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यूकेलिप्टस के पौधों की अच्छी ग्रोथ के लिए खरपतवार हटाएं खाद दें जल निकासी करें जानें आठ टिप्स दोगुना मिलेगा फायदा…


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Eucalyptus Plant Care Tips: बरसात से पहले लगाए गए यूकेलिप्टस के छोटे पौधों को तेजी से बड़ा करने के लिए खास देखभाल की जरूरत होती है. इस मौसम में पौधों में सही खाद देना और खरपतवार हटाना बहुत जरूरी है. सही समय पर पानी और कीटों से सुरक्षा मिलने पर पेड़ तेजी से बढ़ते हैं. फसल सुरक्षा वैज्ञानिक डॉ हादी हुसैन ने बताया कि यूकेलिप्टस के छोटे पौधों के आसपास उगी घास और खरपतवार को तुरंत निकाल दें. यह घास मिट्टी की नमी और पोषक तत्व खुद खींच लेती है, जिससे पौधे की ग्रोथ रुक जाती है. थान की सफाई करने से हवा और धूप जड़ों तक सही तरीके से पहुंचती है. महीने में कम से कम दो बार पौधों के आसपास की जगह साफ रखें. इससे पौधे तेजी से लंबे होते हैं.

फसल सुरक्षा वैज्ञानिक डॉ हादी हुसैन ने बताया कि यूकेलिप्टस के छोटे पौधों के आसपास उगी घास और खरपतवार को तुरंत निकाल दें. यह घास मिट्टी की नमी और पोषक तत्व खुद खींच लेती है, जिससे पौधे की ग्रोथ रुक जाती है. थान की सफाई करने से हवा और धूप जड़ों तक सही तरीके से पहुंचती है. महीने में कम से कम दो बार पौधों के आसपास की जगह साफ रखें. इससे पौधे तेजी से लंबे होते हैं.

पौधों को तेजी से बढ़ाने के लिए गोबर की सड़ी खाद या कंपोस्ट मिट्टी में मिलाएं. इसके साथ ही थोड़ी मात्रा में एनपीके खाद देने से तना मजबूत होता है. खाद हमेशा पौधे के मुख्य तने से थोड़ी दूर डालें ताकि जड़ें न जलें. खाद देने के बाद हल्की सिंचाई करना फायदेमंद रहता है. इससे पौधों को जरूरी पोषण मिलता है और वे जल्दी बड़े होते हैं.

बरसात के मौसम में पानी का भराव पौधों के लिए नुकसानदायक हो सकता है. खेत में जल निकासी की सही व्यवस्था करें ताकि जड़ों में पानी न ठहरे. अगर बारिश रुक जाए तो हफ्ते में एक बार हल्की सिंचाई जरूर करें. नमी बनी रहने से पौधे सूखे की चपेट में नहीं आते. जड़ों में ज्यादा पानी जमा होने से सड़न की बीमारी हो सकती है.

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छोटे यूकेलिप्टस के पौधों पर दीमक का हमला सबसे ज्यादा होता है. दीमक से बचाव के लिए क्लोरपायरीफॉस (Chlorpyrifos) को पानी में मिलाकर पौधों की जड़ों में डालें. नीम की खली का प्रयोग करने से भी कीट दूर रहते हैं. पौधों के पत्तों को नियमित जांचते रहें ताकि बीमारी का शुरुआती समय में पता चल सके. समय पर कीट नियंत्रण से पौधे तेजी से बढ़ते हैं.

पौधों को सीधा और मजबूत बनाने के लिए निचली सूखी या बेकार टहनियों की छंटाई करें. केवल मुख्य तने को ऊपर की तरफ बढ़ने दें, जिससे पेड़ लकड़ी के काम के लायक बने. छंटाई हमेशा साफ औजार से करें ताकि पौधे को नुकसान न पहुंचे. सीधी ग्रोथ होने से पेड़ जल्दी लंबा होता है. पौधे को सीधा रखने के लिए बांस की डंडी का सहारा भी दे सकते हैं.

पौधों के आसपास की मिट्टी की समय-समय पर हल्की गुड़ाई जरूर करें. गुड़ाई करने से मिट्टी में हवा का आवागमन बढ़ता है और जड़ें गहराई तक जाती हैं. मजबूत जड़ें पौधे को आंधी-तूफान में गिरने से बचाती हैं. बरसात के बाद मिट्टी सख्त हो जाती है इसलिए गुड़ाई करना बेहद जरूरी होता है. इससे पौधे जमीन से पानी और खाद आसानी से सोख पाते हैं.

छोटे पौधों को आवारा पशुओं और बकरियों से बचाना बहुत जरूरी है. खेत के चारों तरफ तारबंदी करें या बांस का घेरा बनाएं. जानवर छोटे पौधों की पत्तियां खा जाते हैं, जिससे पौधे की बढ़त रुक जाती है. सुरक्षा मिलने पर पौधे बिना किसी रुकावट के लगातार बढ़ते रहते हैं. शुरुआत के एक साल पौधों की रक्षा करना सबसे ज्यादा महत्वपूर्ण होता है.

अगर पौधे बहुत पास-पास लगे हैं तो उन्हें पर्याप्त धूप और हवा नहीं मिल पाती है. यूकेलिप्टस के पेड़ों के बीच सही दूरी होना जरूरी है ताकि वे खुलकर फैल सकें. सही दूरी मिलने पर पेड़ मोटाई और लंबाई दोनों में तेजी से बढ़ते हैं. कमजोर पौधों की जगह नए पौधे सही दूरी पर लगाएं. इससे पूरे खेत के पेड़ एक समान बड़े होते हैं.

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