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Sawan First Monday: सावन के पहले सोमवार पर 800 वर्ष पुराने सिद्धनाथ महादेव मंदिर में आस्था का अद्भुत नजारा देखने को मिला. सुबह से ही हजारों श्रद्धालु 355 सीढ़ियां चढ़कर भगवान शिव के दर्शन और जलाभिषेक के लिए मंदिर पहुंचे. मंदिर परिसर हर-हर महादेव के जयघोष, भजन-कीर्तन और भक्तिमय वातावरण से गूंज उठा. दूर-दराज से आए श्रद्धालुओं ने पूजा-अर्चना कर परिवार की सुख-समृद्धि, स्वास्थ्य और खुशहाली की कामना की. मंदिर समिति और प्रशासन ने सुरक्षा, पेयजल, चिकित्सा तथा दर्शन व्यवस्था के बेहतर इंतजाम किए. सावन के पहले सोमवार पर सिद्धनाथ महादेव धाम एक बार फिर श्रद्धा, विश्वास और सनातन परंपरा का भव्य केंद्र बन गया.
जोधपुर: सावन के पहले सोमवार पर सूर्यनगरी जोधपुर शिवभक्ति में सराबोर नजर आई. तखत सागर की पहाड़ियों के बीच स्थित करीब 800 वर्ष पुराने सिद्धनाथ महादेव दादा दरबार में तड़के ब्रह्ममुहूर्त से ही श्रद्धालुओं का सैलाब उमड़ पड़ा. भगवान भोलेनाथ के दर्शन के लिए भक्तों ने 355 सीढ़ियों का मार्ग तय किया और हर-हर महादेव व ॐ नमः शिवाय के जयघोष से पूरा वातावरण भक्तिमय हो उठा. पूज्य नारायण स्वामी जी और नेपाली दादाजी की तपोस्थली माने जाने वाले इस पावन धाम में जलाभिषेक, रुद्राभिषेक और बेलपत्र अर्पण के लिए लंबी कतारें लगी रहीं. पूरा मंदिर परिसर भक्ति, श्रद्धा और आध्यात्मिक ऊर्जा से सराबोर दिखाई दिया.
सिद्धनाथ महादेव दादा दरबार केवल एक प्राचीन शिव मंदिर ही नहीं, बल्कि पूज्य नारायण स्वामी जी और नेपाली दादाजी की तपोस्थली के रूप में भी श्रद्धालुओं की गहरी आस्था का केंद्र है. करीब 800 वर्ष पुराने इस पावन धाम में सावन के महीने का विशेष महत्व माना जाता है. श्रद्धालु भगवान भोलेनाथ का रुद्राभिषेक कर परिवार की सुख-समृद्धि, उत्तम स्वास्थ्य और मनोकामना पूर्ति की प्रार्थना कर रहे हैं. मंदिर परिसर में लगातार भजन-कीर्तन और शिव आराधना का वातावरण श्रद्धालुओं को अद्भुत आध्यात्मिक शांति का अनुभव करा रहा है.
355 सीढ़ियों की चढ़ाई भी नहीं रोक पाती श्रद्धा
पहाड़ियों की ऊंचाई पर स्थित सिद्धनाथ धाम तक पहुंचने के लिए श्रद्धालुओं को 355 सीढ़ियां चढ़नी पड़ती हैं, लेकिन महादेव के प्रति अटूट विश्वास के आगे यह कठिन मार्ग भी आसान महसूस होता है.मान्यता है कि इन सीढ़ियों का निर्माण मौनी नेपाली बाबा ने अपने अथक परिश्रम से कराया था.आज भी हजारों श्रद्धालु इसी मार्ग से होकर दादा दरबार पहुंचते हैं और अपनी मन्नतें लेकर भगवान शिव के दर्शन करते हैं। मंदिर परिसर में संत निवास, भोजनशाला और गौशाला की व्यवस्था भी श्रद्धालुओं के लिए आकर्षण का केंद्र बनी हुई है.
विशेष व्यवस्थाओं के बीच शांतिपूर्ण दर्शन
सावन के पहले सोमवार पर उमड़ी भारी भीड़ को देखते हुए मंदिर प्रबंधन की ओर से बैरिकेडिंग, पेयजल, चिकित्सा सहायता और प्रसाद वितरण की विशेष व्यवस्था की गई. दिनभर श्रद्धालुओं का आना-जाना जारी रहा और हर ओर गूंजते हर-हर महादेव के जयकारों ने यह संदेश दिया कि सावन का पहला सोमवार जोधपुर में आस्था, श्रद्धा और भक्ति का महापर्व बन गया है.
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मेरा नाम जागृति दुबे है. मीडिया और डिजिटल पत्रकारिता की दुनिया में पिछले 6 वर्षों से सक्रिय हूं. पत्रकारिता के प्रति अपने जुनून को मैंने वर्ष 2019 में GBN 24 न्यूज़ चैनल से इंटर्नशिप के साथ शुरुआत देकर एक पेशेव…
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