मुंबई: मुंबई की लोकल ट्रेन से रोज सफर करने वाले यात्रियों के लिए अच्छी खबर है. पश्चिम रेलवे यात्रियों की रोजमर्रा की जरूरतों को ध्यान में रखते हुए मुंबई डिवीजन के 5 प्रमुख रेलवे स्टेशनों पर ‘प्रीमियम स्टोर’ खोलने की तैयारी कर रहा है. इन स्टोर में यात्रियों को एक ही जगह पर फल-सब्जियों से लेकर स्टेशनरी, पैकेटबंद सामान और फोटोकॉपी-प्रिंटिंग जैसी सुविधाएं मिल सकेंगी.
इस पहल से यात्रियों को छोटी-छोटी जरूरतों के लिए स्टेशन से बाहर जाने की जरूरत कम होगी. साथ ही रेलवे को नॉन-फेयर रेवेन्यू यानी किराये के अलावा कमाई का एक और जरिया मिलेगा. पश्चिम रेलवे पहले भी यात्रियों की सुविधाओं के साथ गैर-किराया राजस्व बढ़ाने वाली योजनाओं पर काम करता रहा है. उदाहरण के लिए, मुंबई सेंट्रल स्टेशन पर शुरू किए गए डिजिटल लाउंज से 5 साल में करीब ₹3.20 करोड़ राजस्व की उम्मीद जताई गई थी.
एक ही दुकान में क्या-क्या मिलेगा?
इन प्रीमियम स्टोर का सबसे बड़ा फायदा यात्रियों को रोजमर्रा के सामान और छोटी जरूरत की सेवाएं एक ही जगह मिलना होगा.
यहां उपलब्ध होने वाली सुविधाओं में शामिल हैं:-
– ताजे फल और सब्जियां
– स्टेशनरी का सामान
– पैकेटबंद खाद्य पदार्थ
– बोतलबंद पानी
– घरेलू उपयोग का सामान
– फोटोकॉपी
– प्रिंटिंग
– स्कैनिंग
– लेमिनेशन
यानी ट्रेन पकड़ने से पहले अगर किसी यात्री को पानी, खाने का पैकेट, स्टेशनरी या कोई दस्तावेज प्रिंट करवाना है तो उसे स्टेशन से बाहर जाने की जरूरत नहीं पड़ेगी.
पहले चरण में 3 स्टेशनों पर शुरू होगा काम
प्रीमियम स्टोर योजना के पहले चरण में अंधेरी, नाइगांव और विरार रेलवे स्टेशनों को शामिल किया गया है. इन तीनों जगहों पर स्टोर के लिए रेलवे ने जगह और सालाना किराये की जानकारी भी तय की है.
यानी पहले चरण में इन तीन स्टेशनों पर यात्रियों को प्रीमियम स्टोर की सुविधा मिलने की तैयारी है.
इसके बाद इन 2 स्टेशनों पर भी खुलेंगे स्टोर
पहले चरण के बाद दूसरे चरण में जोगेश्वरी और मुंबई सेंट्रल टर्मिनस को भी इस योजना में शामिल किया जाएगा. इनके लिए टेंडर प्रक्रिया शुरू की जाएगी. इस तरह कुल 5 रेलवे स्टेशनों पर प्रीमियम स्टोर की सुविधा विकसित करने की योजना है.
रेलवे की भी होगी कमाई
इस योजना का फायदा सिर्फ यात्रियों को ही नहीं मिलेगा. रेलवे को इन दुकानों के लिए जगह किराये पर देने से अतिरिक्त आमदनी होगी. पश्चिम रेलवे को उम्मीद है कि प्रीमियम स्टोर की पूरी परियोजना से अगले 5 वर्षों में करीब 1 करोड़ 20 लाख रुपये का राजस्व मिल सकता है.
यानी यात्रियों की सुविधा बढ़ाने के साथ रेलवे अपने नॉन-फेयर रेवेन्यू को भी बढ़ाने की कोशिश कर रहा है. मुंबई सेंट्रल डिवीजन पहले ही पार्किंग, कैटरिंग और दूसरी व्यावसायिक गतिविधियों से अच्छी कमाई कर रहा है. वित्त वर्ष 2024-25 में डिवीजन का कुल कमर्शियल रेवेन्यू करीब ₹4,485 करोड़ रहा था.
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