kirti azad pistol license: पश्चिम बंगाल में टीएमसी और बीजेपी के बीच सियासी टकराव अब एक नए मोड़ पर पहुंच गया है. टीएमसी सांसद और पूर्व क्रिकेटर कीर्ति आजाद ने आत्मरक्षा के लिए लाइसेंसी पिस्तौल लेने की बात कही है. उन्होंने पार्टी नेताओं पर हो रहे अंडे फेंकने के मामलों को इसकी वजह बताया. उनके बयान पर बीजेपी के एक नेता ने भी तीखा पलटवार किया. उन्होंने कहा कि अगर आजाद हथियार रखने की बात करेंगे तो उन्हें बिहार भेज दिया जाएगा.
अंडों से परेशान होकर पिस्तौल तक पहुंचे आजाद
मीडिया में छपी खबर के मुताबिक, कीर्ति आजाद ने सोमवार, 17 अगस्त को अपने संसदीय क्षेत्र बर्धमान-दुर्गापुर में मीडिया से बात की. इसी दौरान उन्होंने आत्मरक्षा के लिए लाइसेंसी पिस्तौल लेने की बात कही. आजाद ने कहा कि हर किसी को अपनी रक्षा करने का अधिकार है. मौजूदा हालात को देखते हुए वह हथियार लाइसेंस के लिए आवेदन करेंगे. उन्होंने कहा कि उन्होंने सुरक्षा के लिए पिस्तौल को चुना है. उनके मुताबिक, यह फैसला किसी राजनीतिक दिखावे के लिए नहीं है. वह इसे अपनी और पार्टी के लोगों की सुरक्षा से जोड़कर देख रहे हैं. आजाद का कहना है कि टीएमसी नेताओं को लगातार निशाना बनाया जा रहा है.
‘स्कूलों में अंडे बंद, अब लोगों पर बरस रहे’
कीर्ति आजाद ने अंडों से हो रहे हमलों पर भी तंज कसा. उन्होंने कहा कि स्कूलों में अंडे देना बंद हो गया है, लेकिन अब लोगों पर अंडे फेंके जा रहे हैं. उन्होंने सवाल किया कि अंडे खाने के लिए हैं या लोगों पर फेंकने के लिए. टीएमसी नेता ने आरोप लगाया कि पार्टी नेताओं को डराने की कोशिश की जा रही है. उन्होंने कहा कि वह डरने वाले लोगों में से नहीं हैं. आजाद ने अपने क्रिकेट करियर का भी जिक्र किया. उन्होंने कहा कि उन्होंने भारत के लिए क्रिकेट खेला है और देश के सम्मान के लिए मैदान पर उतरे हैं.
टीएमसी नेताओं पर हो रहे ‘एग अटैक’
पश्चिम बंगाल की राजनीति में अंडे फेंकने की घटनाएं चर्चा में हैं. टीएमसी नेताओं ने इसे ‘एग थेरेपी’ नाम दिया है. रिपोर्टों के मुताबिक, पार्टी के कई नेताओं को सार्वजनिक कार्यक्रमों के दौरान अंडों का सामना करना पड़ा है. कीर्ति आजाद ने इन घटनाओं को सामान्य विरोध नहीं माना. उन्होंने आरोप लगाया कि इन हमलों के पीछे बीजेपी की भूमिका है. उनका दावा है कि इस तरह की घटनाओं का मकसद टीएमसी नेताओं को डराना और उन्हें लोगों के बीच जाने से रोकना है. हालांकि, बीजेपी की ओर से इन आरोपों को लेकर अलग राजनीतिक प्रतिक्रिया सामने आई है.
BJP नेता ने कहा- बिहार भेज देंगे
कीर्ति आजाद के पिस्तौल वाले बयान पर बीजेपी नेता चंद्रशेखर बनर्जी ने पलटवार किया. उन्होंने कहा कि अगर आजाद हथियार रखने की बात करते हैं तो उन्हें बिहार पहुंचा दिया जाएगा. यह बयान इसलिए भी चर्चा में आ गया क्योंकि कीर्ति आजाद की राजनीतिक पृष्ठभूमि बिहार से जुड़ी रही है. बीजेपी नेता की टिप्पणी सीधे आजाद के मूल राज्य की ओर इशारा करती है. इस बयान ने पहले से चल रही टीएमसी और बीजेपी की जुबानी जंग को और तेज कर दिया है.
बंगाल के हालात पर भी खूब बरसे
पिस्तौल के मुद्दे के साथ कीर्ति आजाद ने पश्चिम बंगाल के कानून-व्यवस्था के हालात पर भी सवाल उठाए. उन्होंने राज्य की स्थिति को बेहद खराब बताया. आजाद ने बीजेपी सरकार पर निशाना साधते हुए बंगाल के हालात की तुलना समुद्री लुटेरों वाले माहौल से कर दी. उन्होंने आरोप लगाया कि शहरों, घरों और सड़कों पर डर का माहौल है. आजाद ने यह भी कहा कि टीएमसी डरने वाली नहीं है. उनके इस बयान के बाद बीजेपी और टीएमसी के बीच राजनीतिक बयानबाजी और तेज होने के संकेत हैं.
ऋतब्रत बनर्जी पर भी निशाना
कीर्ति आजाद ने विधानसभा में विपक्ष के नेता ऋतब्रत बनर्जी को भी निशाने पर लिया. उन्होंने दावा किया कि उन्हें पता है कि ऋतब्रत ने क्या किया और फोन पर क्या बातचीत हुई. उन्होंने यह भी कहा कि किसके दबाव में क्या हुआ, इसकी जानकारी उन्हें है. यह बयान ऐसे समय आया है जब बंगाल में टीएमसी के भीतर भी खींचतान की खबरें सामने आ रही हैं. आजाद ने इस पूरे घटनाक्रम को लेकर आगे और बातें सामने आने का संकेत दिया है.
दुर्गा पूजा के बाद फिर सड़क पर टीएमसी
कीर्ति आजाद ने बताया कि पार्टी दुर्गा पूजा के बाद बड़े अभियान के साथ फिर सड़कों पर उतरेगी. सोमवार को उन्होंने अपने संसदीय क्षेत्र में कई जगहों का दौरा किया. उन्होंने पार्टी कार्यकर्ताओं के साथ बैठक की बात भी कही. उनके मुताबिक, मंगलवार को भी उनका कार्यक्रम है. यानी टीएमसी और बीजेपी के बीच राजनीतिक संघर्ष आने वाले दिनों में और तेज हो सकता है. अंडे फेंकने की घटनाओं से शुरू हुआ विवाद अब सुरक्षा, हथियार और कानून-व्यवस्था जैसे बड़े मुद्दों तक पहुंच चुका है.
कौन हैं कीर्ति आजाद?
कीर्ति आजाद पूर्व भारतीय क्रिकेटर हैं और 1983 विश्व कप जीतने वाली भारतीय टीम का हिस्सा रहे हैं. क्रिकेट के बाद उन्होंने राजनीति में कदम रखा. वह बिहार की दरभंगा सीट से लोकसभा सांसद भी रह चुके हैं. 2024 में उन्होंने टीएमसी के टिकट पर बर्धमान-दुर्गापुर सीट से लोकसभा चुनाव जीता. अब पश्चिम बंगाल की राजनीति में उनकी भूमिका काफी मुखर हो गई है. बीजेपी के खिलाफ उनके लगातार हमले और अब पिस्तौल के लाइसेंस वाले बयान ने उन्हें फिर चर्चा में ला दिया है. फिलहाल सवाल यही है कि अंडों के विरोध से शुरू हुई यह लड़ाई आगे कहां तक जाती है.