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Bihar Waterspout Explained: बिहार के समस्तीपुर जिले के मोहिउद्दीन नगर ब्लॉक एक ऐसा नजारा दिखा, जिसने सभी को हैरान कर दिया. देखने में ऐसा लगता है मानो पानी का कोई विशाल फव्वारा आसमान को छू रहा हो. साइंस की भाषा में इसे Waterspout यानी जल बंवडर कहा जाता है. आखिर इस जल बवंडर के बनने की वजह क्या है? यह कितना खतरनाक होता है? और इसे लेकर साइंस क्या कहता है? चलिये विस्तार से समझते हैं…
समस्तीपुर जिले के मोहिउद्दीन नगर ब्लॉक में जल बवंडर बनता दिखा.
आसमान में बादल हों, तेज हवा चल रही हो और अचानक पानी की सतह से एक लंबा, घूमता हुआ स्तंभ आसमान की तरफ उठता दिखाई दे… यह नजारा किसी फिल्म के दृश्य जैसा लग सकता है. लेकिन मौसम विज्ञान में यह एक वास्तविक प्राकृतिक घटना है, जिसे वॉटरस्पाउट (Waterspout) यानी जल बवंडर कहा जाता है. बिहार मौसम विभाग ने ऐसा ही नजारा शेयर किया है, जिसमें कल यानी 26 सितंबर को समस्तीपुर जिले के मोहिउद्दीन नगर ब्लॉक में जल बवंडर बनता दिखा. इस नजारे ने एक बार फिर लोगों का ध्यान इस दुर्लभ और दिलचस्प मौसमी घटना की ओर खींचा है.
इसे देखकर पहली नजर में ऐसा लगता है जैसे पानी खुद आसमान की ओर खिंच रहा हो. लेकिन असल में मामला थोड़ा अलग है. जल बवंडर में पानी का कोई विशाल स्तंभ ऊपर नहीं उठता. यह मुख्य रूप से घूमती हुई हवा का एक संकरा स्तंभ होता है, जिसके आसपास पानी की बेहद महीन बूंदों और छींटों का घेरा दिखाई देता है. ऊपर मौजूद बादल और नीचे पानी की सतह के बीच बनने वाला यह घूमता हुआ सिस्टम ही हमें ‘जल बवंडर’ जैसा दिखाई देता है.
आखिर जल बवंडर बनता कैसे है?
इसे समझने के लिए सबसे पहले यह समझना होगा कि वातावरण में हवा हमेशा एक जैसी गति और दिशा में नहीं चलती. जमीन या पानी की सतह के पास हवा की गति कुछ और हो सकती है, जबकि ऊपर की ऊंचाई पर हवा की दिशा और रफ्तार अलग हो सकती है. इसे विंड शियर (Wind Shear) यानी पवन अपरूपण कहा जाता है.
A waterspout was observed over Mohiuddin Nagar Block, Samastipur district, Bihar, on 26 September 2026. pic.twitter.com/0Bb8QLairO