नई दिल्ली. रोजगार और अवसर की तलाश में करीब आधे कर्मचारी अपनी जॉब बदलने की तैयारी में हैं. एक सर्वे रिपोर्ट में बताया गया है कि देश में नौकरी करने के लिहाज से अमेरिकी कंपनी गूगल सबसे बेहतर है. रैंडस्टैड एम्प्लॉयर ब्रांड रिसर्च (आरईबीआर) ने गूगल को साल 2026 में भारत की सबसे आकर्षक नियोक्ता ब्रांड बताया है. सर्वे में टाटा समूह को दूसरा स्थान और अमेजन को तीसरा स्थान मिला है. इस लिस्ट में चौथे पायदान पर सैमसंग का नाम आता है.
रैंडस्टैड एम्प्लॉयर ब्रांड रिसर्च (आरईबीआर) 2026 की रिपोर्ट में बताया गया है कि 34 बाजारों के 1.75 लाख से अधिक प्रतिभागियों और भारत में करीब 3,500 यूजर्स से प्राप्त आंकड़ों पर आधारित है. रिपोर्ट के अनुसार, भारत में 46 फीसदी कर्मचारी अगले छह महीनों में नौकरी बदलने की योजना बना रहे हैं, जबकि 32 फीसदी कर्मचारियों ने पिछले छह महीनों में नौकरी बदली है.
लिस्ट में कौन सी कंपनियां शामिल
आरईबीआर 2026 की सबसे पसंदीदा नियोक्ता कंपनियों की सूची में सैमसंग इंडिया चौथे स्थान पर, इन्फोसिस पांचवें, रिलायंस इंडस्ट्रीज छठे, आईटीसी समूह सातवें, हिंदुस्तान यूनिलीवर आठवें, महिंद्रा एंड महिंद्रा नौवें और डेल टेक्नोलॉजीज लिमिटेड दसवें स्थान पर हैं. सर्वेक्षण के मुताबिक, काम एवं निजी जिंदगी के बीच संतुलन, समान अवसर, करियर में प्रगति, वेतन एवं लाभ और अच्छी प्रतिष्ठा भारतीय कर्मचारियों के लिए प्रमुख कारक हैं, जो नियोक्ता के चयन को प्रभावित करते हैं.
क्यों नौकरी बदलना चाह रहे कर्मचारी
रैंडस्टैड इंडिया के प्रबंध निदेशक नारायण अय्यर ने कहा कि करीब आधे कर्मचारी अगले छह महीनों में नौकरी बदलने के बारे में सोच रहे हैं. ऐसे में कंपनियों के लिए केवल सतही लाभ से आगे बढ़कर व्यापक रणनीति को अपनाना जरूरी है. कर्मचारियों की अपेक्षाएं संगठनों की संरचनात्मक क्षमता से कहीं तेजी से आगे बढ़ रही हैं. उन्होंने कहा कि भारत के वैश्विक निवेश आकर्षित करने और अपनी आर्थिक उपस्थिति बढ़ाने के साथ वही संगठन प्रतिभा को आकर्षित करने और उसे बरकरार रखने में आगे रहेंगे, जो अपनी प्रतिभा रणनीतियों पर सक्रिय रूप से पुनर्विचार करेंगे.
किस तरह की कंपिनयों के पास मौका
अय्यर ने कहा कि भविष्य उन नियोक्ताओं का ही है जो कर्मचारियों की वृद्धि, लचीलेपन, निष्पक्षता, उद्देश्य और पुरस्कार के बीच संतुलन स्थापित कर सकें. रिपोर्ट के मुताबिक, भारत का कार्यबल अब ‘संतुलित नियोक्ता’ के दौर में प्रवेश कर रहा है, जहां कंपनियों को सार्थक कार्य, करियर वृद्धि, समावेशन, कल्याण, लचीलापन और प्रतिस्पर्धी वेतन एक साथ प्रदान करने की जरूरत है. विभिन्न क्षेत्रों में अपेक्षाएं लगभग समान हैं, लेकिन डिजिटल क्षेत्र के पेशेवर प्रतिस्पर्धी वेतन को अधिक महत्व देते हैं और करियर वृद्धि के अवसर न होने पर उनके नौकरी छोड़ने की संभावना भी अधिक होती है.