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कैट परीक्षा की तैयारी कैसे करें फ्रेशर और रिपीटर के लिए अलग है गणित


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CAT Preparation Strategy Freshers vs Repeaters: हर साल लाखों ग्रेजुएट्स और यंग प्रोफेशनल्स कैट परीक्षा देते हैं. क्या आप जानते हैं कि पहली बार कैट देने वाले और दोबारा कोशिश करने वाले उम्मीदवारों की स्ट्रैटेजी अलग होनी चाहिए? जानिए कैट के बेसिक्स मजबूत करने से लेकर परीक्षा हॉल के स्मार्ट फैसलों तक का पूरा गणित, जो आपको आईआईएम में एंट्री दिलवा सकता है.

कैट परीक्षा की तैयारी कैसे करें? फ्रेशर और रिपीटर के लिए अलग है गणितZoom

CAT Preparation Strategy: कैट परीक्षा के लिए सही स्ट्रैटेजी बनाना जरूरी है

नई दिल्ली (CAT Preparation Strategy). IIM से एमबीए करने का सपना देख रहे लाखों युवा हर साल कॉमन एडमिशन टेस्ट देते हैं. उनमें से कइयों के मन में सवाल होता है कि कैट में टॉप स्कोर के लिए दिन में कितने घंटे पढ़ाई की जाए और कितने मॉक टेस्ट दिए जाएं. सोशल मीडिया से लेकर कोचिंग संस्थानों तक, हर तरफ बस घंटों और किताबों की ही चर्चा होती है. लेकिन इन सबके बीच एक और बेसिक सवाल है: क्या आप कैट परीक्षा पहली बार दे रहे हैं या अपना पिछला अनुभव लेकर दोबारा अटेंप्ट कर रहे हैं?

पहली बार कैट परीक्षा दे रहे अभ्यर्थी और दूसरी या तीसरी बार कोशिश कर रहे रिपीटर की जरूरतें, चैलेंज और मानसिक स्थिति बिल्कुल अलग होती हैं. दोनों के लिए एक जैसी स्ट्रैटेजी काम नहीं आ सकती. अगर बिना सोचे-समझे दोनों एक ही तरीके से तैयारी करेंगे तो मेहनत के बावजूद मनचाहा रिजल्ट मिलना मुश्किल हो जाता है. RODHA के फाउंडर और सीईओ रवि प्रकाश से समझिए कि दोनों के लिए स्ट्रैटेजी का फर्क क्यों जरूरी है और कैट 2026 की तैयारी कैसे करें.

पहली बार CAT दे रहे हैं? शॉर्टकट नहीं, बेसिक्स पर करें फोकस

जो अभ्यर्थी कैट परीक्षा की रेस में बिल्कुल नए हैं, उनके लिए सबसे पहला मंत्र है- हड़बड़ी छोड़कर बेसिक्स पर पकड़ बनाएं. अक्सर फ्रेशर्स शुरुआत में ही कैट की मोटी-मोटी किताबें और कठिन सवाल देखकर डर जाते हैं. कई अभ्यर्थी शॉर्टकट के पीछे भागने लगते हैं. अगर आप प्रतिशत (Percentage) या अनुपात (Ratio) जैसे बेसिक कॉन्सेप्ट में ही कमजोर हैं तो बड़े-बड़े फॉर्मूले रटने से भी कैट परीक्षा में कोई फायदा नहीं मिलेगा.

कैट 2026 की तैयारी कैसे करें?

पहली बार कैट परीक्षा देने वालों को हर टॉपिक की तह तक जाना चाहिए. उन्हें अलग-अलग तरह के सवालों को पहचानना सीखना चाहिए और तय समय में उन्हें हल करने की आदत डालनी चाहिए. इस शुरुआती दौर में मॉक टेस्ट का मकसद कोई बहुत बड़ा स्कोर हासिल करना नहीं होता, बल्कि अपनी कमजोरियां ढूंढना होता है. अगर कैट के पहले मॉक में नंबर कम आएं तो निराश होने के बजाय एनालाइज करें कि कमी कहां रह गई- क्या सवाल समझने में दिक्कत थी, फॉर्मूला याद नहीं था या समय कम पड़ गया था?

दोबारा कैट देने वाले कैसे तैयारी करें?

जो उम्मीदवार पहले भी CAT परीक्षा दे चुके हैं, उनकी तैयारी बिल्कुल अलग होती है. उन्हें कैट सिलेबस की सही जानकारी होती है और परीक्षा हॉल का भारी प्रेशर भी अच्छी तरह झेल चुके होते हैं. सब कुछ दोबारा पढ़ना समय की बर्बादी साबित हो सकता है. RODHA के फाउंडर और सीईओ रवि प्रकाश का मानना है कि रिपीटर्स को अपने पिछले रिकॉर्ड और हालिया मॉक टेस्ट एनालाइज करने चाहिए. आपने पिछले साल किन सवालों पर जरूरत से ज्यादा समय बर्बाद किया? क्या कोई एक सेक्शन लगातार स्कोर डुबो रहा था?

परीक्षा हॉल में स्मार्ट डिसीजन मेकिंग से तय होगा रिजल्ट

आप चाहे पहली बार कैट परीक्षा दे रहे हों या दोबारा, आखिर में खेल प्रेजेंस ऑफ माइंड का होता है. पहली बार कैट परीक्षा देने वालों का सफर ताकत और कमजोरियां तलाशने का मौका है. वहीं, दोबारा प्रयास करने वाले पिछले अनुभवों के आधार पर अपनी कमियां दूर कर सकते हैं. रिसोर्सेस और स्टडी मटीरियल दोनों के लिए एक जैसा ही होगा, लेकिन उसका सही इस्तेमाल करना आना चाहिए. ध्यान रखें कि मॉक टेस्ट का असली फायदा सही टाइम मैनेजमेंट और एनालिसिस में है.

About the Author

दीपाली पोरवालSenior Sub Editor

Deepali Porwal is a seasoned bilingual journalist with 11 years of experience in the media industry. She currently works with News18 Hindi, focusing on the Education and Career desk. She is kno…

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