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धनबाद जिले में साधु के वेश में ठगी करने वाले एक गिरोह का बरोरा पुलिस ने पर्दाफाश किया है। पुलिस ने 72 घंटे के भीतर कार्रवाई करते हुए तीन आरोपियों को गिरफ्तार किया है। इनके पास से ठगी किया गया सोने का लॉकेट, घटना में प्रयुक्त बाइक और अन्य सामान बरामद किया गया है। पुलिस के अनुसार, यह गिरोह बंजारा के रूप में अलग-अलग स्थानों पर रहता था। आरोपी साधु का भेष बनाकर भोले-भाले लोगों को बीमारी दूर करने, दुख-दर्द मिटाने या अमीर बनने का लालच देकर ठगी की घटनाओं को अंजाम देते थे। यह मामला बरोरा थाना कांड संख्या 40/2026 से जुड़ा है। हरिणा कॉलोनी निवासी बीसीसीएल कर्मी अजित प्रसाद ने 31 जुलाई को शिकायत दर्ज कराई थी। उन्होंने बताया कि 28 जुलाई की सुबह करीब 10 बजे दो युवक साधु के वेश में उनके घर पहुंचे, जबकि उनका एक साथी बाहर रेकी कर रहा था। दोनों ने उनकी पत्नी को बातों में उलझाकर करीब तीन ग्राम वजन का सोने का लॉकेट ठग लिया और फरार हो गए। घटना की गंभीरता को देखते हुए एसएसपी के निर्देश पर बाघमारा एसडीपीओ अजित कुमार विमल के नेतृत्व में एक विशेष टीम का गठन किया गया। तकनीकी अनुसंधान और गुप्त सूचना के आधार पर पुलिस ने छापेमारी कर सैयद साबिर, मोहम्मद रियाज और इंदर आलम नामक तीन आरोपियों को गिरफ्तार किया। पूछताछ में तीनों ने वारदात में अपनी संलिप्तता स्वीकार कर ली। बाघमारा एसडीपीओ अजित कुमार विमल ने बताया कि साधु वेश में ठगी करने वाले इस गिरोह के खिलाफ विभिन्न थाना क्षेत्रों से लगातार शिकायतें मिल रही थीं। गिरफ्तार आरोपी बंजारा के रूप में रहकर ऐसी घटनाओं को अंजाम देते थे। गिरोह के अन्य सदस्यों की तलाश जारी है। पुलिस ने ऐसे अस्थायी ठिकानों की भी पहचान शुरू कर दी है, जहां बंजारा समुदाय के नाम पर संदिग्ध लोग रह रहे हैं। पुलिस ने आम लोगों से अपील की है कि वे अंधविश्वास में आकर किसी अनजान व्यक्ति को अपने कीमती आभूषण या सामान न सौंपें। साथ ही, किसी भी संदिग्ध गतिविधि की सूचना तत्काल पुलिस को दें।
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