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Chapra Women Success Story: छपरा की बेबी देवी ने पति के निधन के बाद जीविका की मदद से 10 हजार से जनरल स्टोर शुरू किया. 40 हजार की मदद से कारोबार बढ़ाया. अब वह बच्चों की पढ़ाई और घर का खर्च चला रही हैं, और होलसेल कारोबार शुरू करने का सपना देख रही हैं.
छपरा: पति के निधन के बाद जिंदगी में मुश्किलों का पहाड़ टूट पड़ा, लेकिन छपरा की बेबी देवी ने हिम्मत नहीं हारी. दो छोटे बच्चों की जिम्मेदारी और घर चलाने की चुनौती के बीच उन्होंने मेहनत का रास्ता चुना. जीविका से मिली आर्थिक मदद ने उनके संघर्ष को नई दिशा दी. आज वह अपना जनरल स्टोर चलाकर परिवार का भरण-पोषण कर रही हैं.
छपरा जिले के गरखा प्रखंड के गरखा बाजार निवासी बेबी देवी की शादी वर्ष 2003 में हुई थी. वर्ष 2007 में गंभीर बीमारी के कारण उनके पति का निधन हो गया. उस समय उनके दो छोटे-छोटे बच्चे थे. परिवार में कमाने वाला कोई नहीं था और आर्थिक स्थिति बेहद खराब थी. बच्चों की परवरिश और घर का खर्च चलाना उनके लिए बड़ी चुनौती बन गया था.
जीविका से जुड़ने के बाद बदली जिंदगी
मुश्किल दौर में बेबी देवी जीविका समूह से जुड़ीं. इसके बाद उन्हें रोजगार शुरू करने के लिए पहली बार 10 हजार रुपये की आर्थिक मदद मिली. इस राशि से उन्होंने जनरल स्टोर का सामान खरीदा और घर के सामने तिरपाल लगाकर सामान बेचना शुरू किया. धीरे-धीरे दुकान चलने लगी. आमदनी बढ़ने लगी. कारोबार को आगे बढ़ाने के लिए जीविका की ओर से उन्हें दोबारा 40 हजार रुपये की मदद मिली. इसके बाद उन्होंने अपने जनरल स्टोर को और बड़ा किया.
घर बनाया, बच्चों की पढ़ाई का खर्च भी उठाया
बेबी देवी बताती हैं कि कारोबार से होने वाली आमदनी से उन्होंने न सिर्फ परिवार का खर्च चलाया, बल्कि एक छोटा सा पक्का घर भी बनवाया. पहले जहां तिरपाल के नीचे दुकान चलाती थीं. वहीं अब घर में और घर के सामने दुकान संचालित करती हैं. इसी कारोबार की कमाई से वह अपने दोनों बच्चों की पढ़ाई का खर्च भी उठाती हैं. पति के निधन के बाद परिवार की पूरी जिम्मेदारी उन्होंने अपने कंधों पर उठाई और मेहनत के दम पर धीरे-धीरे हालात बदल दिए.
अब होलसेल कारोबार शुरू करने का सपना
बेबी देवी ने लोकल18 से बातचीत में बताया कि पति की मौत के बाद परिवार की आर्थिक स्थिति बेहद खराब थी. बच्चों को पालने के लिए कभी-कभी उधार तक लेना पड़ता था. जीविका से जुड़ने के बाद उन्हें रोजगार का सहारा मिला. उन्होंने कहा कि पहले 10 हजार रुपये से घर के सामने तिरपाल लगाकर सामान बेचना शुरू किया. कारोबार बढ़ा तो 40 हजार रुपये की मदद से जनरल स्टोर का विस्तार किया. अब उनका कारोबार अच्छी तरह चल रहा है और घर का खर्च भी इसी से चलता है. बेबी देवी का कहना है कि अगर सरकार से आगे भी मदद मिलती है तो वह अपने कारोबार को और बड़ा करना चाहती हैं. उनका सपना जनरल स्टोर को होलसेल कारोबार में बदलने का है.
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अमित रंजन वर्तमान में News18 में बिहार, झारखंड और दिल्ली से जुड़ी खबरों के समन्वय और संपादन का कार्य देख रहे हैं. खोजी पत्रकारिता उनकी विशेष रुचि का क्षेत्र है. राजनीति, शिक्षा, खेल, क्राईम और मौसम जैसे विषयों …
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