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Supreme Court Matrimonial Case News: सुप्रीम कोर्ट में 1 अक्टूबर को वैवाहिक विवाद की सुनवाई के दौरान 30 करोड़ रुपये की रकम को लेकर जस्टिस ने मजेदार टिप्पणी की. पत्नी की ओर से रकम की जानकारी दिए जाने पर जस्टिस ने कहा, ‘हमें तो लाखों में सैलरी मिलती है, इसलिए पांच अंकों के आगे दिमाग काम नहीं करता. कभी-कभी मुझे भी मिलियन और बिलियन में कन्फ्यूजन हो जाता है.’
तलाक केस की सुनवाई के दौरान सुप्रीम कोर्ट के जज ने क्या कहा (फोटो:AI)
नई दिल्ली: सुप्रीम कोर्ट में 1 अक्टूबर को एक वैवाहिक विवाद यानी तलाक के मामले की सुनवाई के दौरान उस समय माहौल हल्का-फुल्का हो गया. जब पत्नी की ओर से सुप्रीम कोर्ट में दलील देते हुए गुजारे भत्ते में बड़ी रकम मांगी गई तो इसको लेकर जस्टिस और वकील के बीच बातचीत हुई. रकम के आंकड़े को लेकर हुए कन्फ्यूजन के बाद जस्टिस ने मजाकिया अंदाज में कहा कि ‘हमें तो लाखों में सैलरी मिलती है, इसलिए पांच अंकों के आगे दिमाग काम नहीं करता. कभी-कभी मुझे भी मिलियन और बिलियन में कन्फ्यूजन हो जाता है.’
इस मामले की सुनवाई के दौरान पत्नी की ओर से पेश वकील से रकम को लेकर सवाल किया गया था. इसके बाद जब रकम की वास्तविक राशि स्पष्ट हुई तो कोर्ट में यह टिप्पणी सामने आई. इस दौरान कोर्टरूम में बहस देखने को मिली.
पहले 45 और 30 लाख की बात समझी गई
सुनवाई के दौरान जस्टिस एससी शर्मा ने पत्नी की ओर से पेश वकील से रकम को लेकर सवाल किया. उन्होंने पूछा कि क्या 45 की रकम मांगी जा रही है और क्या 30 लाख रुपये बच्चे के लिए ट्रस्ट में रखे जाने हैं? वकील ने इसके बाद स्पष्ट किया कि यहां बात 30 लाख रुपये की नहीं, बल्कि 30 करोड़ रुपये की हो रही है.
30 करोड़ रुपये की रकम सुनने के बाद जस्टिस शर्मा ने हल्के-फुल्के अंदाज में अपनी टिप्पणी की. ‘हमें तो लाखों में सैलरी मिलती है…’ रकम को लेकर हुए इस कन्फ्यूजन पर जस्टिस एससी शर्मा ने कहा कि ‘हमें तो लाखों में सैलरी मिलती है, इसलिए पांच अंकों के आगे दिमाग काम नहीं करता. कभी-कभी मुझे भी मिलियन और बिलियन में कन्फ्यूजन हो जाता है.’ जस्टिस की इस टिप्पणी के बाद सुनवाई के दौरान माहौल कुछ हल्का हो गया. बड़ी रकम को लेकर कोर्ट में हुई यह बातचीत वहां मौजूद वकीलों के बीच भी चर्चा का विषय बनी.
क्या है पूरा मामला?
यह मामला पति-पत्नी के बीच चल रहे वैवाहिक विवाद से जुड़ा है. सुनवाई के दौरान पत्नी की ओर से आर्थिक मांगों से जुड़ी दलीलें रखी गईं. इसी दौरान कोर्ट के सामने बड़ी रकम का आंकड़ा आया. सुनवाई में रकम को लेकर बातचीत के दौरान पहले 30 लाख रुपये समझे जाने की बात सामने आई, लेकिन पत्नी की ओर से पेश वकील ने स्पष्ट किया कि मांग 30 करोड़ रुपये की है. यही वह पल था, जब जस्टिस ने मिलियन और बिलियन में होने वाले कन्फ्यूजन को लेकर टिप्पणी की.
इसके बाद कोर्ट ने क्या किया?
मामले में दोनों पक्षों की दलीलें सुनने के बाद सुप्रीम कोर्ट ने अपना आदेश सुरक्षित रख लिया यानी सुनवाई पूरी होने के बाद अदालत ने तत्काल फैसला सुनाने के बजाय आदेश बाद में सुनाने के लिए सुरक्षित रखा. सुनवाई समाप्त होने के बाद जस्टिस एससी शर्मा बेंच से उठने लगे. इसी दौरान कोर्ट मास्टर ने उन्हें बताया कि उस दिन सुनवाई के लिए अभी कुछ और मामले बाकी हैं. इस पर जस्टिस शर्मा ने हल्के अंदाज में कहा कि ‘अच्छा, मामले अभी बाकी हैं. सॉरी.’
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अरुण बिंजोला वर्तमान में News18 हिंदी में एसोसिएट एडिटर के पद पर काम कर रहे हैं. पत्रकारिता के क्षेत्र में वह करीब 19 वर्षों से काम कर रहे हैं, जिसमें 13 वर्षों से अधिक समय डिजिटल मीडिया में बी…
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