त्योहारों का मौसम अब आ गया है. बाजारों में रौनक बढ़ने लगी है. सड़कों पर रेहड़ी-पटरी वाले त्योहारों के सामान बेचते नजर आएंगे. रेहड़ी-पटरी वाले या छोटे दुकानदारों के लिए त्योहारों का मौसम कमाई वाला मौसम होता है. मगर उन्हें अक्सर हटाए जाने की चिंता सताती रहती है. मगर अब ऐसा नहीं होगा. जी हां, नवरात्रि, दिवाली और छठ पूजा के दौरान रेहड़ी-पटरी वालों, फेरीवालों, कुम्हारों और छोटे दुकानदारों को बड़ी राहत मिली है. राष्ट्रीय मानवाधिकार आयोग (NHRC) ने सभी राज्यों और केंद्रशासित प्रदेशों को निर्देश दिया है कि त्योहारों के दौरान स्थानीय वेंडर्स को बेवजह न हटाया जाए और न ही उनकी आजीविका छीनी जाए.
एनएचआरसी (NHRC) ने अपने निर्देश में साफ कहा है कि त्योहारों के दौरान रेहड़ी-पटरी वालों और छोटे व्यापारियों के रोजगार और मानवाधिकारों की सुरक्षा सुनिश्चित की जाए. फायर सेफ्टी या सार्वजनिक सुरक्षा के कारण किसी वेंडर को हटाना जरूरी हो, तो उसे वैकल्पिक जगह उपलब्ध कराने को कहा गया है. सामान की मनमानी जब्ती और बेवजह जुर्माने से भी बचने के निर्देश दिए गए हैं. लंबित मामलों में अतिरिक्त या पूर्ण कार्रवाई रिपोर्ट 18 अक्टूबर 2026 तक जमा करनी होगी.
एनएचआरसी के निर्देश में और क्या?
बेवजह अतिक्रमण कार्रवाई पर रोक: स्थानीय वेंडर्स को अनावश्यक रूप से हटाने या परेशान करने से बचें.
वैकल्पिक जगह की व्यवस्था: अगर फायर सेफ्टी या सार्वजनिक सुरक्षा के कारण जगह खाली कराना जरूरी हो, तो वेंडर्स को दूसरी जगह उपलब्ध कराई जाए.
सामान जब्त करने पर रोक: दुकानदारों का सामान मनमाने तरीके से जब्त न किया जाए और न ही बेवजह जुर्माना लगाया जाए.
वसूली और उत्पीड़न पर कार्रवाई: वेंडर्स से जबरन वसूली, उत्पीड़न और अनुचित हस्तक्षेप की शिकायतों पर कानून के मुताबिक कार्रवाई हो.
वोकल फॉर लोकल को बढ़ावा: स्थानीय कारीगरों, पारंपरिक व्यवसायों और स्थानीय उत्पादों को प्रोत्साहित⁶ किया जाए.
सभी राज्यों को निर्देश
मुख्य सचिवों को आदेशों का व्यापक प्रचार करने और जिला प्रशासन, नगर निगम तथा पुलिस के जरिए उनका पालन सुनिश्चित कराने को कहा गया है. लंबित मामलों में अतिरिक्त या पूर्ण कार्रवाई रिपोर्ट (ATR) 18 अक्टूबर 2026 तक जमा करने के निर्देश दिए गए हैं.
प्वाइंट में जानिए
- त्योहारों की रौनक बढ़ाने वाले छोटे दुकानदारों और रेहड़ी-पटरी वालों के रोजगार पर अब बेवजह कार्रवाई नहीं होगी.
- NHRC ने राज्यों को साफ निर्देश दिए हैं कि सुरक्षा के नाम पर अगर वेंडर्स को हटाना जरूरी हो, तो उन्हें वैकल्पिक जगह भी देनी होगी.
- यानी त्योहारों में अतिक्रमण हटाने की कार्रवाई के बीच छोटे व्यापारियों के रोजगार और अधिकारों का भी ध्यान रखना होगा.