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ट्रंप और जिनपिंग ने जो वाइन पी चीन और अमेरिका में वही सबसे ज्यादा बिकती है…


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Sparkling Wine : चीन और अमेरिका के राष्ट्रपतियों ने जब व्हाइट हाउस में डिनर किया तो उनके हाथ में स्पार्कलिंग वाइन का ग्लास था. इसके बाद से ही इस वाइन की चर्चा शुरू हो गई. आखिर इसमें ऐसा क्या खास था जो दोनों नेताओं ने इसे ही अपनी बातचीत का हिस्सा बनाया.

ट्रंप और जिनपिंग ने जो वाइन पी, चीन और अमेरिका में वही सबसे ज्यादा बिकती हैZoom

अमेरिका और चीन में स्पार्कलिंग वाइन का सबसे बड़ा कारोबार है.

नई दिल्ली. अमेरिका के राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप और चीन के राष्ट्रपति शी जिनपिंग ने व्हाइट हाउस में डिनर के दौरान स्पार्कलिंग वाइन का आनंद उठाया. वैसे तो इस वाइन की खपत दुनिया में काफी ज्यादा होती है, लेकिन दोनों नेताओं ने जब इससे भरे ग्लास आपस में टकराए तो उसकी गूंज दुनियाभर में सुनी गई. ट्रंप या जिनपिंग के हाथ में स्पार्कलिंग वाइन देखकर सभी के मन में भी इसे जानने की ख्वाहिश जाग उठी. आखिर दोनों नेताओं ने इसी वाइन को क्यों चुना. इसकी कीमत अमूमन कितनी होती है और दुनिया में इसका कितना बड़ा बाजार है. इन सभी के जवाब खोजने की कोशिश करते हैं.

अमेरिका में बनने वाली स्पार्कलिंग वाइन यानी बुलबुले वाली वाइन का सबसे ज्यादा उत्पादन कैलिफोर्निया में होता है. इसके बनाने के लिए यीस्ट और शुगर को एकसाथ बोतल में रखकर फरमेंटेशन कराया जाता है. इससे कार्बन बनती है और बुलबुले वाली वाइन में बंद हो जाती है. बोतल को लंबे समय तक यीस्ट में रखा जाता है और धीरे-धीरे घुमाकर इसे ब्लेंड किया जाता है. इससे फ्लेवर और टेक्सचर में काफी बदलाव आता है. इसका दूसरा तरीका है कि इसे दबाव वाले स्टील टैंक में बनाया जाता है. इस तरीके से वाइन जल्दी बन जाती है लेकिन इसका स्वाद उतना बेहतर नहीं होता है.

कितनी है इस वाइन की कीमत
अगर स्पार्कलिंग वाइन की कीमत की बात करें तो यह 20 डॉलर से शुरू होकर 200 डॉलर तक जाती है. भारतीय रुपये में यह 1,800 रुपये से लेकर 18 हजार रुपये तक होगी. अगर यह वाइन इतनी ज्यादा प्रीमियम नहीं है तो फिर दोनों देशों के नेताओं ने आखिर इसी का चुनाव क्यों किया. इसका जवाब वाइन का बाजार देता है. आपको जानकर हैरानी होगी और दुनिया में स्पार्कलिंग वाइन का सबसे बड़ा बाजार अमेरिका और चीन में ही है. लिहाजा दोनों देशों के नेताओं ने अपने-अपने लोगों को यह संदेश दिया है कि उनकी यह बातचीत चीन और अमेरिकी जनता के पूरी तरह हित में जाएगी.

चीन और अमेरिका में कितना कारोबार
स्पार्कलिंग के कारोबार की बात करें तो अमेरिका इसका सबसे बड़ा बाजार है. साल 2025 में अमेरिका का स्पार्कलिंग वाइन का बाजार दुनिया के कुल बाजार का करीब 26 फीसदी हिस्सा था. दुनिया में स्पार्कलिंग वाइन का कुल बाजार करीब 75 अरब डॉलर यानी 7 लाख करोड़ रुपये के आसपास है. इसमें अमेरिका का बाजार 10 अरब डॉलर के आसपास रहा है, जबकि चीन का बाजार 6 अरब डॉलर के आसपास रहा है. ग्लोबल मार्केट में चीन के बाजार की कुल हिस्सेदारी 14 फीसदी से अधिक रही है. इन आंकड़ों से पता चलता है कि चीन और अमेरिका मिलकर ग्लोबल मार्केट का 40 फीसदी से ज्यादा हिस्सा कवर करते हैं.

About the Author

Pramod Kumar Tiwari

प्रमोद कुमार तिवारी को शेयर बाजार, इन्‍वेस्‍टमेंट टिप्‍स, टैक्‍स और पर्सनल फाइनेंस कवर करना पसंद है. जटिल विषयों को बड़ी सहजता से समझाते हैं. अखबारों में पर्सनल फाइनेंस पर दर्जनों कॉलम भी लिख चुके हैं. पत्रकारि…

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