इस्लामाबाद: पाकिस्तान इस वक्त चारों तरफ से मार खा रहा है. PoK और बलूचिस्तान कट कर अलग होने वाले हैं. कंगाली ऐसी है कि प्रधानमंत्री शहबाज शरीफ खुद बोल चुके हैं कि उन्हें अब कर्ज मांगने में शर्म आती है. ऐसी हालत में भी पाकिस्तान, भारत के खिलाफ खुराफातें करने से बाज नहीं आ रहा है. इस बार उसने दलदली इलाके सर क्रीक में चालबाजी शुरू कर दी है. भारत-पाकिस्तान की समुद्री सीमा पर संकरी, कीचड़ भरी और ‘गंदे नाले’ जैसी क्रीक में पाकिस्तान ने चीन और तुर्की के साथ मिशन ‘अबाबील-द डिवाइन स्ट्राइक’ शुरू कर दिया है.
क्या है चीन-तुर्की और पाकिस्तान का प्रोजेक्ट ‘अबाबील’?
डिफेंस सोर्सेस के मुताबिक, पाकिस्तान नौसेना ने सर क्रीक के इस दलदली इलाके में अपने सबसे खूंखार और ट्रेन किए गए नेवल स्पेशल सर्विस ग्रुप (SSG-N) के कमांडोज का जमावड़ा लगा दिया है. SSG-N पाकिस्तान की एक ऐसी सीक्रेट स्पेशल ऑपरेशन्स फोर्स है, जो समंदर, हवा और जमीन तीनों जगह छिपकर वार करने और बेहद जोखिम भरे ऑपरेशन्स को अंजाम देने के लिए ट्रेन की जाती है. इन फोर्सेस के अलावा चीन के अत्याधुनिक होवरक्राफ्ट और तुर्की के कातिल ड्रोन्स के दम पर पाकिस्तान ने नई खुराफात शुरू कर दी है.
सीक्रेट मिशन प्रोजेक्ट ‘अबाबील’ की आड़ में पाकिस्तान ने सर क्रीक और अरब सागर से लगे तटीय इलाकों में अपनी फौज का जमावड़ा लगाकर माहौल को अचानक बेहद गर्म कर दिया है. भारत के खिलाफ इस साजिश को अंजाम तक पहुंचाने के लिए इस्लामाबाद ने मैदान में खतरनाक और आधुनिक हथियारों की पूरी फौज उतार दी है.
- तुर्की के खतरनाक कातिल ड्रोन: तुर्की से मिले ये अत्याधुनिक ड्रोन न सिर्फ सीमाओं की 24 घंटे कड़ी निगरानी कर सकते हैं, बल्कि बड़ी मात्रा में बारूद और विस्फोटक ले जाकर अचानक सटीक हमला करने में भी सक्षम हैं.
- चीन के आधुनिक होवरक्राफ्ट और असॉल्ट बोट्स: सर क्रीक के दलदली और कठिन इलाकों में तेजी से आवाजाही के लिए चीन के अत्याधुनिक होवरक्राफ्ट और हाई-स्पीड नेवल गश्ती बोट्स की भारी तैनाती की गई है, जो दलदल के ऊपर तैरते हुए हमला कर सकती हैं.
- रॉकेट फोर्स और एडवांस एयर डिफेंस सिस्टम: इस प्रोजेक्ट में एक आधुनिक एयर डिफेंस सिस्टम को भी शामिल किया गया है. ये सिस्टम पाकिस्तान सेना की नई-नवेली रॉकेट फोर्स के साथ सीधे तालमेल बिठाकर काम कर रहा है ताकि किसी भी बाहरी खतरे या भारतीय नौसेना की हलचल को तुरंत चुनौती दी जा सके.
- मानवरहित समुद्री व हवाई ड्रोन: पाकिस्तान ने अरब सागर और सर क्रीक में भारतीय नौसेना को सीधी चुनौती देने के उद्देश्य से अनमैन्ड एरियल और सी-ड्रोन को अपने नौसैनिक ऑपरेशन्स का हिस्सा बना लिया है.
चीन और तुर्की पाकिस्तान नौसेना का कर रहे मेकओवर!
पाकिस्तान की इस अचानक बढ़ी हिम्मत के पीछे चीन और तुर्की का हाथ है. डिफेंस एक्सपर्ट्स का कहना है कि बीजिंग और अंकारा मिलकर पाकिस्तान की नौसेना को भारत के खिलाफ एक ‘प्रॉक्सी’ के रूप में इस्तेमाल कर रहे हैं. ये दोनों देश पाकिस्तान की तीनों सेनाओं, खासकर नौसेना, को आधुनिक तकनीक और हथियार देकर लगातार मजबूत कर रहे हैं.
हाल ही में चीन ने पाकिस्तान को अपनी पहली हैंगर-क्लास सबमरीन की डिलीवरी की है. इस पनडुब्बी के आने से अरब सागर में पाकिस्तान की स्टेल्थ क्षमता यानी चुपके से हमला करने की ताकत और सेकंड-स्ट्राइक पोटेंशियल यानी पलटवार करने की क्षमता काफी बढ़ गई है. इसके अलावा, पाकिस्तान ने चीनी तकनीक से तैयार तुगरिल-क्लास युद्धपोतों को भी अपनी नौसेना में शामिल किया है.
समंदर के रास्तों का हवलदार बनना चाहता है पाकिस्तान
इन हथियारों के मिलते ही पाकिस्तान ने अपनी समुद्री डॉक्ट्रिन में बड़ा बदलाव किया है. पहले जहां पाकिस्तान की रणनीति सिर्फ अपने तटों की रक्षा तक सीमित थी, वहीं अब वो अरब सागर, लाल सागर, फारस की खाड़ी और हिंद महासागर में अपनी स्थायी मौजूदगी दर्ज कराने की फिराक में है.
सर क्रीक वॉर बॉडी के पास स्थित सेंसेटिव इलाकों के बीच पाकिस्तान ने कई नए मरीन सिक्योरिटी पोस्ट्स बना ली हैं. इन इलाकों में दर्जनों कोस्टल डिफेंस बोट्स, मरीन असॉल्ट क्राफ्ट, होवरक्राफ्ट और हाई-स्पीड पैट्रोलिंग बोट्स लगातार गश्त लगा रही हैं, जिससे सीमा पर तनाव काफी बढ़ गया है.
भारत के लिए क्या हैं इसके मायने?
सर क्रीक का दलदली इलाका रणनीतिक रूप से भारत और पाकिस्तान दोनों के लिए बेहद संवेदनशील माना जाता है. इतिहास में भी इस इलाके का इस्तेमाल घुसपैठ और ड्रग्स तस्करी के लिए होता रहा है. ऐसे में चीन और तुर्की की मदद से पाकिस्तान द्वारा इस इलाके में कमांडो, ड्रोन और एयर डिफेंस सिस्टम की भारी तैनाती भारत के लिए एक नई सुरक्षा चुनौती खड़ी करती है. हालांकि, भारतीय नौसेना, तटरक्षक बल और सीमा सुरक्षा बल भी इस पूरे इलाके में पावरफुल हथियारों के साथ एक्टिव हैं.