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से गाय तक पहुंचा कारवां हर दिन से अधिक दूध की बिक्री अरविंद ने डेयरी फॉर्मिंग से ऐसे बदली किस्मत…


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Dairy Farming Success Story: जहानाबाद जिला में भी कई ऐसे पशुपालक हैं, जो बड़े स्तर पर पशुपालन कर रहे हैं. इससे दुग्ध उत्पादन करके बढ़िया कमाई प्राप्त कर रहे हैं. इन्हीं पशुपालकों में से एक हैं- जिले के घोसी प्रखंड के रहने वाले अरविंद कुमार. उनका गांव साहो बिगहा ज्ञानगढ़ मठ है.

Dairy Farming Success Story: बिहार में खेती-बाड़ी के साथ पशुपालन की परंपरा सदियों पुरानी है. ग्रामीण परिवेश में हर घर में एक या दो दुधारू पशु देखने को आज भी मिल जाते हैं. क्योंकि दुधारू पशुओं के रखने से न सिर्फ दूध की प्राप्ति होती है, बल्कि गोबर का भी इस्तेमाल होता रहा है. इसके अलावा बछड़ा का भी खेती बाड़ी में होता आया है. बैल से खेतों की जुताई के साथ अन्य कामों को किया जाता रहा है. अब पशुपालन का स्वरूप बढ़ चुका है. यह हर जिले में बृहद रूप ले चुका है. जहानाबाद जिला में भी कई ऐसे पशुपालक हैं, जो बड़े स्तर पर पशुपालन कर रहे हैं. इससे दुग्ध उत्पादन करके बढ़िया कमाई प्राप्त कर रहे हैं.

इन्हीं पशुपालकों में से एक हैं जिले के घोसी प्रखंड के रहने वाले अरविंद कुमार. उनका गांव साहोबिगहा ज्ञानगढ़ मठ है. अरविंद कुमार 8वीं पास हैं. बहुत कम पढ़े लिखे थे. काम की तलाश में जुटे रहते थे. इसी बीच गौ पालन की ओर अपना कदम बढ़ाया. 2024 में अरविंद 2 गाय से बिज़नेस की शुरुआत की. इस प्रकार से अपना कारवां बढ़ाना शुरू कर दिया. अरविंद का लक्ष्य बड़ा था तो प्रयास में रहता कि कैसे उद्योग को आगे लेकर जाया जाए. तकरीबन 1 साल तक खूब मेहनत की. इसी बीच यह जानकारी मिली कि जिला पशुपालन कार्यालय स्थित गव्य विकास ऑफिस में सरकार की एक योजना आई है.

2 से 15 गाय तक ऐसे पहुंचा कारवां
अरविंद, गव्य कार्यालय पहुंचकर जानकारी जुटाई और योजना के लिए आवेदन कर दिया. आवेदन स्वीकृत हो गया और उनको इस योजना के तहत 15 गाय मिली. यहां से एक नए सफर की शुरुआत हुई. इन्हीं गायों के बदौलत अरविंद आज अब एक नए मुकाम पर पहुंच चुके हैं. कम पढ़े लिखे हैं, लेकिन फिर भी उद्योग ने एक नई पहचान दिलाई है. वो हर दिन एक क्विंटल (100 KG) से ज्यादा दूध की सप्लाई कर रहे हैं. इससे हर दिन अच्छी आमदनी प्राप्त हो रही है. अरविंद के पास अभी कई अच्छी नस्लों की गाय हैं. एक दो गाय तो एक लाख रुपए से भी अधिक कीमत की है.

हर दिन 100 किलो से अधिक दूध की बिक्री
Local 18 से अरविंद ने कहा कि गौ पालन कभी सोचा नहीं था. ये मानकर चला था कि कुछ न कुछ उद्योग ही करूंगा. इसी कड़ी में 2 गाय से सफर की शुरुआत की. आठवीं कक्षा पास ही हैं और ज्यादा पढ़ा लिखा भी नहीं. सोचा क्या ही कर पाऊंगा? इसी कड़ी में पशुपालन की शुरुआत तो कर दी. हालांकि, मेहनत और लगन से अपनी यात्रा को धार दी है. हर दिन अब 15 गाय से 100 किलो से अधिक दूध की सप्लाई कर रहा हूं. इससे न हमको बाहर जाने की जरूरत पड़ रही है और न ही कुछ अन्य काम करने की. इससे अच्छी कमाई हो जाती है. हम लोगों को यही कहना चाहेंगे कि कभी जीवन में हार नहीं मानना चाहिए.

About the Author

Amit Ranjan

अमित रंजन वर्तमान में News18 में बिहार, झारखंड और दिल्ली से जुड़ी खबरों के समन्वय और संपादन का कार्य देख रहे हैं. खोजी पत्रकारिता उनकी विशेष रुचि का क्षेत्र है. राजनीति, शिक्षा, खेल, क्राईम और मौसम जैसे विषयों …

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