेती में मिट्टी के लिए उपयोगी जैविक विकल्प के रूप में इस्तेमाल की जा सकती है.
भीलवाड़ा। घर में ज्यादा मात्रा में रखे प्याज अगर लंबे समय तक इस्तेमाल नहीं हो पाते हैं और खराब होने लगते हैं, तो उन्हें सीधे कचरे में फेंकने के बजाय जैविक खाद बनाने में इस्तेमाल किया जा सकता है. यह तरीका उन लोगों के लिए उपयोगी हो सकता है, जिनके घर में प्याज अधिक मात्रा में रखे हैं और समय पर इस्तेमाल नहीं होने के कारण वे सड़ने लगे हैं. इससे जैविक कचरे का सही उपयोग भी किया जा सकता है.
जैविक खाद बनाने के लिए सबसे पहले खराब प्याज को छोटे-छोटे टुकड़ों में काट लेना चाहिए. इसके बाद इन टुकड़ों को मिट्टी, सूखे पत्तों और रसोई से निकलने वाले दूसरे जैविक कचरे के साथ अच्छी तरह मिला दें. इस पूरे मिश्रण को किसी ढक्कन वाले गमले, बाल्टी या खाद बनाने के लिए रखे गए डिब्बे में डाला जा सकता है. इससे प्याज और दूसरी जैविक सामग्री धीरे-धीरे गलने की प्रक्रिया में शामिल हो जाएगी.
खाद तैयार करने के दौरान मिश्रण में उचित नमी बनाए रखना भी जरूरी होता है. इसके लिए जरूरत के अनुसार थोड़ा पानी डाला जा सकता है, लेकिन इसमें जरूरत से ज्यादा पानी नहीं डालना चाहिए. मिश्रण को कुछ दिनों के अंतराल पर डंडे या किसी दूसरे साधन की मदद से पलटते रहना चाहिए. ऐसा करने से खाद के अंदर हवा पहुंचती रहेगी और प्याज समेत दूसरी जैविक सामग्री के गलने की प्रक्रिया बेहतर तरीके से आगे बढ़ सकेगी.
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तैयार जैविक खाद का इस्तेमाल घर के गमलों, किचन गार्डन और अन्य पौधों की मिट्टी में किया जा सकता है. इसे मिट्टी के साथ मिलाने से खराब हो रहे प्याज और दूसरे जैविक कचरे का उपयोग दोबारा हो जाता है. हालांकि, खाद तैयार करते समय प्लास्टिक, कांच, धातु या अन्य गैर-जैविक सामग्री को मिश्रण में नहीं डालना चाहिए. इस तरह घर में निकलने वाले जैविक कचरे को उपयोगी खाद में बदला जा सकता है.
कुछ समय बाद प्याज, सूखे पत्ते, मिट्टी और रसोई के जैविक कचरे जैसी सामग्री धीरे-धीरे गलने लगेगी और एक भुरभुरा मिश्रण तैयार होने लगेगा. जब यह सामग्री अच्छी तरह सड़कर मिट्टी जैसी दिखाई देने लगे और उसमें तेज सड़ांध के बजाय सामान्य मिट्टी जैसी गंध आने लगे, तब इसे जैविक खाद के रूप में इस्तेमाल किया जा सकता है. खाद तैयार होने में लगने वाला समय मौसम और सामग्री की स्थिति पर निर्भर करता है.