फरीदाबाद: बल्लभगढ़-सोहना रेलवे पुल से हर दिन हजारों छोटे-बड़े वाहन गुजरते हैं. यह रास्ता टोल रोड से जुड़ता है और इलाके के सबसे व्यस्त मार्गों में गिना जाता है. लेकिन बारिश के बाद इस पुल की सड़क की हालत इतनी खराब हो गई है कि यहां सफर करना किसी जोखिम से कम नहीं है. जगह-जगह बड़े-बड़े गड्ढे बन गए हैं. अभी तो पूरी बरसात बाकी है, तब इतना बुरा हाल है, जिनमें वाहन फंस रहे हैं, बाइक सवार गिर रहे हैं और सुबह-शाम लंबा जाम लग रहा है. सबसे बड़ी बात यह है कि स्थानीय लोगों का कहना है कि सड़क की हर दूसरे-तीसरे दिन मरम्मत तो होती है, लेकिन कुछ ही दिनों में फिर वही हाल हो जाता है. लोगों का आरोप है कि स्थायी समाधान करने की बजाय सिर्फ खानापूर्ति की जा रही है.
बारिश के बाद सड़क पर जगह-जगह गड्ढे
लोकल18 जब मौके पर पहुंचा तो लोगों की शिकायतें सही साबित होती दिखीं. रिपोर्टिंग के दौरान ही एक युवक बुलेट बाइक लेकर गड्ढे में फंस गया और सड़क पर गिर पड़ा. यह पूरा हादसा कैमरे में रिकॉर्ड हुआ. आसपास मौजूद लोगों का कहना था कि अगर कैमरे के सामने ऐसा हो सकता है, तो रोजाना यहां न जाने कितने लोग इन गड्ढों की वजह से हादसे का शिकार होते होंगे. बारिश के समय सड़क पर पानी भर जाने से गड्ढे दिखाई भी नहीं देते, जिससे खतरा और बढ़ जाता है.
बार-बार पैचवर्क से नहीं मिल रही राहत
ऑटो चालक अंकित बताते हैं कि वह रोज इसी फ्लाईओवर से आते-जाते हैं. सड़क पर इतने बड़े-बड़े गड्ढे हैं कि कई बार ऑटो उनमें फंस जाता है. वाहन चलाना मुश्किल हो जाता है. हर कुछ दिन बाद सड़क पर पैचवर्क कर दिया जाता है, लेकिन वह ज्यादा दिन नहीं टिकता. अगर एक बार अच्छी तरह से सड़क बना दी जाए, तो लोगों को रोज की परेशानी से राहत मिल सकती है.
गड्ढे में बाइक गिरने से बाल-बाल बचा युवक
बुलेट बाइक चला रहे लव बताते हैं कि सड़क पर गड्ढे इतने गहरे हैं कि उनकी बाइक का संतुलन बिगड़ गया और वह वहीं गिर गए. सड़क की हालत बहुत खराब है और यहां कभी भी बड़ा हादसा हो सकता है. अगर समय रहते सड़क की सही मरम्मत नहीं हुई तो किसी की जान भी जा सकती है.
गंदगी और पानी के ऊपर डाल रहे तारकोल
स्थानीय निवासी विनोद कुमार बताते हैं कि इस सड़क को हर तीसरे दिन बनाया जाता है और हर तीसरे दिन फिर टूट जाती है. परसों भी सड़क पर काम हुआ था, उससे पहले भी एक हफ्ते पहले मरम्मत हुई थी, लेकिन हालत फिर वही हो गई. गंदगी और पानी के ऊपर ही तारकोल डाल दिया जाता है, इसलिए सड़क टिकती ही नहीं. पहले सड़क की ठीक से सफाई होनी चाहिए, फिर गुणवत्ता के साथ मरम्मत होनी चाहिए. करीब 20 से 25 साल पुराने इस फ्लाईओवर पर भारी ट्रकों और बड़े वाहनों का लगातार दबाव रहता है. कई बार गड्ढों में ऑटो पलट जाते हैं. फ्लाईओवर के नीचे पीपल के पेड़ के पास भी लंबे समय से गड्ढे हैं, जिनमें हमेशा पानी भरा रहता है और लोग गिरते रहते हैं.
बल्लभगढ़ से नंगला तक टोल रोड भी बदहाल
स्थानीय निवासी राधे बताते हैं कि सिर्फ रेलवे पुल ही नहीं, बल्कि बल्लभगढ़ से नंगला तक टोल रोड का भी बुरा हाल है. जगह-जगह बड़े-बड़े गड्ढे हैं. यह पूरा रास्ता लाखों लोगों की आवाजाही का मुख्य मार्ग है, लेकिन इसके बावजूद सड़क की हालत लगातार खराब बनी हुई है. लोगों को समझ नहीं आता कि आखिर स्थायी समाधान क्यों नहीं किया जा रहा.
बारिश में बढ़ जाती है हादसे और जाम की परेशानी
ऑटो चालक अभिषेक बताते हैं कि बारिश के दिनों में सबसे ज्यादा परेशानी होती है. सड़क पर पानी भर जाता है और गड्ढे दिखाई नहीं देते. वाहन निकालना मुश्किल हो जाता है. रिपोर्टिंग के दौरान ही एक युवक बाइक लेकर गिर गया, ऐसे हादसे यहां अक्सर होते रहते हैं. गड्ढों की वजह से सुबह-शाम लंबा जाम लगता है और जो सफर कुछ मिनटों में पूरा होना चाहिए, वो कई बार एक घंटे तक पहुंच जाता है. जब तक सड़क की पक्की मरम्मत नहीं होगी, तब तक लोगों की परेशानी खत्म नहीं होगी.