नई दिल्ली (Tanaya Yadav Kathak Record). झुंझुनूं (राजस्थान) की तनाया यादव शास्त्रीय नृत्य, कराटे, कानून की पढ़ाई और लेखन को एक साथ लेकर चल रही हैं. वह आज की युवा पीढ़ी के लिए बड़ी मिसाल बन चुकी हैं. उन्होंने भारतीय शास्त्रीय नृत्य में विश्व रिकॉर्ड बनाया है. तनाया यादव ने महज 16 वर्ष 11 महीने 24 दिन की आयु में कथक में संगीत प्रभाकर की डिग्री पूरी की है. प्रयाग संगीत समिति ने 19 जून 2025 को इस डिग्री को प्रमाणित किया था.
संगीत प्रभाकर संगीत और नृत्य के क्षेत्र में बेहद महत्वपूर्ण औपचारिक योग्यता है. ज्यादातर विद्यार्थियों को इस स्तर तक पहुंचने में वर्षों की परीक्षाओं और मंच प्रस्तुतियों से गुजरना पड़ता है. लेकिन तनाया ने 17 वर्ष की आयु से पहले ही इसे पूरा कर लिया. इसके साथ ही वह कथक में यह डिग्री हासिल करने वाली सबसे कम उम्र की दर्ज व्यक्ति बन गई हैं. अक्सर माना जाता है कि शास्त्रीय कला या खेल को अपनाने के बाद पढ़ाई और करियर के लिए वक्त निकालना नामुमकिन होता है. लेकिन तनाया यादव ने यह मिथक तोड़ दिया है.
जयपुर घराने से ली ट्रेनिंग
कराटे में स्वर्ण पदक और अनूठी किताब से हुईं लोकप्रिय
कानून की पढ़ाई, स्टार्टअप और अन्य बहुमुखी उपलब्धियां
विदेश तक पहुंची तनाया की गूंज
तनाया यादव ने अमेरिकी दूतावास के अमेरिकन सेंटर में इंटर्नशिप के दौरान वैश्विक मुद्दों को हल करने वाली टेक्नीक्स पर प्रेजेंटेशन दी. उन्होंने लेगो पार्ट्स और कस्टम कोड की मदद से रोबोटिक्स मॉडल भी बनाए. जनवरी 2023 में उन्होंने नीति आयोग और एनर्जी स्वराज फाउंडेशन के साथ ग्लोबल क्लाइमेट असेंबली में टीम लीडर के तौर पर काम किया था. ब्रिटिश काउंसिल और आरआईडीएस की वर्चुअल समिट मीटिंग्स में भाग लेते हुए भारत की तरफ से कजाकिस्तान प्रतिनिधि के रूप में इन्वेंट्री, बजट और परिधान डिजाइन का काम भी संभाला था.
कथक के लिए बेहद खास है उनका रिकॉर्ड
कथक में डांस की तकनीक, भावनाओं को जाहिर करने की कला और इसकी शास्त्रीय बारीकियों की गहरी समझ होना बहुत जरूरी है. कई युवा नर्तकों को पढ़ाई, परिवार और अन्य एक्टिविटीज के बीच बैलेंस बनाने का दबाव झेलना पड़ता है. लेकिन तनाया का सफर दिखाता है कि कानून की पढ़ाई, खेल कॉम्पिटीशन और स्टार्टअप की शुरुआत के साथ भी शास्त्रीय मानकों को निभाना मुमकिन है. उनकी कहानी जयपुर घराना और संगीत प्रभाकर की तरफ ध्यान खींचती है.