नई दिल्ली. नेशनल स्टॉक एक्सचेंज (एनएसई) के शेयर आखिरकार गुरुवार को शेयर बाजार में लिस्ट हो गए और पहले ही दिन अपने निवेशकों को 5 फीसदी का दमदार रिटर्न भी दे दिया. लिस्टिंग के साथ ही आई इस तेजी की वजह से कंपनी शेयर बाजार की 10 सबसे मूल्यवान कंपनियों की सूची में भी शामिल हो गई. एनएसई मार्केट कैप के लिहाज से फिलहाल बीएसई पर लिस्टेड कंपनियों की सूची में 10वें पायदान पर पहुंच गई है.
बीएसई पर लिस्टेट कंपनियों के मार्केट कैप पर नजर डालें तो पता चलता है कि लिस्टिंग के बाद एनएसई का बाजार मूल्यांकन 4,54,966.88 करोड़ रुपये रहा. इस मार्केट कैप के साथ यह बाजार मूल्यांकन के लिहाज से शीर्ष 10 मूल्यवान कंपनियों में शामिल हो गई है. एनएसई के शेयर आज 1,800 रुपये पर सूचीबद्ध हुए, जो 1,785 रुपये के आईपीओ मूल्य से 0.84 फीसदी अधिक है. कारोबार के दौरान शेयर 5.21 फीसदी बढ़कर 1,878 रुपये तक पहुंच गया था.
बाजार की 10 सबसे बड़ी कंपनियां
बीएसई के आंकड़ों के अनुसार, शीर्ष 10 कंपनियों में रिलायंस इंडस्ट्रीज का बाजार मूल्यांकन 16,67,750.07 करोड़ रुपये रहा है. इसके बाद भारती एयरटेल 11,32,338.92 करोड़ रुपये, एचडीएफसी बैंक 11,26,035.78 करोड़ रुपये, आईसीआईसीआई बैंक 9,57,570.88 करोड़ रुपये, एसबीआई 9,12,415.14 करोड़ रुपये, टीसीएस 7,57,627.53 करोड़ रुपये, बजाज फाइनेंस 6,15,435.85 करोड़ रुपये, लार्सन एंड टुब्रो 5,32,457.60 करोड़ रुपये, एलआईसी 5,13,716.31 करोड़ रुपये और एनएसई 4,54,966.88 करोड़ रुपये के का नंबर आता है. एनएसई अब इस सूची में 10वें पायदान पर है.
एचयूएल और सन फार्मा से भी आगे
एनएसई का कुल मार्केट कैप 4,54,845.62 करोड़ रुपये के बाजार पूंजीकरण वाली हिंदुस्तान यूनिलीवर और 4,46,985.57 करोड़ रुपये के बाजार पूंजीकरण वाली सन फार्मा से आगे है. एनएसई के प्रतिद्वंद्वी बीएसई का बाजार मूल्यांकन 1,31,946.42 करोड़ रुपये है. इसका मतलब है कि बीएसई के मुकाबले एनएसई करीब साढ़े तीन गुना ज्यादा बड़ी कंपनी बन गई है. एनएसई के 22,569 करोड़ रुपये के आईपीओ को सोमवार को बोली के अंतिम दिन करीब छह गुना सब्सक्रिप्शन मिला था. इसमें खुदरा निवेशकों के साथ संस्थागत खरीदारों की मजबूत हिस्सेदारी दिखी थी.
एनएसई बन गया दूसरा सबसे बड़ा आईपीओ
एनएसई का यह आईपीओ साल 2024 में आए ह्यूंडई मोटर इंडिया के 27,870 करोड़ रुपये के आईपीओ के बाद देश का दूसरा सबसे बड़ा आईपीओ था. इसने साल 2022 में आए एलआईसी के 21,000 करोड़ रुपये के आईपीओ को पीछे छोड़ दिया है. हालांकि, आने वाले समय में कुछ कंपनियां इससे भी बड़े आईपीओ बाजार में उतारने की तैयारी कर रही हैं.