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Pitru Paksha 2026: पितृ पक्ष के समय पिंडदान और तर्पण जैसे धार्मिक अनुष्ठानों के लिए मन और शरीर का शुद्ध होना बेहद जरूरी है. धार्मिक मान्यताओं के अनुसार कुशा की घास को पवित्र माना जाता है.अलग अलग तरह के कई धार्मिक अनुष्ठानों में इसका प्रयोग होता है. इसी घास से तैयार किए अंगूठी को पवित्री कहते है. जिसे तर्पण के दौरान दाएं हाथ के अनामिका उंगली में धारण किया जाता है. जिससे शरीर का शुद्धि बनी रहती है.
वाराणसी: सनातन हिन्दू धर्म में पितृ पक्ष का विशेष महत्व है. पितृ पक्ष के 15 दिनों में लोग अपने पितरों की आत्मा की शांति के निमित श्राद्ध और पिंडदान करते है.इस अनुष्ठान के दौरान लोग उंगली में कुशा को धारण करते है. पिंडदान और तर्पण के दौरान उंगली में कुशा क्यों धारण किया जाता है? इसके क्या फायदे है?शास्त्रों में इसकी क्या मान्यता है? आप के मन भी भी ऐसे सवाल है तो आइये जानते है इसके बारे में काशी के ज्योतिषचार्य से
स्वामी कन्हैया महाराज ने बताया की पिंडदान और तर्पण जैसे धार्मिक अनुष्ठानों के लिए मन और शरीर का शुद्ध होना बेहद जरूरी है. धार्मिक मान्यताओं के अनुसार कुशा की घास को पवित्र माना जाता है.अलग अलग तरह के कई धार्मिक अनुष्ठानों में इसका प्रयोग होता है. इसी घास से तैयार किए अंगूठी को पवित्री कहते है. जिसे तर्पण के दौरान दाएं हाथ के अनामिका उंगली में धारण किया जाता है. जिससे शरीर का शुद्धि बनी रहती है.
पितर होते है प्रसन्न
पितरों को ज़ब हम तर्पण के दौरान जल देते है तो उस दौरान वो जल भी इसी पवित्री से होकर गुजरता है. धार्मिक मान्यताओं के अनुसार पवित्री से होकर निकले शुद्ध जल से पितरों को तृप्ति मिलती है. जिससे वो प्रसन्न होकर उन्हें आशीर्वाद देते है.इसी कारण तर्पण और पिंडदान जैसे धार्मिक अनुष्ठानों में कुशा के घास का विशेष महत्व होता है. पिंडदान के दौरान इसी घास पर पिंड को रखा भी जाता है. फिर विधि विधान से उनकी पूजा की जाती है.
ऊर्जा चक्र रहता है संतुलित
इसके अलावा कुश को धारण करने से हमारे शरीर का ऊर्जा चक्र भी संतुलित रहता है.जिससे मन शांत और एकाग्र होता है.ज़ब आपके शरीर का ऊर्जा चक्र संतुलित होगा आप सांसारिक समस्याओं को त्यागकर सिर्फ उस दौरान किए जाने वाले अनुष्ठान पर मन एकाग्र करेंगे जिससे आपको आपके पूजा का पूरा फल भी जरूर मिलेगा. बताते चलें की इस साल पितृ पक्ष की शुरुआत 27 सितंबर से हो रही है जो 10 अक्टूबर तक चलेगा.
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Rajnish Kumar Yadav is a digital journalist and content publisher with over seven years of experience in print and digital media. He is currently working with News18 Digital (Local18) as a Content Publisher, wh…
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