रक्षा मामलों की संसदीय स्थायी समिति की बैठक में मंगलवार को सैनिक स्कूलों को लेकर नेता प्रतिपक्ष राहुल गांधी और सत्ता पक्ष के सांसदों के बीच तीखी बहस देखने को मिली. सूत्रों के मुताबिक, राहुल गांधी ने बैठक में आरोप लगाया कि राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ (RSS) से जुड़े लोग सैनिक स्कूलों का ‘टेकओवर’ कर रहे हैं और इस मुद्दे को गंभीरता से उठाने की जरूरत है.
राहुल गांधी के इस आरोप पर समिति के अध्यक्ष राधा मोहन सिंह ने उनसे कहा कि अगर उनके पास इस संबंध में कोई ठोस दस्तावेज या तथ्य हैं तो वे समिति के सामने रखें. अध्यक्ष ने कहा कि उपलब्ध कराए गए दस्तावेज संबंधित मंत्रालय को भेजे जाएंगे और आरोपों की जांच कराई जाएगी.
सुधांशु त्रिवेदी ने पूछा आरोप का आधार
इस बैठक के दौरान बीजेपी सांसद सुधांशु त्रिवेदी ने राहुल गांधी से सवाल किया कि वे किस आधार पर यह आरोप लगा रहे हैं कि सैनिक स्कूलों में RSS का प्रभाव बढ़ाया जा रहा है. सूत्रों के अनुसार, इस सवाल के बाद कांग्रेस और सत्ता पक्ष के सदस्यों के बीच तीखी नोकझोंक शुरू हो गई और कुछ देर के लिए बैठक का माहौल काफी गर्म हो गया.
बीजेपी सांसदों ने यह भी कहा कि PPP (पब्लिक-प्राइवेट पार्टनरशिप) मॉडल के तहत जिन संस्थाओं को नए सैनिक स्कूलों का संचालन सौंपा गया है, उनका RSS से कोई संबंध नहीं है. उनका कहना था कि बिना तथ्यात्मक आधार के ऐसे आरोप नहीं लगाए जाने चाहिए.
अध्यक्ष ने फिर शांत कराया मामला
स्थिति को बिगड़ता देख समिति के अध्यक्ष राधा मोहन सिंह ने दखल देते हुए सभी सदस्यों से शांत रहने की अपील की. उन्होंने कहा कि समिति किसी भी दावे या आरोप को तथ्यों के आधार पर ही देखेगी. अगर राहुल गांधी दस्तावेज उपलब्ध कराते हैं तो उन्हें संबंधित मंत्रालय के पास भेजकर स्पष्टीकरण मांगा जाएगा.
अध्यक्ष के हस्तक्षेप के बाद बैठक का माहौल सामान्य हुआ और आगे की कार्यवाही जारी रही.
राहुल गांधी ने बैठक के बाद क्या कहा?
रक्षा मामलों की संसदीय स्थायी समिति की बैठक से निकलने के बाद राहुल गांधी से जब पत्रकारों ने अंदर हुई चर्चा के बारे में सवाल किया तो उन्होंने टिप्पणी करने से इनकार कर दिया. उन्होंने सिर्फ इतना कहा, ‘मुझे बैठक के अंदर क्या हुआ, यह बताने की अनुमति नहीं है.’ इसके बाद वह दूसरे कार्यक्रम में शामिल होने के लिए रवाना हो गए, जबकि रक्षा समिति की बैठक जारी रही.
PPP मॉडल और सैनिक स्कूलों पर विवाद
सूत्रों के मुताबिक, बैठक में यह भी चर्चा हुई कि PPP मॉडल के तहत संचालित सैनिक स्कूलों की सूची और उन्हें संचालित करने वाली संस्थाओं की जानकारी की समीक्षा की जाएगी. सूत्रों का दावा है कि करीब 70 सैनिक स्कूलों का संचालन विद्या भारती, सरस्वती शिशु मंदिर समेत विभिन्न संस्थाओं को सौंपा गया है.
हालांकि, इन संस्थाओं और RSS के संबंधों को लेकर अलग-अलग राजनीतिक दावे किए जा रहे हैं. फिलहाल समिति अध्यक्ष ने स्पष्ट किया है कि किसी भी निष्कर्ष पर पहुंचने से पहले उपलब्ध तथ्यों और दस्तावेजों की जांच कराई जाएगी.