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Bihar Assistant Professor Recruitment: बिहार में असिस्टेंट प्रोफेसर के 10 हजार पदों पर भर्ती की संभावना है. BET (बिहार एलिजिबिलिटी टेस्ट) के आयोजन से NET या PhD रहित अभ्यर्थियों को भी मौका मिल सकता है. भर्ती प्रक्रिया में बदलावों पर कमेटी 90 दिन में रिपोर्ट देगी.
पटना: बिहार में उच्च शिक्षा से जुड़े अभ्यर्थियों के लिए आने वाले महीनों में बड़ी खुशखबरी सामने आ सकती है. असिस्टेंट प्रोफेसर की आगामी भर्ती को लेकर करीब 10 हजार पदों पर बहाली की संभावना जताई जा रही है. विश्वविद्यालयों और डिग्री कॉलेजों में खाली पदों के साथ नए खुले डिग्री कॉलेजों को देखते हुए इस बार भर्ती का दायरा बड़ा होने की उम्मीद है. लेकिन सिर्फ पदों की संख्या ही नहीं, भर्ती प्रक्रिया को लेकर भी कई महत्वपूर्ण बदलावों पर मंथन चल रहा है.
पटना विवि के असिस्टेंट प्रोफेसर और इस बहाली को करीब से नजर बनाएं रखने वाले मेंटर डॉ.अखिलेश कुमार ने बताया कि अभ्यर्थियों की लंबे समय से चली आ रही एज लिमिट, API और परीक्षा पैटर्न में बदलाव जैसी मांगों को लेकर सरकार ने एक कमेटी गठित की है. इसमें शिक्षाविदों के साथ प्रशासनिक अधिकारी भी शामिल हैं.
90 दिन में तय होगा भर्ती का फॉर्मेट
उन्होंने लोकल 18 को बताया कि कमेटी को अपनी रिपोर्ट तैयार करने के लिए 90 दिनों का समय दिया गया है. नवंबर में यह समय पूरा होने के बाद सरकार की ओर से रिपोर्ट के आधार पर भर्ती के नियमों और प्रक्रिया का अंतिम ड्राफ्ट तैयार किया जा सकता है. इसके बाद नियमावली तैयार होने और भर्ती प्रक्रिया शुरू होने का रास्ता साफ होने की उम्मीद है. ऐसे में उच्च शिक्षा क्षेत्र में नौकरी की तैयारी कर रहे अभ्यर्थियों के लिए अगले कुछ महीने बेहद महत्वपूर्ण माने जा रहे हैं.
NET और PhD नहीं है तो भी बन सकता है मौका
उन्होंने यह भी बताया कि इस पूरे अपडेट में सबसे महत्वपूर्ण बात BET यानी बिहार एलिजिबिलिटी टेस्ट को लेकर सामने आ रही है. अभी तक BET आयोजित होने की संभावना कम मानी जा रही थी, लेकिन अब इसके आयोजन की संभावना बढ़ने की बात कही जा रही है. उन्होंने आगे बताया कि अगर BET आयोजित होता है और बिहार के विश्वविद्यालयों से पढ़े ऐसे अभ्यर्थी, जिनके पास फिलहाल NET या PhD नहीं है, वे BET क्वालीफाई कर लेते हैं, तो उन्हें असिस्टेंट प्रोफेसर की स्थायी भर्ती के लिए आवेदन करने का अवसर मिल सकता है. हालांकि वास्तविक पात्रता अंतिम नियमावली पर निर्भर करेगी. यानी जिन अभ्यर्थियों के लिए NET या PhD की कमी बड़ी बाधा बनी हुई थी, उनके लिए BET एक महत्वपूर्ण अवसर बन सकता है.
API को लेकर अभी भी विरोध
भर्ती प्रक्रिया में API को शामिल किए जाने को लेकर अभ्यर्थियों के बीच विरोध भी देखने को मिल रहा है. कुछ अभ्यर्थी चाहते हैं कि भर्ती में API लागू न किया जाए. इसे लेकर विरोध और प्रदर्शन की बात भी सामने आई है. हालांकि अंतिम व्यवस्था क्या होगी, यह सरकार और गठित कमेटी की रिपोर्ट तथा उसके बाद तैयार होने वाली नियमावली से स्पष्ट होगा.
अभी से पढ़ाई शुरू करने की सलाह
डॉ.अखिलेश कुमार ने सलाह दिया है कि भर्ती की आधिकारिक घोषणा का इंतजार करने के बजाय अभ्यर्थियों को अभी से तैयारी शुरू कर देनी चाहिए. खासकर अपने विषय के पोस्ट ग्रेजुएशन सिलेबस और UGC-NET के सिलेबस को आधार बनाकर तैयारी करने की जरूरत है. उन्होंने बताया कि अभ्यर्थी अपने विषय की स्तरीय और रेफरेंस किताबों से तैयारी कर सकते हैं. विषय विशेषज्ञ या प्रोफेसर से किताबों और तैयारी की रणनीति को लेकर सलाह लेना भी उपयोगी हो सकता है.
अभी का समय बन सकता है सबसे बड़ा हथियार
उन्होंने यह भी बताया कि भर्ती की प्रक्रिया में परीक्षा, परिणाम और इंटरव्यू तक कई महीने लग सकते हैं. ऐसे में अभ्यर्थियों के पास तैयारी मजबूत करने के लिए पर्याप्त समय है. सीधी बात यह है कि भर्ती निकलने के बाद तैयारी शुरू करने के बजाय वैकेसी से पहले तैयारी पूरी करना ज्यादा महत्वपूर्ण होगा. क्योंकि वैकेंसी आने के बाद सीमित समय में नोट्स जुटाने और रणनीति बनाने की बजाय अगर अभ्यर्थी अभी से अपने विषय पर पकड़ मजबूत कर लें, तो परीक्षा की घोषणा होने के बाद उनका पूरा फोकस रिवीजन और टेस्ट प्रैक्टिस पर रह सकता है.
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अमित रंजन वर्तमान में News18 में बिहार, झारखंड और दिल्ली से जुड़ी खबरों के समन्वय और संपादन का कार्य देख रहे हैं. खोजी पत्रकारिता उनकी विशेष रुचि का क्षेत्र है. राजनीति, शिक्षा, खेल, क्राईम और मौसम जैसे विषयों …
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