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प्रियांक खरगे को किसने दी इतिहास पढ़ने की नसीहत इंदिरा गांधी ने सावरकर के बारे में वीर क्यों बोला…


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प्रियांक खरगे द्वारा नेताजी सुभाष चंद्र बोस और वीर सावरकर को लेकर दी गई एक विवादित टिप्पणी ने देश की राजनीति में एक नया भूचाल ला दिया है. इस बयान पर NDA के नेताओं ने बेहद तीखी प्रतिक्रिया दी है और कांग्रेस को इतिहास के पन्नों को दोबारा पलटने की नसीहत दी है.

प्रियांक खरगे को किसने दी इतिहास पढ़ने की नसीहत?Zoom

सावरकर और बोस के बारे में टिप्पणी को लेकर प्रियांक खरगे पर भाजपा ने हमला बोला. (फाइल फोटो)

नई दिल्ली. कर्नाटक के मंत्री और कांग्रेस नेता प्रियांक खरगे ने सुभाष चंद्र बोस और वीर सावरकर के बारे में टिप्पणी से विवाद खड़ा कर दिया है. इस पर एनडीए नेताओं ने प्रतिक्रिया दी और प्रियांक खरगे की आलोचना की. भाजपा प्रवक्ता गुरु प्रकाश ने समाचार एजेंसी आईएएनएस से बात करते हुए कांग्रेस नेता प्रियांक खरगे की समझ पर सवाल उठाए.

उन्होंने कहा, “बोलने से पहले आपको (प्रियांक खरगे) अध्ययन करना चाहिए. प्रियांक खरगे और उनके पिता मल्लिकार्जुन, जिस पार्टी में वे हैं और जिसकी वे दिन-रात तारीफ करते हैं, उन्हें उसका इतिहास पढ़ना चाहिए. इंदिरा गांधी ने वीर सावरकर के बारे में ‘वीर’ क्यों बोला. क्यों बोला कि वो भारत के अनमोल रत्न हैं?” गुरु प्रकाश ने कहा कि प्रियांक खरगे के पास न तो कोई तथ्य है और न ही कोई आंकड़ा. वे सिर्फ कुछ खास समूहों को खुश करने के लिए ऐसी टिप्पणियां करते हैं. यह दुखद और दुर्भाग्यपूर्ण है.

उत्तर प्रदेश में भाजपा की सहयोगी निषाद पार्टी के प्रमुख और राज्य सरकार में मंत्री संजय निषाद ने प्रियांक खरगे के बयान पर कहा, “आरोप-प्रत्यारोप लगाने का अब कोई मतलब नहीं है. उन्हें इस बात पर ध्यान देना चाहिए कि आज असल में क्या हो रहा है. जनता ने हमें चुना है.” वहीं, जदयू एमएलसी और पार्टी के मुख्य प्रवक्ता नीरज कुमार ने कहा कि वे इतिहास का इस्तेमाल बेवजह विवाद पैदा करने के बजाय उसे समझने की कोशिश करें.

नीरज कुमार ने कहा, “इतिहास को बेवजह खंगालने की जरूरत नहीं है, बल्कि उसे समझने की जरूरत है. भारत की आजादी की लड़ाई में सुभाष चंद्र बोस के योगदान से कोई इनकार नहीं कर सकता. महात्मा गांधी, भगत सिंह और सुभाष चंद्र बोस के रास्ते और विचारधाराएं भले ही अलग-अलग रही हों, लेकिन उनका अंतिम लक्ष्य एक ही था, भारत की आजादी. हमें इतिहास से सीखना चाहिए, तथ्यों की जांच करनी चाहिए और हालात को समझना चाहिए, न कि बेवजह विवाद पैदा करने चाहिए.”

इसी बीच, तृणमूल कांग्रेस के सांसद कीर्ति आजाद ने प्रियांक खरगे की टिप्पणियों का समर्थन किया. उन्होंने आरोप लगाया कि इतिहास को फिर से लिखने की कोशिशें हो रही हैं. कीर्ति आजाद ने कहा, “प्रियांक खरगे ने ऐतिहासिक तथ्य बताए हैं. इतिहास और शिक्षा को बदलने की कोशिशें हो रही हैं. जो लोग राष्ट्रवाद का दावा करते हैं, उन्हें अपने पिछले कामों के बारे में सवालों का जवाब देना चाहिए. जो लोग देश के मूल्यों को कमजोर करते हैं, उनके खिलाफ कार्रवाई होनी चाहिए. मैं प्रियांक खड़गे का पूरा समर्थन करता हूं.”

समाजवादी पार्टी के राष्ट्रीय प्रवक्ता फखरुल हसन चांद ने भी खरगे की बातों का समर्थन करते हुए कहा, “यह इतिहास का हिस्सा है. जब नेताजी सुभाष चंद्र बोस इंडियन नेशनल आर्मी के लिए लोगों को एकजुट कर रहे थे और आजादी की लड़ाई में बलिदान का आह्वान कर रहे थे, तब सावरकर और भारतीय जनसंघ से जुड़े नेता एक अलग नजरिए की वकालत कर रहे थे. ये ऐतिहासिक तथ्य अच्छी तरह से दर्ज हैं. कोई नई बात नहीं कही गई है.”

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Rakesh Ranjan Kumar

राकेश रंजन कुमार को डिजिटल पत्रकारिता में 10 साल से अधिक का अनुभव है. न्यूज़18 के साथ जुड़ने से पहले उन्होंने लाइव हिन्दुस्तान, दैनिक जागरण, ज़ी न्यूज़, जनसत्ता और दैनिक भास्कर में काम किया है. वर्तमान में वह h…

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