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महिला बोगी में पुरुषों की एंट्री से परेशान महिलाएं बोलीं रोज होती है


फरीदाबाद: दिल्ली-पलवल, पलवल-दिल्ली और पलवल-गाजियाबाद के बीच चलने वाली लोकल ईएमयू ट्रेनों में हर दिन हजारों महिलाएं सफर करती हैं. इन ट्रेनों में महिलाओं के लिए अलग से महिला बोगी बनाई गई है, ताकि वे सुरक्षित और आराम से यात्रा कर सकें. लेकिन हकीकत कुछ और ही है. कई पुरुष महिला बोगी में ही चढ़ जाते हैं. महिलाएं जब इसका विरोध करती हैं तो जवाब मिलता है कि भीड़ ज्यादा है या जल्दी पहुंचना है. ऐसे में महिला यात्रियों को रोज असहज माहौल का सामना करना पड़ता है. रेलवे पुलिस कई बार कार्रवाई भी करती है, लेकिन जैसे ही पुलिस आगे बढ़ती है, अगले स्टेशन पर फिर से पुरुष महिला बोगी में चढ़ जाते हैं.

महिलाओं के लिए रोज की परेशानी बनी महिला बोगी में पुरुषों की एंट्री

Local18 ने जब रोज लोकल ट्रेन से सफर करने वाली महिलाओं से बात की तो उन्होंने बताया कि यह कोई एक-दो दिन की नहीं, बल्कि रोज की परेशानी है. महिलाओं का कहना है कि नियम होने के बावजूद उनका पालन नहीं कराया जा रहा है और इसकी वजह से उन्हें हर दिन दिक्कत उठानी पड़ती है.

पुलिस के जाते ही फिर महिला बोगी में चढ़ जाते हैं पुरुष

Local18 से बातचीत में रेणु बताती हैं, मैं रोज लोकल ट्रेन से आती-जाती हूं. मेरी जॉब बल्लभगढ़ में है और मैं असावटी से बल्लभगढ़ ट्रेन से आती हूं. महिला बोगी में पुरुष चढ़ जाते हैं. जब हम बोलते हैं तो कहते हैं कि जल्दी है या भीड़ है, इसलिए चढ़ गए. जब पुलिस रहती है तो कोई नहीं चढ़ता, लेकिन जैसे ही पुलिस चली जाती है, दूसरे स्टेशन पर या चलती ट्रेन में फिर से पुरुष चढ़ जाते हैं. यह हमारे लिए रोज की समस्या बन गई है.

बुजुर्ग महिला संतोष बताती हैं, मैं अक्सर देखती हूं महिला बोगी में पुरुष चढ़ जाते हैं. यह बिल्कुल गलत है. महिलाओं के लिए अलग बोगी बनाई गई है, फिर भी लोग नियम नहीं मानते. कई बार समझाने पर भी नहीं उतरते और महिलाओं को ही परेशानी होती है.

चलती ट्रेन में भी महिला बोगी में घुस जाते हैं पुरुष

नीलम बताती हैं, मेरा रोज लोकल ट्रेन से आना-जाना होता है. महिला बोगी में पुरुष चलती ट्रेन में भी चढ़ जाते हैं. बल्लभगढ़ में भी चढ़ते हैं और असावटी में भी चढ़ते हैं. कई लोग स्टेशन आने से पहले चलती ट्रेन से उतर भी जाते हैं ताकि पकड़े न जाएं. पीछे वाले दरवाजे से आकर महिला बोगी में घुस जाते हैं. यह बिल्कुल गलत है और इस पर सख्ती होनी चाहिए.

पुलिस की कार्रवाई के बाद भी दोबारा चढ़ जाते हैं पुरुष

तनीषा बताती हैं, कुछ पुरुष तो दिल्ली से ही महिला बोगी में चढ़कर आते हैं. पुलिस आती है तो उतर जाते हैं, लेकिन पुलिस के जाते ही फिर दोबारा उसी बोगी में चढ़ जाते हैं. इससे महिलाओं को सफर के दौरान असुरक्षा महसूस होती है.

महिलाओं ने की लगातार निगरानी की मांग

महिलाओं का कहना है कि रेलवे ने उनकी सुविधा और सुरक्षा के लिए अलग बोगी दी है, लेकिन जब उसमें भी पुरुष चढ़ जाते हैं तो उस सुविधा का कोई मतलब नहीं रह जाता. लोगों का कहना है कि रेलवे पुलिस और अधिकारियों को सिर्फ स्टेशन पर ही नहीं, बल्कि लगातार निगरानी रखनी चाहिए, ताकि महिला बोगी में सिर्फ महिला यात्री ही सफर कर सकें और उन्हें बिना किसी परेशानी के यात्रा करने का मौका मिले.



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